जीवन के अनुभवों की गवाहियाँ
अधिकइंसानियत के साथ जीने के लिए सत्य का अभ्यास करें
मैं सोचती थी कि अपना कर्तव्य निभा कर, भाई-बहनों के साथ मिल-जुल कर और प्रत्यक्ष रूप से पाप न करके मैं इंसानियत के साथ जी रही हूँ। लेकिन परमेश्वर के वचन…
जीने का शानदार तरीका
बचपन में मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया था कि दूसरों के सामने ज्यादा खुलकर मत बोलो और कभी किसी को नाराज या परेशान मत करो, यही जीवन का फलसफा है। इसलिए म…
दिखावा, अब और नहीं
मुझे याद है, 2018 में मैं कलीसिया में सुसमाचार का काम करता था, बाद में मुझे उस काम का प्रभारी बना दिया गया। मैं अपने भाई-बहनों के कामों में समस्याओं औ…
आखिरकार मैं अपने बारे में सच जान पायी
2018 में बहन झांग और बहन लियू के साथ मैं कलीसिया में आलेखों के अनुवाद का काम करती थी। हमारी बहुत अच्छी निभती थी। एक सभा के दौरान, हमने इस बात पर संगति…
यातना की गवाहियाँ
अधिकअटूट आस्था
मेंग योंग, चीन दिसंबर 2012 में, मैं और कई भाई और बहनें सुसमाचार के प्रचार-प्रसार के किए एक स्थान पर गए। कुछ दुष्टों ने इस बारे मेँ सूचना दे दी। थोड़ी …
शैतान के प्रलोभनों पर विजयी
चेन लू, चीन यह दिसंबर 2012 की बात है, जब मैं सुसमाचार फैलाने के लिए शहर से बाहर गई हुई थी। एक सुबह जब मैं दर्जन भर से ज्यादा अन्य भाई-बहनों के साथ एक…
कष्ट परमेश्वर के आशीष हैं
वांगगांग, चीन 2008 की सर्दियों की एक दोपहर, जब दो बहनें और मैं सुसमाचार के एक लक्ष्य-समूह में, अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य का प्रचार कर रहे थे,…
जेल में गुजरा युवावस्था का प्रथम काल
चेंग्शी, चीन हर कोई कहता है कि हमारे यौवन के प्रथम वर्ष हमारे जीवन का सबसे शानदार और सबसे निर्मल समय होता है। शायद कई लोगों के लिए, वे वर्ष खूबसूरत य…
परमेश्वर के लौटने की गवाहियाँ
अधिकअंत के दिनों में परमेश्वर के उद्धार को स्वीकार करने के बाद, हम एक नया जीवन प्राप्त करते हैं
झुई क्यू, मलेशिया मैं एक ब्यूटिशन हूँ और मेरे पति एक किसान हैं; हमारी मुलाक़ात मलेशिया में नारंगी उछालने के उस एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी जो प्रे…
"28 मई" की अफ़वाह से उत्पन्न खलबलियाँ (भाग 1)
ज़िन्गव्यू, फ्रांस पहली बार जब मैंने यह अफ़वाह सुनी तो मेरे दिल पर एक अँधेरा छा गया था मेरी माँ एक श्रद्धालु ईसाई है। जब से मैं चीज़ों को समझने के लायक…
आवारा पुत्र की वापसी
लेखिका: रूथ, अमेरिका मैं दक्षिणी चीन के एक छोटे-से शहर में पैदा हुई। मेरी मॉम की तरफ के खानदान में पड़नानी के ज़माने से परमेश्वर में विश्वास रखने की पर…
अपने दिल से सुनने के बाद, मैंने प्रभु की वापसी का स्वागत किया है
मैक्स, संयुक्त राज्य अमेरिका 1994 में, मेरा जन्म संयुक्त राज्य में हुआ था। मेरे माता-पिता दोनों चीनी थे। मेरी मां एक सफल कामकाजी महिला का विशिष्ट उ…
धर्मोपदेश लेख
अधिकGospel Message in Hindi: जब प्रभु यीशु ने सलीब पर "पूरा हुआ" कहा तो इसका क्या मतलब था?
ईसाई यह मानते हैं कि जब प्रभु यीशु ने सलीब पर “पूरा हुआ” कहा था तो इसका मतलब था मानवजाति के लिए उसका काम पूरा हो गया। इसलिए हर किसी को भरोसा है कि…
क्या प्रभु सच में बादल पर आता है?
हम देख रहे हैं कि एक-एक करके आपदा आ रही है, महामारियाँ दुनिया भर में फैल रही हैं। सभी विश्वासी तत्परता से इंतजार कर रहे हैं कि प्रभु बादल पर आए और उ…
मनुष्य को बचाने के लिए परमेश्वर को तीन चरणों का कार्य करने की क्या जरूरत है?
हम सब जानते हैं कि 2,000 साल पहले, प्रभु यीशु ने यहूदिया में प्रकट होकर मनुष्य को छुटकारा दिलाने के लिए कार्य किया था, और प्रचार किया था “मन फिराओ क्य…
सच्चे मसीह को झूठे मसीहों से पहचानना
आज मैं सच्चे मसीह को झूठे मसीहों से पहचानने पर बात करूँगा। शायद कुछ लोग पूछें, परमेश्वर में हमारी आस्था से इसका क्या सरोकार है। बहुत कुछ। क्या सभी ल…
आस्था की मार्गदर्शक पुस्तिका
अधिकइन चार बातों को समझने से, परमेश्वर के साथ हमारा रिश्ता और भी क़रीबी हो जाएगा
लेखिका: ज़ियोमो, चीन बाइबल कहती है, "परमेश्वर के निकट आओ तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा" (याकूब 4:8)। ईसाई होने के नाते, केवल परमेश्वर के क़रीब आने और प…
परमेश्वर के नाम में एक रहस्य है : विभिन्न युगों में परमेश्वर के अलग-अलग नाम का क्या महत्व है
सूचीपत्र यहोवा नाम यीशु क्यों बन गया? "युगानुयुग" का अर्थ है परमेश्वर का सार और स्वभाव कभी नहीं बदलेगा, यह नहीं कि उसका नाम कभी नहीं बदलेगा व…
3 सिद्धांत—कैसे प्रार्थना करें ताकि परमेश्वर हमारी पुकार सुनें
चेंग शी भाइयो और बहनो: प्रभु की शांति आपके साथ हो! प्रार्थना करना हम ईसाइयों का, परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण तरीका ह…
हमें परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप क्रिसमस के प्रति कैसा दृष्टिकोण रखना चाहिए?
सियुआन द्वारा सूचीपत्र क्रिसमस का आरम्भ प्रभु यीशु का जन्म मानवजाति के लिए परमेश्वर के प्रेम और उद्धार के कारण हुआ हमारे लिए प्रभु यीशु की इ…