अध्याय 68

मेरा वचन हर देश, स्थान, राष्ट्र और संप्रदाय में कार्यान्वित किया जा रहा है और हर कोने में हर समय यह पूरा हो रहा है। हर जगह होने वाली आपदाएँ लोगों के बीच के युद्ध नहीं हैं, न ही वे हथियारों से लड़ी जा रही लड़ाइयाँ हैं। इसके बाद, अब और युद्ध नहीं होंगे। सभी मेरी मुट्ठी में हैं। सब मेरे न्याय का सामना करेंगे और आपदा के बीच दिन काटेंगे। जो लोग मेरा विरोध करते हैं, साथ ही जो मेरे साथ सहयोग करने की पहल नहीं करते, उन्हें विभिन्न आपदाओं की पीड़ा भुगतने दो; उन्हें अनंत काल तक रोने और अपने दाँतों को पीसने दो, हमेशा के लिए अंधकार में रहने दो। वे जीवित नहीं बचेंगे। मैं स्पष्टवादिता और फुर्ती के साथ कार्य करता हूँ और इस बात पर विचार नहीं करता हूँ कि तुम अतीत में मेरे प्रति कितना वफ़ादार रहे हो; जब तक तुम मेरा विरोध करोगे, तो ज़रा सी, यहाँ तक कि एक पल की भी देरी के बिना, ज़रा सी भी दया के बिना मेरे न्याय का हाथ तेज़ी से तुम पर कोप बरसाएगा। मैं निरंतर कहता रहा हूँ कि मैं वह परमेश्वर हूँ, जो अपना वचन निभाता है। हर एक वचन जो मैं कहूँगा वह पूरा होगा और तुममें से हर एक इसे देखेगा। हर चीज़ में वास्तविकता में प्रवेश करने का यही सच्चा अर्थ है।

बड़ी आपदाएँ निश्चित रूप से मेरे प्रिय पुत्रों, मेरे प्यारे लोगों पर नहीं पड़ेंगी। मैं हर समय और हर पल अपने पुत्रों की देखरेख करूँगा। तुम लोगों को निश्चित रूप से उस पीड़ा और कष्ट को नहीं भुगतना पड़ेगा। इसके बजाय, इसका होना मेरे पुत्रों की पूर्णता और उनमें मेरे वचन की पूर्ति के लिए है। परिणामस्वरूप, तुम लोग मेरी सर्वशक्तिमत्ता को पहचान सकते हो, जीवन में आगे बढ़ सकते हो, शीघ्र ही मेरी खातिर ज़िम्मेदारी कंधे पर ले सकते हो और मेरी प्रबंधन योजना की पूर्णता के लिए अपनी संपूर्ण अस्मिता समर्पित कर सकते हो। तुम लोगों को इसकी वजह से ख़ुशी और प्रसन्नता से आनंदित होना चाहिए। मैं तुम लोगों को सब कुछ सौंप दूँगा ताकि तुम लोग नियंत्रण ले सको; मैं इसे तुम लोगों के हाथों में रख दूँगा। अगर यह सच है कि कोई पुत्र अपने पिता की पूरी संपत्ति की विरासत पाता है, तो तुम लोगों, मेरे ज्येष्ठ पुत्रों के लिए यह कितना अधिक सच होगा? तुम लोग वास्तव में धन्य हो। बड़ी आपदाओं से पीड़ित होने के बजाय, तुम लोग अनंत आशीषों का आनंद लोगे। कैसी महिमा है! कैसी महिमा है!

अपनी गति बढ़ाओ और हर समय मेरे पदचिह्नों का अनुसरण करो और पीछे मत छूट जाओ। अपने हृदयों को मेरे हृदय का अनुसरण करने दो; अपने मन को मेरे मन का अनुसरण करने दो। मेरे साथ सहयोग करो और एक हृदय, एक मन के हो जाओ। मेरे साथ खाओ, मेरे साथ रहो और मेरे साथ आनंद लो। आनंद लेने और प्राप्त करने के लिए अद्भुत आशीष तुम लोगों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मेरे भीतर ऐसी अतुलनीय प्रचुरता मौजूद है। इसका ज़रा-सा भी किसी और के लिए तैयार नहीं किया गया है; मैं इसे पूरी तरह से अपने पुत्रों के लिए करता हूँ।

इस समय, मेरे मन में जो है, वह पूरा होगा। जब तक मैं तुम लोगों से बात करना समाप्त करूँगा, ये मामले पहले ही पूरे हो चुके होंगे। कार्य वास्तव में इतनी ही जल्दी आगे बढ़ता है और यह हर पल बदल रहा है। यदि तुम लोगों का ध्यान एक पल के लिए भी भटकता है, तो "अपकेन्द्री" घटना घटेगी और तुम्हें बहुत दूरी पर फेंक दिया जाएगा और तुम इस धारा से बाहर हो जाओगे। यदि तुम लोग ईमानदारी से नहीं खोजोगे, तो तुम लोग मेरे मेहनती प्रयासों को व्यर्थ जाने का कारण बनोगे। भविष्य में, विभिन्न राष्ट्रों के लोग किसी भी समय भीड़ लगाएँगे : अपने वर्तमान स्तर पर, क्या तुम लोग उनकी अगुआई कर पाओगे? अपने कार्यभार को पूरा करने के लिए मैं इस छोटी सी समयावधि के भीतर अच्छे सैनिक बनने के लिए तुम लोगों को पूरी तरह से प्रशिक्षित करूँगा। मेरी इच्छा है कि तुम लोग सभी मामलों में मेरे नाम को महिमामंडित करो और मेरे लिए अद्भुत गवाही दो। जिनका वे तिरस्कार करते थे, आज उन्हें उनसे ऊपर खड़े होने दो, उन्हें अगुआई और शासन करने दो। क्या मेरे इरादे तुम लोगों की समझ में आते हैं? क्या तुमने मेहनती प्रयासों को अनुभव किया है, जो मैंने किए हैं? मैं यह सब तुम लोगों के वास्ते करता हूँ। यह बस इस बात पर निर्भर करता है कि तुम लोग मेरे आशीषों का आनंद लेने में सक्षम हो या नहीं।

मैं, वो परमेश्वर हूँ जो मानवता के मन और हृदय को टटोलता है, पृथ्वी के सिरों तक यात्रा करता है। कौन मेरी सेवा न करने का साहस करेगा? सभी राष्ट्रों में तनाव बढ़ रहा है और वे बुरी तरह से संघर्ष कर रहे हैं; अंत में, हालाँकि वे मेरी पकड़ से नहीं बच पाएंगे। मैं निश्चित रूप से उन्हें आसानी से नहीं छोड़ूँगा। मैं उनके कार्यकलापों, सांसारिक हैसियत और सांसारिक सुखों के आधार पर एक-एक करके उनका न्याय करूँगा। मैं किसी को भी नहीं छोड़ूँगा। मेरा कोप प्रकट होना शुरू हो गया है और इस सबकी उन पर बौछार होगी। उनमें सब कुछ एक-एक करके पूरा होगा और वे अपने आप पर यह सब लाएंगे। जो लोग मुझे जानने में असफल रहे हैं या जिन्होंने अतीत में मेरा तिरस्कार किया है, वे अब मेरे न्याय का सामना करेंगे। जहाँ तक उन लोगों की बात है, जिन्होंने मेरे पुत्रों को सताया है, मैं अतीत में कहे गए उनके वचनों और कर्मों के लिए उन्हें विशेष रूप से ताड़ना दूँगा। मैं बच्चों को भी नहीं छोड़ूँगा; ये सब लोग शैतान की किस्में हैं। भले ही वे कुछ भी कहते या करते नहीं हैं, किंतु यदि वे कहीं गहरे मेरे पुत्रों के लिए घृणा पालते हैं, तो मैं उनमें से एक को भी नहीं छोड़ूँगा। मैं उन सभी को यह दिखा दूँगा कि हम-लोगों का यह समूह-आज शासन करता है और सत्ता उसके हाथ है; निश्चित रूप से ये वे नहीं हैं। इस कारण से, यह और भी जरूरी है कि तुम अपनी पूरी ताकत लगाओ और स्वयं को मुझमें खपाओ, ताकि तुम मेरे नाम को हर जगह, हर कोने में, हर धर्म और संप्रदाय में महिमामंडित कर सको और गवाही दे सको और इसे पूरे ब्रह्मांड और धरती के छोरों तक फैला दो!

पिछला: अध्याय 67

अगला: अध्याय 69

सभी विश्वासी यीशु मसीह की वापसी के लिए तरस रहे हैं। क्या आप उनमें से एक हैं? हमारी ऑनलाइन सहभागिता में शामिल हों और आपको परमेश्वर से फिर से मिलने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

सहस्राब्दि राज्य आ चुका है

क्या तुम लोगों ने देखा है कि इस समूह के लोगों में परमेश्वर कौन-सा कार्य पूरा करेगा? परमेश्वर ने एक बार कहा था कि सहस्राब्दि राज्य में भी...

परमेश्वर उन्हें पूर्ण बनाता है, जो उसके हृदय के अनुसार हैं

परमेश्वर अब एक विशेष लोगों के समूह को प्राप्त करना चाहता है, ऐसा समूह जिसमें वे लोग शामिल हैं जो उसके साथ सहयोग करने का प्रयास करते हैं, जो...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें