
वचन देह में प्रकट होता है, खंड 7
सत्य के अनुसरण के बारे मेंवचन देह में प्रकट होता है, खंड 7। सत्य के अनुसरण के बारे में सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों के मसीह द्वारा कलीसियाओं के साथ की गई विशेष संगति और उसके उपदेश शामिल हैं। ये उपदेश और संगति स्पष्ट और पारदर्शी ढंग से समझाते हैं कि सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ और महत्व है, वे सत्य के अनुसरण के बारे में मनुष्य की विभिन्न भ्रांतियों और विकृत समझ को प्रकट करते हैं, साथ ही मनुष्य के विभिन्न गलत विचारों, दृष्टिकोणों और धारणाओं और कल्पनाओं को प्रकट कर उनका गहन विश्लेषण और पहचान भी करते हैं। इसके अलावा, ये उपदेश और संगति मनुष्य को सत्य का अनुसरण करने और वास्तविकता में प्रवेश करने का मार्ग भी बताते हैं। उद्धार प्राप्त करने के लिए सत्य का अनुसरण करने वाले लोगों के वास्ते ये सत्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
अंत के दिनों के मसीह के कथन
- सत्य का अनुसरण करने का पहला अभ्यास : त्याग देना
- अपने और परमेश्वर के बीच की बाधाओं और परमेश्वर के प्रति अपनी शत्रुता को त्याग देना
- सत्य का अनुसरण करने का पहला अभ्यास : त्याग देना
- सत्य का अनुसरण करने का पहला अभ्यास : त्याग देना
- अपने और परमेश्वर के बीच की बाधाओं और परमेश्वर के प्रति अपनी शत्रुता को त्याग देना
- I. परमेश्वर के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना : परमेश्वर के कार्य के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना
- अपने और परमेश्वर के बीच की बाधाओं और परमेश्वर के प्रति अपनी शत्रुता को त्याग देना
- सत्य का अनुसरण करने का पहला अभ्यास : त्याग देना