1. बाइबल कहती है: "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे उनके साथ बादलों पर उठा लिये जाएँगे कि हवा में प्रभु से मिलें; और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। हम मानते हैं कि एक बार जब परमेश्वर आ जाता है, तो बादलों में उससे मिलने हेतु, हमारा सीधे आकाश में स्वर्गारोहण हो जाएगा। आप गवाही देते हैं कि प्रभु वापस लौट आया है, तो हमारा स्वर्गारोहण क्यों नहीं हुआ है?

उत्तर :

हमें प्रभु की वापसी का स्वागत प्रभु यीशु की भविष्यवाणियों के आधार पर करना चाहिए—यही सबसे सही होगा। तुम किसके शब्दों का जिक्र कर रहे हो? प्रभु के वचन, या मनुष्य के शब्द? "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे उनके साथ बादलों पर उठा लिये जाएँगे कि हवा में प्रभु से मिलें" ऐसा पौलुस के द्वारा कहा गया था; न तो प्रभु यीशु और न ही पवित्र आत्मा ने कभी ऐसे वचन कहे। क्या पौलुस प्रभु यीशु की ओर से बोलता है? क्या उसके शब्द परमेश्वर के वचनों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं? केवल परमेश्वर ही यह रहस्य जानता है कि कैसे प्रभु अंत के दिनों के दौरान विश्वासियों को स्वर्गिक राज्य में ले जाएगा। अगर हम भ्रष्ट इंसान, आँख बंद करके ऐसी व्याख्या करने और निष्कर्ष निकालने की हिम्मत करते हैं, तो यह एक गंभीर समस्या है। पौलुस मसीह नहीं था, वह बस एक भ्रष्ट इंसान था। उसने जो कहा उसका परमेश्वर के वचनों में कोई आधार नहीं था, इसलिए इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह मनुष्य के कलंक और कल्पनाओं से भरा हुआ था। इस प्रकार, पौलुस के वचन सत्य नहीं हैं, और वे किसी भी प्रकार का आधार नहीं हो सकते हैं; प्रभु के आगमन का स्वागत करने का एकमात्र सही तरीका बाइबल में दर्ज परमेश्वर के वचनों के अनुसार चलना है।

आओ प्रभु यीशु ने जो कहा है उसे देखें : "हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। तेरा राज्य आए। तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो" (मत्ती 6:9-10)। प्रभु यीशु हमें स्पष्ट रूप से बता रहा है कि परमेश्वर का राज्य पृथ्वी पर है, आकाश में नहीं, और परमेश्वर की इच्छा स्वर्ग के समान पृथ्वी पर भी पूरी होगी। आओ, अब हम प्रकाशितवाक्य 21:2-3 देखें : "फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग से परमेश्‍वर के पास से उतरते देखा। वह उस दुल्हिन के समान थी जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो। फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊँचे शब्द से यह कहते हुए सुना, 'देख, परमेश्‍वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है। वह उनके साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्‍वर आप उनके साथ रहेगा और उनका परमेश्‍वर होगा।'" और प्रकाशितवाक्य 11:15 में कहा गया है : "जगत का राज्य हमारे प्रभु का और उसके मसीह का हो गया, और वह युगानुयुग राज्य करेगा।" इन भविष्यवाणियों में, यह उल्लेख कि "परमेश्‍वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है," "फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग से परमेश्‍वर के पास से उतरते देखा," और "जगत का राज्य हमारे प्रभु का और उसके मसीह का हो गया" पर्याप्त रूप से साबित करता है कि परमेश्वर का राज्य पृथ्वी पर है। वह मनुष्य के साथ पृथ्वी पर रहेगा, और संसार के राज्य, सदा-सर्वदा के लिए मसीह का राज्य बन जाएँगे। हमारी धारणाओं और कल्पनाओं के अनुसार, परमेश्वर का राज्य स्वर्ग में है, और जब प्रभु आएगा, तो वह हमें स्वर्ग में उठा ले जाएगा। यदि ऐसा हो, तो परमेश्वर के वचन कैसे पूरे होंगे? वास्तव में, मानव जाति के उद्धार के लिए परमेश्वर की प्रबंधन योजना की अंतिम उपलब्धि, पृथ्वी पर परमेश्वर के राज्य की रचना है। अंत के दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, पृथ्वी पर विजेताओं का एक समूह बनाने के लिए, मनुष्य का न्याय करने और उसे शुद्ध करने का कार्य करता है; ये विजेता, जो परमेश्वर द्वारा बचाए गए और पूरे किए गए हैं, वे लोग हैं जो परमेश्वर के वचनों का अभ्यास करते हैं और पृथ्वी पर परमेश्वर के मार्ग का अनुसरण करते हैं—वे परमेश्वर के राज्य के लोग हैं। जब इन विजेताओं को पूरा किया जाएगा, तो पृथ्वी पर परमेश्वर की इच्छा पूरी होगी, जिसके बाद पृथ्वी पर मसीह का राज्य साकार होगा, और परमेश्वर पूर्ण रूप से महिमामंडित होगा। अंततः परमेश्वर प्रकाशितवाक्य की पुस्तक की भविष्यवाणियों को पूरा करना चाहता है—क्या तुम वास्तव में यह तथ्य नहीं देख पाते?

शायद कुछ लोग पूछें, यदि राज्य पृथ्वी पर है, तो प्रभु यीशु ने क्यों कहा, "मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)? प्रभु यीशु पुनरुत्थान के बाद स्वर्ग में हमारे लिए स्थान तैयार करने के लिए आरोहित हुआ था, तर्क तो यही कहता है कि यह स्थान भी स्वर्ग में होना चाहिए—इन वचनों को कैसे समझा जाए? यह कहना उचित है कि कोई भी प्रभु की भविष्यवाणियों की थाह नहीं ले सकता। प्रभु यीशु के वचन वास्तव में किसे संदर्भित कर रहे हैं, यह हम तभी समझ पाते हैं जब हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार लेते हैं और उसके कार्य की पूर्णता के तथ्यों को देख लेते हैं। प्रभु का हमारे लिए स्थान तैयार करना, परमेश्वर के अंत के दिनों में पृथ्वी पर बोलने और कार्य करने के लिए देहधारी होने को संदर्भित करता है। उसने यह भी पूर्वनिर्धारित किया था कि हम अंत के दिनों के दौरान पैदा होंगे, और जब वह प्रकट होकर अपना कार्य करेगा तो हमें परमेश्वर के सिंहासन के सामने उठाया जाएगा, ताकि हम परमेश्वर के वचनों के न्याय और शुद्धिकरण को स्वीकार करें, और आपदाओं के आने से पहले विजेता बनाए जाएँ। प्रभु द्वारा हमें लेने आने की प्रक्रिया, हमें शुद्ध करने और पूर्ण करने की प्रक्रिया है। हम परमेश्वर के वचन खाते-पीते हैं, और उनका आनंद लेते हैं, हम परमेश्वर के कार्य का अनुभव करते हैं, और परमेश्वर के साथ भोज में शामिल होते हैं—क्या यह हमारा प्रभु से मिलना नहीं है? जब परमेश्वर के कार्य के समाप्त होने का दिन आएगा, और हम शुद्ध और पूर्ण होंगे, तो हमें परमेश्वर के राज्य में लाया जाएगा। उस समय, पृथ्वी के राज्य मसीह का राज्य बन जाएँगे, मसीह इस राज्य में राज करेगा, और हम परमेश्वर के वे लोग होंगे जो उसके राज्य में उसकी आराधना करते हैं। क्या यह प्रभु के इन वचनों को पूरा नहीं करता है, "तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो"? परमेश्वर का राज्य पृथ्वी पर बना है, यह परमेश्वर का आदेश है कि हम पृथ्वी पर रहेंगे। क्या ऊपर स्वर्ग में जाने का हमारा हठ, परमेश्वर के कार्य और उसकी इच्छा के विपरीत नहीं है?

तो आखिर स्वर्गारोहण का क्या मतलब है? ज्यादातर लोग इसे लेकर स्पष्ट नहीं थे। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के आने के बाद ही स्वर्गारोहण का यह रहस्य हमारे सामने यह कहते हुए प्रकाशित किया गया : "'उठाया जाना' निचले स्थान से किसी ऊँचे स्थान पर ले जाया जाना नहीं है जैसा कि लोग सोच सकते हैं; यह एक बहुत बड़ी मिथ्या धारणा है। 'उठाया जाना' मेरे द्वारा पूर्वनियत और फिर चयनित किए जाने को इंगित करता है। यह उन सभी के लिए है जिन्हें मैंने पूर्वनियत और चयनित किया है। उठाए गए लोग वे सभी लोग हैं जिन्होंने पहलौठे पुत्रों या पुत्रों का स्तर प्राप्त कर लिया है या जो परमेश्वर के लोग हैं। यह लोगों की धारणाओं के बिलकुल भी संगत नहीं है। वे सभी लोग जिन्हें भविष्य में मेरे घर में हिस्सा मिलेगा, ऐसे लोग हैं जो मेरे सामने उठाए जा चुके हैं। यह एक सम्पूर्ण सत्य है, कभी न बदलने वाला और जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। यह शैतान के विरुद्ध एक जवाबी हमला है। जिस किसी को भी मैंने पूर्वनियत किया है, वह मेरे सामने उठाया जाएगा" ("वचन देह में प्रकट होता है" में 'आरंभ में मसीह के कथन' के 'अध्याय 104')। सर्वशक्तिमान परमेश्वर स्पष्ट रूप से कहता है कि "स्वर्गारोहण" वैसा नहीं है जैसी हम कल्पना करते हैं—इसका मतलब यह नहीं है कि हम जमीन से ऊपर हैं और प्रभु से मिलने के लिए बादलों में उठाए गए हैं, इसका मतलब यह तो और भी नहीं है कि हम ऊपर स्वर्ग में उठाए गए हैं। इसके बजाय, यह हमारे द्वारा परमेश्वर की वाणी सुनने, परमेश्वर का अनुसरण करने, उसके अंत के दिनों के कार्य को स्वीकारने और उसका पालन करने, और उस समय मेमने के नक्शेकदम पर चलने को संदर्भित करता है जब अंत के दिनों में परमेश्वर प्रकट होने, बोलने और कार्य करने के लिए देहधारण करता है। परमेश्वर के सिंहासन के सामने उठाए जाने का सही अर्थ यही है। वे सभी जो परमेश्वर की वाणी को पहचानने में सक्षम हैं, और जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के बीच, सत्य की खोज करके, उसे स्वीकार करके सर्वशक्तिमान परमेश्वर की ओर मुड़ सकते हैं, वे बुद्धिमान कुँवारियाँ हैं, वे सभी "सोना, चाँदी और कीमती रत्न" हैं, जिन्हें प्रभु द्वारा "चुराया गया" था और जिन्हें परमेश्वर के घर लौटा दिया गया है। ये सभी लोग सत्य को समझने और स्वीकारने में सक्षम हैं, और परमेश्वर की वाणी समझते हैं, और ये वे हैं जो वास्तव में परमेश्वर के सामने उठाए जाते हैं। जब से सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने अंत के दिनों का कार्य करना शुरू किया है, परमेश्वर के प्रकटन की वास्तव में लालसा करने वाले अधिक से अधिक लोगों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों में परमेश्वर की वाणी को पहचान लिया है। उनमें से प्रत्येक ने परमेश्वर के अंत के दिनों के न्याय-कार्य को स्वीकार किया है, उन्हें परमेश्वर के आमने-सामने, उसके सिंहासन के समक्ष लाया गया है, उन्होंने परमेश्वर के वचनों का सिंचन और पोषण स्वीकार लिया है, उनके पास परमेश्वर का सच्चा ज्ञान है, उन्हें उनके भ्रष्ट स्वभावों से परिशुद्ध कर दिया गया है, और वे परमेश्वर के वचनों की वास्तविकता को जीते हैं। इन लोगों को आपदाओं से पहले विजेता बना दिया गया है, वे परमेश्वर द्वारा प्राप्त किए जाने वाले प्रथम फल बन गए हैं। जो लोग अपनी धारणाओं और कल्पनाओं से चिपके रहते हैं, जो मूर्खतापूर्वक प्रभु के आने और उसके द्वारा स्वर्ग में उठाए जाने की प्रतीक्षा करते हैं, और जो परमेश्वर के अंत के दिनों के न्याय-कार्य को स्वीकारने से इनकार करते हैं—वे मूर्ख कुंवारियाँ हैं, परमेश्वर उन्हें त्याग देगा, और उनका फूट-फूटकर रोते हुए और दाँत पीसते हुए तबाही के शिकार होना तय है। यह एक तथ्य है।

2. पहले, पादरी लोग अक्सर उपदेश देते थे कि जब प्रभु आएगा, तो आपदाओं से पहले ही हमारा स्वर्गारोहण हो जाएगा, लेकिन अब हम हर तरह की बड़ी आपदा को धरती पर आते हुए देख रहे हैं और हमारा स्वर्गारोहण नहीं हुआ है। पादरियों का कहना है कि हमारे स्वर्गारोहण के नहीं होने का मतलब है कि प्रभु अभी तक लौटा नहीं है, कि आपदाओं के बीच प्रभु हमारे सामने प्रकट होगा, और हम आपदाओं के दौरान स्वर्गारोहण करेंगे। मुझे समझ में नहीं आता: क्या हमारा स्वर्गारोहण आपदाओं से पहले किया जाएगा, या उनके दौरान?

उत्तर :

प्रभु के आने पर विश्वासियों के स्वर्गारोहण के सवाल पर कई पादरियों और बाइबल के व्याख्याताओं ने यह निर्धारित किया है कि प्रभु आएगा और आपदाएँ आने से पहले विश्वासी स्वर्गारोहित होंगे। लेकिन आज, बड़ी-बड़ी आपदाएँ आ चुकी हैं और धार्मिक जगत के लोग स्वर्गारोहित नहीं हुए हैं; इसने कई लोगों को भ्रमित कर दिया है, और इस मामले में धार्मिक पादरी कहते हैं, "आपदाओं से पहले हमारा स्वर्गारोहित न होना दर्शाता है कि प्रभु आपदाओं से पहले नहीं आया है। हम दृढ़तापूर्वक कहते हैं कि आपदाओं के दौरान प्रभु निश्चित रूप से हमारे सामने आएगा, इसलिए हम आपदाओं के दौरान स्वर्गारोहित किए जाने की प्रतीक्षा करेंगे।" यह धर्म में सबसे आम तर्क है। क्या ऐसे विचार सही हैं? क्या उनका परमेश्वर के वचनों में कोई आधार है? क्या ऐसा हो सकता है कि चूँकि धार्मिक जगत के लोग आपदाओं से पहले स्वर्गारोहित नहीं किए गए हैं, और उन्होंने प्रभु को सफेद बादल पर उतरते नहीं देखा है, इसलिए इससे यह साबित होता है कि प्रभु नहीं आया है? जब प्रभु यीशु ने प्रकट होकर अपना कार्य किया, तो यहूदी धर्म के मुख्य याजकों, शास्त्रियों और फरीसियों ने उन्हें नहीं पहचाना, और उन्होंने उसके प्रकटन और कार्य को नकार दिया; उन्होंने मसीहा का स्वागत नहीं किया, इसलिए उन्होंने कहा कि वह अभी तक नहीं आया है। क्या ये धार्मिक पादरी वही गलती नहीं कर रहे, जो वर्षों पहले फरीसियों ने की थी? क्या सनक में आकर पवित्रशास्त्र के एक या दो पदों के आधार पर यह तय करके कि प्रभु कब आएगा, वे बाइबल की गलत व्याख्या नहीं कर रहे? आज, आपदाएँ पहले ही आ चुकी हैं, प्रभु निस्संदेह एक सफेद बादल पर खुले तौर पर नहीं आया है—यह तथ्य है। लेकिन हमने देखा है कि पूर्व में ऐसे लोग हैं, जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकटन और कार्य की गवाही देते हैं, जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए सभी सत्यों की गवाही देते हैं और उनका प्रसार करते हैं, और कि एक महान प्रकाश की तरह, वे पूरब से पूरे पश्चिम तक तेजी से फैल गए हैं, और ऐसा करके उन्होंने सीसीपी शासन के घोर दमन और उत्पीड़न को भड़का दिया है, और दुनिया भर को झकझोर दिया है। क्या धार्मिक जगत में वास्तव में ऐसा कोई नहीं है, जो यह तथ्य देख सके? यह प्रभु यीशु की इस भविष्यवाणी को सटीकता से पूरा करता है : "क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्‍चिम तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य के पुत्र का भी आना होगा" (मत्ती 24:27)।

आपदाओं से पहले प्रभु प्रकट होते हैं और अपना कार्य करते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं। प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में कहा गया है, "फिलदिलफिया की कलीसिया के दूत को यह लिख : 'जो पवित्र और सत्य है, और जो दाऊद की कुंजी रखता है, जिसके खोले हुए को कोई बन्द नहीं कर सकता और बन्द किए हुए को कोई खोल नहीं सकता, वह यह कहता है कि मैं तेरे कामों को जानता हूँ; देख, मैं ने तेरे सामने एक द्वार खोल रखा है, जिसे कोई बन्द नहीं कर सकता; तेरी सामर्थ्य थोड़ी सी तो है, फिर भी तू ने मेरे वचन का पालन किया है और मेरे नाम का इन्कार नहीं किया। देख, मैं शैतान के उन सभावालों को तेरे वश में कर दूँगा जो यहूदी बन बैठे हैं, पर हैं नहीं वरन् झूठ बोलते हैं–देख, मैं ऐसा करूँगा कि वे आकर तेरे पैरों पर गिरेंगे, और यह जान लेंगे कि मैं ने तुझ से प्रेम रखा है। तू ने मेरे धीरज के वचन को थामा है, इसलिये मैं भी तुझे परीक्षा के उस समय बचा रखूँगा जो पृथ्वी पर रहनेवालों के परखने के लिये सारे संसार पर आनेवाला है। मैं शीघ्र ही आनेवाला हूँ; जो कुछ तेरे पास है उसे थामे रह कि कोई तेरा मुकुट छीन न ले। जो जय पाए उसे मैं अपने परमेश्‍वर के मन्दिर में एक खंभा बनाऊँगा, और वह फिर कभी बाहर न निकलेगा; और मैं अपने परमेश्‍वर का नाम और अपने परमेश्‍वर के नगर अर्थात् नये यरूशलेम का नाम, जो मेरे परमेश्‍वर के पास से स्वर्ग पर से उतरनेवाला है, और अपना नया नाम उस पर लिखूँगा।'" (प्रकाशितवाक्य 3:7-12)। ये सभी वचन पूरे हुए हैं। अंत के दिनों के दौरान, फिलाडेल्फिया की कलीसिया वह कलीसिया है, जो आपदाओं से पहले स्वर्गारोहित की जाती है, और वे सभी स्वर्गारोहित किए जाते हैं जो परमेश्वर के सामने लौटते हैं, क्योंकि उन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के बहुत-से कथन पढ़े हैं और परमेश्वर की वाणी सुनी है। यह परमेश्वर के इन वचनों को पूरा करता है : "आधी रात को धूम मची: 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो'" (मत्ती 25:6)। "मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं" (यूहन्ना 10:27)। "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ" (प्रकाशितवाक्य 3:20)। सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करने वाले ये लोग प्रतिदिन परमेश्वर के वचन खाते-पीते हैं और मेमने के विवाह-भोज में बैठते हैं। सत्य से प्रेम और उसका अनुसरण करने वाले सभी लोगों ने परमेश्वर के न्याय, ताड़ना, परीक्षणों और शोधन का अनुभव किया है, और उन्हें विजेता बनाया गया है—वे बुद्धिमान कुँवारियाँ हैं, जो प्रभु का स्वागत करती हैं। इस बीच, जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करने से इनकार करते हैं, वे मूर्ख कुँवारियाँ हैं; वे परमेश्वर की वाणी नहीं पहचानते, उन्होंने प्रभु के आगमन का स्वागत करने का अपना मौका गँवा दिया है, और इसलिए वे त्याग दिए गए हैं और आपदाओं में डूब गए हैं। लेकिन जब बड़ी आपदाओं की बारिश शुरू हो जाती है, तो कुछ लोग आपदाओं के बीच परमेश्वर की वाणी सुनते हैं, वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकटन और कार्य की गवाही देखते हैं, और वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करते हैं। आज, कई धार्मिक लोग सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य की जाँच कर रहे हैं, वे मानते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन परमेश्वर की वाणी हैं, और अधिक से अधिक लोग सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार कर रहे हैं। ये वे लोग हैं, जो आपदाओं के दौरान स्वर्गारोहित किए जाते हैं।

पिछला: 2. हमने हमेशा यह माना है कि प्रभु यीशु में हमारे विश्वास के माध्यम से हमारे पापों के लिए क्षमा पाना, उद्धार की कृपा को प्राप्त करना है, फिर भी आप कहते हैं कि "बचाए जाने" का अर्थ सच्चा उद्धार नहीं है। तो फिर बचाए जाने का क्या अर्थ है, और पूरी तरह से बचाए जाने का क्या मतलब है? बचाए जाने और पूरी तरह से बचाए जाने के बीच सारभूत अंतर क्या है?

अगला: 1. आप कहते हैं कि हमें अंतिम दिनों के परमेश्वर के न्याय के कार्य को स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि केवल तभी हमारे भ्रष्ट शैतानी स्वभावों को शुद्ध और परिवर्तित किया जाएगा, और उसके बाद ही हम परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करेंगे। इसलिए, जैसा कि परमेश्वर द्वारा अपेक्षित है, हम विनम्र और सहनशील हैं, हम अपने शत्रुओं से प्रेम करते हैं, हम अपने क्रूस को सहन करते हैं, हम अपने शरीर को अनुशासित करते हैं, हम सांसारिक चीज़ों को त्यागते हैं, हम काम करते हैं और प्रभु के लिए प्रचार करते हैं, इत्यादि। क्या ये सभी वो परिवर्तन नहीं जो हमारे अंदर हुए हैं? क्या आप कह रहे हैं कि स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए यह फिर भी पर्याप्त नहीं है? मेरा मानना है कि जब तक हम इस तरह से प्रयास करते रहेंगे, हम पवित्र होने लगेंगे और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेंगे।

सभी विश्वासी यीशु मसीह की वापसी के लिए तरस रहे हैं। क्या आप उनमें से एक हैं? हमारी ऑनलाइन सहभागिता में शामिल हों और आपको परमेश्वर से फिर से मिलने का अवसर मिलेगा।

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1. प्रभु ने हमसे यह कहते हुए, एक वादा किया, "मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। प्रभु यीशु पुनर्जीवित हुआ और हमारे लिए एक जगह तैयार करने के लिए स्वर्ग में चढ़ा, और इसलिए यह स्थान स्वर्ग में होना चाहिए। फिर भी आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आया है और पृथ्वी पर ईश्वर का राज्य स्थापित कर चुका है। मुझे समझ में नहीं आता: स्वर्ग का राज्य स्वर्ग में है या पृथ्वी पर?

संदर्भ के लिए बाइबल के पद :"हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। तेरा राज्य आए। तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी...

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