12. कौन हैं आज के फरीसी?

एक ईसाई के रूप में, अपने 22 वर्षों में, मैं मुख्य रूप से कलीसिया के वित्तीय मामलों और रविवार स्कूल की प्रभारी रही। मई 2017 में, फेसबुक पर मेरी मुलाक़ात फ्रांस की बहन जेन से हुई। उसने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की गवाही दी और कहा कि प्रभु यीशु सत्य व्यक्त करने और इंसान का न्याय कर उसे शुद्ध करने के लिए देहधारी होकर वापस आ गया है। मैं इतनी रोमांचित हो गयी कि बयाँ नहीं कर सकती। मैंने इस पर और अधिक गौर किया और समझा कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त वचन सत्य हैं, परमेश्वर की वाणी हैं, सिंहासन से प्रवाहित होने वाले जीवन-जल का सोता हैं। मेरी आत्मा को पोषण और सिंचन मिला। मेरी दो बेटियों और मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया।

एक दिन, एक बहन से बातचीत के दौरान, उसने मुझे अपनी पुरानी कलीसिया के एक अगुआ से सुसमाचार को साझा करने के बारे में बताया। उसने कहा कि पादरी ज़िद पकड़ कर बाइबल के वचनों के शाब्दिक अर्थ से चिपके हुए हैं, परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की जांच-पड़ताल करने से इनकार कर रहे हैं। उसने तरह-तरह के झूठ फैलाये हैं, कलीसिया को बंद रखा है, और विश्वासियों को धमकी भी दी है। यह सुनकर मुझे अचरज और उलझन हुई। मैंने सोचा, "पादरी तो कलीसिया के अगुआ होते हैं, वे हमेशा हमसे प्रभु के आगमन पर ध्यान देने को कहते हैं। अब यह सुनने के बाद कि प्रभु वापस आ गया है, वे इस पर गौर करने में विश्वसियों की अगुआई न करके उन्हें रोकने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? हमारी कलीसिया के पादरियों ने धर्मशास्त्र का अध्ययन किया है और वे बाइबल को अच्छी तरह जानते हैं। वे पवित्र हैं, भाई-बहनों से प्यार करते हैं, हमेशा हमें प्रभु की शिक्षाओं का अनुसरण करने और प्रभु के आने के प्रति चौकस रहने को कहते हैं। अगर वे एक बार सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ लें, तो उन्हें पता चलेगा कि ये प्रभु की वाणी हैं, फिर वे उसका खुशी से स्वागत करेंगे।" मगर मुझे हैरत हुई कि दस महीने बाद एक दिन, जब मेरी छोटी बेटी और मैंने एक बहन को इस सुसमाचार का प्रचार किया, तो हमारी पुरानी कलीसिया के पादरी ली को पता चल गया। उन्होंने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अनुसरण करने से रोकने के लिए झूठ बोला और मुझे कलीसिया से निकाल बाहर करने की धमकी दी। तभी मैं उनके पाखंडी रूप को समझ पायी।

एक दिन, उन्होंने मुझे अचानक फोन करके कहा कि कलीसिया में उनसे मिलूँ। जब मैं वहां पहुँची, तो उन्होंने उलाहना देते हुए पूछा, "तुम कलीसिया की उपयाजिका हो, जिसने 20 से भी ज़्यादा वर्षों से विश्वास रखा है। अब सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास क्यों? तुमने पहले आकर इस बारे में मुझसे क्यों नहीं पूछा? तुम बाइबल को पूरी तरह समझती नहीं हो। अगर हम तुम्हारा ध्यान न रखें, तो तुम आसानी से भटक जाओगी। तुम्हें कैसे पता कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही वापस आया हुआ प्रभु यीशु है?" मैं वाकई परेशान हो गयी, सोचा, "मैं सच्चे मार्ग की जांच-पड़ताल करने को स्वतंत्र हूँ। मैं पहले आपसे क्यों पूछूं? और हाँ, मैंने बहुत समय से विश्वास रखा है, भले ही मैं बाइबल के बारे में आप जितना न जानूं, फिर भी मैं अपने मन को जानती हूँ। मैं तीन महीनों से इस मार्ग की जांच-पड़ताल कर रही हूँ, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अनेक वचन पढ़े हैं। मैंने देखा है कि उसके वचनों में अधिकार और सामर्थ्य है—वे सत्य हैं। वे न केवल बाइबल के सत्य और रहस्यों को प्रकट करते हैं, बल्कि हमें भ्रष्टता से शुद्ध होने का मार्ग भी दिखाते हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़कर, मुझे यकीन हो गया कि वही वापस आया हुआ प्रभु है, इसलिए मैंने उसे स्वीकार कर लिया।" मैंने पादरी से कहा, "सर्वशक्तिमान परमेश्वर वापस आया हुआ प्रभु है या नहीं, यह आप केवल उस पर ठीक ढंग से गौर करके और उसके वचनों को पढ़ कर ही जान सकते हैं।"

फिर मैंने अपने फोन पर उन्हें सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप दिखाया, और परमेश्वर के वचनों के पाठ का वीडियो चलाया। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "मैं पूरे ब्रह्मांड में अपना कार्य कर रहा हूँ, और पूरब से असंख्य गर्जनायें गूँज रही हैं, जो सभी राष्ट्रों और संप्रदायों को झकझोर रही हैं। यह मेरी वाणी है जिसने वर्तमान में सभी मनुष्यों की अगुवाई की है। मैं अपनी वाणी से सभी मनुष्यों को जीत लूंगा, उन्हें इस धारा में बहाऊंगा और अपने सामने समर्पण करवाऊंगा, क्योंकि मैंने बहुत पहले पूरी पृथ्वी से अपनी महिमा को वापस लेकर इसे नये सिरे से पूरब में जारी किया है। भला कौन मेरी महिमा को देखने के लिए लालायित नहीं है? कौन बेसब्री से मेरे लौटने का इंतज़ार नहीं कर रहा है? किसे मेरे पुनः प्रकटन की प्यास नहीं है? कौन मेरी सुंदरता को देखने के लिए तरस नहीं रहा है? कौन प्रकाश में नहीं आना चाहता? कौन कनान की समृद्धि को नहीं देखना चाहता? किसे उद्धारकर्ता के लौटने की लालसा नहीं है? कौन महान सर्वशक्तिमान परमेश्वर की आराधना नहीं करता है? मेरी वाणी पूरी पृथ्वी पर फ़ैल जाएगी; अपने चुने हुए लोगों के समक्ष, मैं चाहता हूँ कि मैं उनसे अधिक वचन बोलूँ। मैं पूरे ब्रह्मांड के लिए और पूरी मानवजाति के लिए अपने वचन बोलता हूँ, उन शक्तिशाली गर्जनाओं की तरह जो पर्वतों और नदियों को हिला देते हैं। इस प्रकार मेरे मुँह से निकले वचन मनुष्य के लिए खज़ाना बन जाते हैं, और सभी मनुष्य मेरे वचनों का आनंद लेते हैं। बिजली पूरब से चमकते हुए सीधे पश्चिम की ओर जाती है। मेरे वचन ऐसे हैं कि मनुष्य उन्हें छोड़ नहीं पाता है और साथ ही उसकी थाह भी नहीं ले सकता है, लेकिन उनका अधिक से अधिक आनंद उठाता है। एक नवजात शिशु की तरह, सभी मनुष्य खुश और आनंद से भरे हैं और मेरे आने की खुशी मना रहे हैं। अपने वचनों के माध्यम से, मैं सभी मनुष्यों को अपने समक्ष लाऊंगा" (वचन देह में प्रकट होता है)।

वीडियो को आधा देखने के बाद, पादरी ली ने उपेक्षा से मुस्कराते हुए कहा, "इसे बंद कर दो। मैं इस ऐप को बहुत पहले डाउनलोड कर चुका हूँ, मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़ चुका हूँ।" मुझे यह सुनकर हैरानी और खुशी दोनों हुई, मैंने जल्दी से कहा, "आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़ चुके हैं? अच्छा? क्या आपको लगता है कि ये परमेश्वर की वाणी हैं?" उन्होंने अपने होंठ सिकोड़ते हुए कहा, "परमेश्वर के सारे वचन बाइबल में हैं। बाइबल से परे परमेश्वर का कोई वचन नहीं है। ये वचन चाहे जितने अच्छे लगें, मैं इन पर यकीन नहीं करूंगा!" इससे मुझे झटका लगा, मैंने जवाब दिया, "पादरी ली, क्या आपको यकीन है कि परमेश्वर के सभी वचन बाइबल में हैं? आपने हमेशा यह पद हमें पढ़कर सुनाया है : 'और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक करके लिखे जाते, तो मैं समझता हूँ कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे संसार में भी न समातीं' (यूहन्ना 21:25)। सही है न? प्रभु यीशु ने आधिकारिक तौर पर साढ़े तीन साल तक कार्य किया, हर जगह प्रचार और कार्य करने के लिए अपने अनुयायियों की अगुआई की। उसने अनेक बातें कहीं, बहुत-से धर्मोपदेश दिये, बाइबल के चार सुसमाचारों में प्रभु यीशु के वचनों का एक छोटा-सा अंश ही दर्ज है। इसलिए आपका यह दावा कि परमेश्वर के वचन केवल बाइबल में हैं, सच्चाई से मेल नहीं खाता। प्रभु यीशु की स्पष्ट भविष्यवाणी थी कि पुस्तक को खोलने और कलीसियाओं को अपने वचन बोलने के लिए वह अंत के दिनों में वापस आयेगा। ये कथन परमेश्वर द्वारा अंत के दिनों में व्यक्त किये गये नये वचन हैं। ये बाइबल में पहले ही दर्ज कैसे हो सकते थे। इसी वजह से हम परमेश्वर के वचनों को बाइबल तक सीमित नहीं कर सकते। सर्वशक्तिमान परमेश्वर इंसान को शुद्ध करने और बचाने के लिए संपूर्ण सत्य व्यक्त करता है। ये हैं, 'कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है' (प्रकाशितवाक्य 2:7)। हमें विनम्रता से खोजना चाहिए, तभी हम परमेश्वर की वाणी को सुन पायेंगे और प्रभु का स्वागत कर पायेंगे।"

पादरी ली ने मेरी ओर उपेक्षा से देखा और पहेली बुझाते हुए कहा, "मैं देख सकता हूँ कि तुम थोड़ा-बहुत जानती हो। मगर किसी भी हालत में हम ईसाई बाइबल से दूर नहीं हो सकते। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन चाहे जितने महान हों, अगर वे बाइबल से परे हैं, तो मैं उन्हें स्वीकार नहीं कर सकता। मैं तुम्हें भी अब सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास न रखने की सलाह देता हूँ, वरना हमारी कलीसिया में तुम्हारी सेवा समाप्त कर दी जाएगी और तुम पछताओगी!" मैंने कहा, "क्या हम ईसाई प्रभु यीशु के वापस आने के लिए बेताब नहीं हैं? केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ही गवाही देती है कि वह वापस आ गया है, तो क्या हमें इस पर गौर नहीं करना चाहिए? अगर हम विनम्रता से न खोज कर, अपनी धारणाओं और कल्पनाओं से चिपके रहें, तो प्रभु की वापसी को चूक जाएंगे और फिर हमें वाकई पछतावा होगा!" मेरी बात पूरी होने से पहले ही वे ज़ोर से बोल पड़े, "बहुत हुआ! तुम बहुत बोल चुकी। मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास नहीं रखूंगा। मैं तुम्हें दोबारा सोचने का समय देता हूँ। अगर तुम नहीं छोड़ोगी, तो तुम्हें निकाल दिया जाएगा।" फिर वे तेज़ कदमों से चले गये। मैं पादरी ली की प्रतिक्रिया से चौंक गयी, निराश हो गयी। वे हम सबसे हमेशा कहते कि प्रभु विनम्रता से खोजने वालों को स्वीकार करता है। अब प्रभु की वापसी की बात को लेकर, मैं उन्हें बाइबल और अपनी धारणाओं से चिपके हुए देख कर हैरान हो गयी। उन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़ भी लिये थे, फिर भी उन्हें इस बारे में जानने की कोई इच्छा नहीं थी। वे पूरी तरह से दोमुंहे थे। यह पाखंड है।

उस रविवार, मैं कलीसिया गयी। सेवा से पहले, पादरी हॉन्ग मेरे पास आकर बोले, "मैंने सुना है तुम सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के बारे में खोजबीन कर रही हो। मुझे उस कलीसिया के बारे में जाने थोड़ा समय हो चुका है। वे बाइबल से परे बातों का प्रचार करते हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर में तुम्हारी आस्था प्रभु यीशु के साथ विश्वासघात है। उस आस्था को छोड़ दो, वरना इतने वर्षों की तुम्हारी आस्था बेकार चली जाएगी!" मैंने सोचा, "इन्हें कैसे मालूम हुआ कि मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास रखती हूँ? ज़रूर पादरी ली ने बताया होगा।" इसलिए मैंने उनसे पूछा, "जब प्रभु कार्य करने आया, तो क्या उसने पुराने नियम का पालन किया था? उसने प्रायश्चित के मार्ग का प्रचार किया और सब्त को कायम नहीं रखा। क्या यह पुराने नियम में दर्ज था? प्रभु का कार्य और वचन पुराने नियम से परे हैं, इसलिए क्या आप यह कहने की हिम्मत करेंगे कि हम प्रभु में विश्वास रख कर यहोवा परमेश्वर को धोखा दे रहे हैं?" अजब हाव-भाव लिये उन्होंने कुछ कहा नहीं, तो मैंने पूछ लिया, "क्या आपने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़े हैं? उसके वचन बाइबल के रहस्यों को प्रकट करते हैं। वे बताते हैं कि इंसान द्वारा परमेश्वर का प्रतिरोध और पाप करने की जड़ में क्या है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर इंसान को शुद्ध कर बचाने वाला संपूर्ण सत्य व्यक्त करता है। उसके वचनों की भविष्यवाणी प्रकाशित-वाक्य में की गयी है, वे हैं, 'कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है' (प्रकाशितवाक्य 2:7)। मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ा है और परमेश्वर की वाणी सुनी है, मैं जानती हूँ कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर वापस आया हुआ प्रभु यीशु है। उसमें विश्वास रख के, मैं परमेश्वर के पदचिह्नों पर चल रही हूँ। यह प्रभु यीशु के साथ विश्वासघात कैसे हो सकता है?" पादरी हॉन्ग ने बेसब्री से मेरी बात काट दी और कहा, "बहुत हो गया। अगर तुम्हारा ज़ोर इसी रास्ते पर है, तो पुख्ता कर लो कि तुम्हें पछताना न पड़े।" फिर वे अर्थपूर्ण ढंग से हँसते हुए चले गये। उनके हाव-भाव देख मैं सिहर गयी, सोचने लगी कि जाने उनका अगला कदम क्या होगा।

सेवा शुरू हुई, पादरी हॉन्ग ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को बदनाम करने वाले झूठ का एक वीडियो चलाया। मनगढ़ंत और झूठे आरोपों वाले इस वीडियो को देख कर मैं आगबबूला हो गयी, सोचने लगी, "केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया यह गवाही देती है कि प्रभु यीशु वापस आ चुका है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने बहुत से सत्य व्यक्त किये हैं, जो खुले तौर पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उन पर गौर करने के लिए विश्वासियों की अगुआई करने के बजाय, आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को बदनाम करने के लिए झूठ से भरा यह वीडियो चला रहे हैं। आप सिर्फ़ परमेश्वर का प्रतिरोध और उसका तिरस्कार कर रहे हैं!"

फिर पादरी हॉन्ग ने ऊंची आवाज़ में कहा, "बाइबल में कहा गया है, 'मुझे आश्‍चर्य होता है कि जिसने तुम्हें मसीह के अनुग्रह में बुलाया उससे तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे। परन्तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं : पर बात यह है कि कितने ऐसे हैं जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। परन्तु यदि हम, या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो शापित हो' (गलातियों 1:6-8)। हम प्रभु यीशु में विश्वास रखते हैं, और हमें उसके नाम और उसके मार्ग के साथ बने रहना चाहिए। हम किसी ऐसी-वैसी चीज़ को नहीं सुन सकते या दूसरे सुसमाचारों को स्वीकार नहीं कर सकते। हम खास तौर से सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया द्वारा दी गई प्रभु के वापस आने की गवाही को नहीं सुन सकते, क्योंकि यह अपने धर्म का त्याग करना होगा। अगर पता चला कि किसी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के मार्ग को स्वीकार कर लिया है, तो उसे तुरंत निकाल बाहर किया जाएगा! अगर कोई व्यक्ति तुम्हारे सामने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के बारे में प्रचार करे, तो मुझे तुरंत खबर करो, वरना तुम प्रभु को धोखा दे रहे होगे।" पादरी हॉन्ग ने फिर मेरी तरफ तीखी नज़रों से देखा। उनके चहरे पर ऐसा विजय-भाव देख कर, मैं उन फरीसियों को याद किये बिना नहीं रह पायी जो आराधना-गृह में खड़े, आम लोगों को धोखा देकर उन्हें प्रभु यीशु को ठुकराने के लिए उकसा रहे थे।

कलीसिया के सभी भाई-बहन डरे हुए-से लगे। उन सभी को पादरी हॉन्ग के दबदबे में देख कर मैंने गुस्से से सोचा, "इन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है। ये जान-बूझ कर लोगों को धोखा देने और उन्हें डराने के लिए बाइबल का ग़लत अर्थ पेश कर रहे हैं, ताकि वे सच्चे मार्ग की खोजबीन न करें। अगर इन्हें बाइबल का इतना अच्छा ज्ञान है, तो यकीनन पौलुस के कथन का संदर्भ भी जानते होंगे? पौलुस कहना चाहता था कि अनुग्रह के युग में केवल एक ही सुसमाचार था, प्रभु यीशु के छुटकारे के कार्य का सुसमाचार। किसी दूसरे सुसमाचार का अनुसरण करना प्रभु को धोखा देना था। लेकिन पौलुस ने कभी नहीं कहा कि प्रभु के वापस आने पर प्रचारित किया जाने वाला राज्य का सुसमाचार ग़लत है, या प्रभु यीशु के वापस आने की गवाही देने का अर्थ एक अलग सुसमाचार का प्रचार करना है।" पादरी हॉन्ग मनमाने ढंग से पौलुस के वचनों को सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य पर लागू कर रहे हैं। वे बाइबल को संदर्भ से बाहर ले जा रहे हैं! वे लोगों को धोखा देकर उन्हें सच्चे मार्ग पर गौर करने से रोक रहे हैं, परमेश्वर के राज्य में उनके प्रवेश के मौके बरबाद कर रहे हैं! मैं उनकी भ्रांतियों को काटना चाहती थी, ताकि कलीसिया के सभी लोग उनकी असलियत जान सकें। फिर सोचा, अगर मैंने ऐसा किया, तो मेरे लिए रुकावट पैदा हो जाएगी। अगर उन्होंने सबके सामने घोषणा कर दी कि मुझे निकाला जाने वाला है, तो दूसरों के सामने सुसमाचार का प्रचार करना और भी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए मैंने चुप रहने का फैसला किया।

सेवा के बाद, पादरी हॉन्ग ने मुझे दोबारा चेतावनी दी कि दूसरे सदस्यों को सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सुसमाचार का प्रचार न करूं। तब मैंने सोचा, "भाई-बहन परमेश्वर की भेड़ें हैं, और परमेश्वर अपनी भेड़ों की खोज में आया है, लेकिन पादरी हॉन्ग मुझे उन लोगों के सामने प्रचार नहीं करने देंगे, या उन्हें परमेश्वर की वाणी नहीं सुनने देंगे। वे उन्हें धोखा देकर धमकी दे रहे हैं कि उन्हें सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य की जांच-पड़ताल नहीं करने देंगे। ऐसा करके वे परमेश्वर के राज्य का रास्ता रोक रहे हैं।" मैंने याद किया कि प्रभु ने फरीसियों से क्या कहा था: "हे कपटी शास्त्रियो और फरीसियो, तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के लिए स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो स्वयं ही उसमें प्रवेश करते हो और न उस में प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो" (मत्ती 23:13)। "हे कपटी शास्त्रियो और फरीसियो, तुम पर हाय! तुम एक जन को अपने मत में लाने के लिये सारे जल और थल में फिरते हो, और जब वह मत में आ जाता है तो उसे अपने से दूना नारकीय बना देते हो" (मत्ती 23:15)। पादरी हॉन्ग फरीसियों जैसा ही बर्ताव कर रहे हैं। जब उन्होंने प्रभु के आने की बात सुनी, तो सुनने से इनकार कर दिया और दूसरों को भी परमेश्वर की वाणी सुनने और प्रभु का स्वागत करने से रोक दिया। यह दुष्टता है, परमेश्वर के खिलाफ है। इससे परमेश्वर के स्वभाव का अपमान होता है, वे परमेश्वर के श्राप के भागी बनते हैं! पादरी की बातों का मुझ पर कोई असर नहीं हुआ, मैंने दूसरों के सामने सुसमाचार का प्रचार जारी रखा।

एक हफ़्ते बाद, पादरी ली ने मुझसे अपनी बेटी के साथ कलीसिया आने को कहा। वहां पादरी ली के साथ चार अन्य उपयाजक और काउंसिल के सदस्य भी थे। पादरी ली ने मुस्कराते हुए कहा, "क्या तुमने अपने इरादे के बारे में फिर से सोचा?" मैंने ईमानदारी से कहा, "एक ईसाई के रूप में, हम निरंतर पाप करते और स्वीकार करते रहते हैं, खुद को पाप से मुक्त नहीं कर पाते। सर्वशक्तिमान परमेश्वर अब सत्य व्यक्त कर रहा है और इंसान का न्याय कर उसे शुद्ध करने के लिए कार्य कर रहा है। केवल उसके कार्य को स्वीकार करके और उसके न्याय और शुद्धिकरण से गुज़र कर ही हम पाप से पूरी तरह शुद्ध हो सकते हैं और परमेश्वर के राज्य में प्रवेश के लायक बन सकते हैं। मैंने प्रभु में वर्षों से विश्वास रखा है और अब उसके वापस आने का स्वागत किया है। कुछ भी हो जाए, मैं कभी भी सर्वशक्तिमान परमेश्वर को धोखा नहीं दूंगी।" फिर एक उपयाजक अचानक उठ खड़े हुए, मेरी ओर उंगली उठा कर गुस्से से बोले, "तुम सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास रखने पर अड़ी हुई हो, इसलिए तुम कल से हमारी रविवार की स्कूल टीचर नहीं रहोगी, न ही तुम कलीसिया के वित्तीय मामलों की प्रभारी रहोगी!" पादरी ली ने स्नेह दिखाते हुए कहा, "प्रभु में हमारी आस्था का अर्थ है कि हमारे पाप माफ़ कर दिये गये हैं। हमारा न्याय करने और हमें शुद्ध करने के लिए प्रभु का वापस आना ज़रूरी नहीं है। तुम्हें गुमराह किया गया है।" मैंने कहा, "यह सही है कि जब प्रभु को सूली पर चढ़ाया गया, तो उसने हमारे पाप माफ़ कर दिये। लेकिन हमें समझना होगा कि हमारे पापों के माफ़ किये जाने का मतलब प्रभु यीशु द्वारा हमें छुटकारा दिलाना है और हम व्यवस्था के तहत अब दंडित नहीं होते। इसका यह अर्थ नहीं है कि हम शुद्ध हो गये हैं और पूरी तरह बचा लिये गये हैं। प्रभु यीशु ने हमारी पापी प्रकृति को पाप-मुक्त नहीं किया, इसलिए हम इसके काबू में हैं, और अक्सर अहंकार, कपटता और दुष्टता जैसे शैतानी भ्रष्ट स्वभाव प्रकट किये बिना रह नहीं पाते। इब्रानियों 12:14 में कहा गया है : 'सबसे मेल मिलाप रखो, और उस पवित्रता के खोजी हो जिसके बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा।' प्रभु पवित्र है, तो हम बेहद गंदे लोग, जो प्रभु-दर्शन के भी लायक नहीं हैं, स्वर्ग के राज्य के लायक कैसे हो सकते हैं? यही वजह है कि प्रभु यीशु ने अंत के दिनों में वापस आने का वायदा किया, ताकि सत्य व्यक्त करके इंसान का न्याय और शुद्धिकरण कर सके। इससे प्रभु की ये भविष्यवाणियां पूरी हो जाती हैं: 'मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा' (यूहन्ना 16:12-13)। 'जो मुझे तुच्छ जानता है और मेरी बातें ग्रहण नहीं करता है उसको दोषी ठहरानेवाला तो एक है: अर्थात् जो वचन मैं ने कहा है, वही पिछले दिन में उसे दोषी ठहराएगा' (यूहन्ना 12:48)।"

पादरी ली ने घृणापूर्वक कहा, "हम सभी, हाथों पर कीलों की निशानियों वाले उस प्रभु यीशु का इंतज़ार कर रहे हैं, जो हमें अपने राज्य में ले जाने के लिए बादल पर आयेगा। सर्वशक्तिमान परमेश्वर भले ही सत्य व्यक्त करे, हम उसे स्वीकार नहीं करेंगे!" उन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विरुद्ध और भी तिरस्कारपूर्ण बातें कहीं, जबकि दूसरों ने इस निंदा में उनका साथ दिया। उन लोगों को इतना अड़ियल देख कर मैंने सख्ती से कहा, "आप सभी कलीसिया के अगुआ हैं, आपने लोगों को प्रभु के वापस आने की गवाही देते सुना है, आप लोग न केवल विनम्रता के साथ खोज नहीं करते, बल्कि आप दूसरों को सच्चे मार्ग पर गौर करने से रोकने की भी भरसक कोशिश करते हैं। आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को ठुकराने और उसकी निंदा करने के लिए झूठ फैलाते हैं। यह किस तरह का काम है? परमेश्वर का प्रतिरोध और निंदा करने वालों का अंत में क्या होता है? फरीसी अपनी धारणाओं और कल्पनाओं से चिपके रहे, प्रभु यीशु के कार्य का अड़ियल होकर प्रतिरोध और निंदा करते रहे, उसका तिरस्कार करते रहे। उन लोगों ने आखिर उसे सूली पर चढ़वा दिया, इस तरह उन्होंने परमेश्वर का अपमान किया, और उसके श्राप और दंड के भागीदार बने। यकीनन फरीसियों की नाकामयाबी से सबक लेकर हमें जाग जाना चाहिए, है न? सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को सुनिए, फिर फैसला कीजिए!" फिर मैंने अपने फोन पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का एक अंश पढ़ा। "जो मसीह के द्वारा कहे गए सत्य पर भरोसा किए बिना जीवन प्राप्त करने की अभिलाषा करते हैं, वे पृथ्वी पर सबसे हास्यास्पद लोग हैं और जो मसीह के द्वारा लाए गए जीवन के मार्ग को स्वीकार नहीं करते हैं, वे कल्पना में ही खोए हुए हैं। इसलिए मैं यह कहता हूँ कि वे लोग जो अंत के दिनों के मसीह को स्वीकार नहीं करते हैं वे हमेशा के लिए परमेश्वर के द्वारा घृणित समझे जाएंगे। अंत के दिनों में मसीह मनुष्यों के लिए परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने का प्रवेशद्वार है, उससे होकर गए बिना कोई प्रवेश नहीं कर सकता। मसीह के माध्यम बिना कोई भी परमेश्वर के द्वारा पूर्णता को प्राप्त नहीं कर सकता। परमेश्वर में तुम्हारा विश्वास है, और इसलिए तुम्हें उसके वचनों को स्वीकार करना ही चाहिए और उसके मार्ग का पालन करना चाहिए। सत्य को प्राप्त करने में या जीवन के प्रावधान को स्वीकार करने में असमर्थ रहते हुए तुम सिर्फ़ अनुग्रह प्राप्त करने के बारे में नहीं सोच सकते हो। मसीह अंत के दिनों में आता है ताकि वे सभी जो सच्चाई से उस पर विश्वास करते हैं, उन्हें जीवन प्रदान किया जाए। उसका कार्य पुराने युग को समाप्त करने और नए युग में प्रवेश करने के लिए है और यही वह मार्ग है जिसे नए युग में प्रवेश करने वालों को अपनाना चाहिए। यदि तुम उसे पहचानने में असमर्थ हो, और उसकी भर्त्सना करते हो, निंदा करते हो और यहाँ तक कि उसे उत्पीड़ित करते हो, तो तुम अनंत समय तक जलाए जाते रहने के लिए निर्धारित हो और तुम कभी भी परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर पाओगे। क्योंकि यह मसीह ही स्वयं पवित्र आत्मा और परमेश्वर की अभिव्यक्ति है, जिसे परमेश्वर ने पृथ्वी पर अपना कार्य सौंपा है। इसलिए मैं कहता हूँ कि अंत के दिनों के मसीह के द्वारा जो भी कार्य किया गया है यदि उसे तुम स्वीकार नहीं करते हो तो तुम पवित्र आत्मा की निंदा करते हो। जो प्रतिकार पवित्र आत्मा की निंदा करने वालों को सहना होगा वह सभी के लिए स्वत:-स्पष्ट है" (वचन देह में प्रकट होता है)। मैं पूरा पढ़ पाती इससे पहले ही काउंसिल का एक सदस्य झटके से उठ कर चीख पड़ा, "बंद करो! सर्वशक्तिमान परमेश्वर का मार्ग चाहे जितना भी सच्चा हो, हम उसे स्वीकार नहीं करेंगे!" मैंने नाराज़ होकर कहा, "आप बहुत अहंकारी हैं! ये वचन पवित्र आत्मा के वचन हैं, स्वयं परमेश्वर के कथन। क्या आप नहीं समझ सकते? क्या आप परमेश्वर की वाणी को नहीं समझ सकते? आप परमेश्वर की भेड़ हैं भी या नहीं?" पादरी ली ने एक धूर्त मुस्कान के साथ कहा, "प्रभु यीशु के अलावा हम किसी के भी सत्य व्यक्त करने पर यकीन नहीं करेंगे!" मैं समझ गयी कि उन्हें सत्य को खोजने की कोई इच्छा नहीं है। वे बस अपनी धारणाओं से चिपके हुए हैं, परमेश्वर के कार्य की आलोचना कर उसकी निंदा कर रहे हैं। वे पूरी तरह से अविवेकी हो रहे हैं! अब मैं उन लोगों से बात नहीं करना चाहती थी, इसलिए मैं अपनी बेटी के साथ जाने को तैयार हो गयी। तभी पादरी ली ने यह कह कर हमें धमकी दी, "मैं तुम्हें अपने निर्णय के बारे में सोचने के लिए एक महीने का वक्त देता हूँ। अगर तुम सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास रखने पर कायम रहोगी, तो तुम्हें बाहर निकाल दिया जाएगा!" मैंने गुस्से से कहा, "महीने भर इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं। मुझे अभी निकाल दीजिए! मैं इस कलीसिया से निकाले जाने से नहीं डरती। मुझे ज़्यादा डर परमेश्वर की वाणी न सुन पाने, प्रभु के प्रकटन को न देख पाने और प्रभु का स्वागत न कर पाने, और स्वर्ग के राज्य के आशीष गँवा देने का है। आखिरकार हमने परमेश्वर की वाणी को सुना है, हम मेमने के विवाह-भोज में शामिल होने के लिए परमेश्वर के सिंहासन के सामने उठाये गये हैं। आप हमें न भी निकालें, तो भी हम यहाँ कभी वापस नहीं आयेंगे!" पादरी ली ने फिर उसी धूर्त मुस्कान के साथ कहा, "हम तुम्हें फिलहाल नहीं निकाल सकते। अगर हमने ऐसा किया, तो लोग कहेंगे कि हमने तुम्हें ऑनलाइन सभाओं में भाग लेने के कारण निकाल दिया। वे कहेंगे कि हमने करुणा नहीं दिखायी। एक महीना हो जाने के बाद हम सब लोगों से कहेंगे कि तुमने प्रभु को धोखा दिया है, इसलिए कलीसिया को छोड़ना चाहती हो। हम कहेंगे कि हमने तुम्हें सलाह देने की भरसक कोशिश की, लेकिन तुम सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास रखने पर अड़ी हुई हो, इसलिए आख़िरी उपाय के रूप में तुम्हें बाहर निकाल देना पड़ा।"

उसके दोमुंहे व्यवहार से मुझे ज़बरदस्त घृणा हो गयी। फरीसियों को फटकार लगाते समय प्रभु यीशु ने कहा था: "हे कपटी शास्त्रियो और फरीसियो, तुम पर हाय! तुम चूना फिरी हुई कब्रों के समान हो जो ऊपर से तो सुन्दर दिखाई देती हैं, परन्तु भीतर मुर्दों की हड्डियों और सब प्रकार की मलिनता से भरी हैं। इसी रीति से तुम भी ऊपर से मनुष्यों को धर्मी दिखाई देते हो, परन्तु भीतर कपट और अधर्म से भरे हुए हो" (मत्ती 23:27-28)। पता चल गया कि विश्वासियों के लिए पादरी ली और दूसरों की चिंता सिर्फ़ एक छलावा था, सिर्फ़ झूठ। वे भाई-बहनों की नज़रों में सिर्फ़ अपनी छवि और पद को बनाये रखना चाहते थे। भाई-बहनों ने वर्षों से प्रभु में विश्वास किया और उसकी वापसी का स्वागत करने को तरसते रहे, फिर भी यह पाखंडी पादरी उन्हें धोखा दे रहा है। वे लोग इन झूठों पर यकीन कर रहे हैं और प्रभु के आने का स्वागत करने का अपना मौक़ा गँवा रहे हैं। किसने सोचा होगा कि ये पादरी और एल्डर जो हमें झूठे मसीहों और मसीह-विरोधियों से सतर्क रहने को कहते हैं, खुद धोखेबाज मसीह-विरोधियों के रूप में उजागर हो जाएंगे? लोगों को गुमराह करने वाले इन लोगों का हाल उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसा है, ये बड़े घृणित लोग हैं!

कलीसिया से निकलने के बाद, मेरी बेटी ने गुस्से से कहा, "मेरा ख़याल था कि वर्षों तक प्रभु की सेवा करने और बाइबल को समझने के कारण वे प्रभु के आने पर उसका खुशी-खुशी स्वागत करेंगे। मैंने कभी नहीं सोचा कि ये इतने अहंकारी हो सकते हैं। वे खुद इसे नहीं खोजेंगे, दूसरों को भी रोकेंगे और धोखा देंगे। ये लोग खुल्लमखुल्ला परमेश्वर का प्रतिरोध कर रहे हैं!" फिर मैंने एक सभा में पढ़े हुए परमेश्वर के वचनों को याद किया : "वे जो बड़ी-बड़ी कलीसियाओं में बाइबल पढ़ते हैं, वे हर दिन बाइबल पढ़ते हैं, फिर भी उनमें से एक भी परमेश्वर के कार्य के उद्देश्य को नहीं समझता है। एक भी इंसान परमेश्वर को नहीं जान पाता है; और यही नहीं, उनमें से एक भी परमेश्वर के हृदय के अनुरूप नहीं है। वे सबके सब व्यर्थ, अधम लोग हैं, जिनमें से प्रत्येक परमेश्वर को सिखाने के लिए ऊँचे पर खड़ा हैं। यद्यपि वे परमेश्वर के नाम पर धमकी देते हैं, किंतु वे जानबूझ कर उसका विरोध करते हैं। यद्यपि वे स्वयं को परमेश्वर का विश्वासी दर्शाते हैं, किंतु ये वे लोग हैं जो मनुष्यों का मांस खाते और रक्त पीते हैं। ऐसे सभी मनुष्य शैतान हैं जो मनुष्यों की आत्माओं को निगल जाते हैं, मुख्य राक्षस हैं जो जानबूझकर उन्हें विचलित करते हैं जो सही मार्ग पर कदम बढ़ाना चाहते हैं या सही मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं, और वे बाधाएँ हैं जो परमेश्वर को खोजने वालों के मार्ग में रुकावट उत्पन्न करती हैं। यद्यपि वे 'मज़बूत देह' वाले हैं, किंतु उसके अनुयायियों को कैसे पता चलेगा कि वे ईसा-विरोधी हैं जो लोगों को परमेश्वर के विरोध में ले जाते हैं? वे कैसे जानेंगे कि ये जीवित शैतान हैं जो निगलने के लिए विशेष रूप से आत्माओं को खोज रहे हैं?" (वचन देह में प्रकट होता है)। ये पादरी और एल्डर हमेशा भाषण-मंच पर खड़े होकर बाइबल के बारे में बताया करते हैं, लेकिन वे अपनी ही बातों पर कभी अमल नहीं करते। वे बाहर से देखने में धर्मनिष्ठ और स्नेही लगते हैं, लेकिन यह सब छलावा होता है, सिर्फ़ पाखंड। वे बाइबल के बारे में बताते हैं, अपने पदों और आजीविका को बचाने के लिए धर्मशास्त्रीय सिद्धांतों पर भरोसा करते हैं। जब वे किसी को गवाही देते हुए सुनते हैं कि प्रभु वापस आ गया है, तो वे न केवल उसकी खोज नहीं करते, बल्कि अपनी धार्मिक धारणाओं से चिपके रहते हैं, बाइबल का गलत अर्थ निकालते और प्रभु के वापस आने की निंदा करते हैं। विश्वासियों को सख्ती से अपने काबू में रखने के लिए, उन्हें धोखा देने और डराने के लिए, वे धर्म के विरुद्ध बातें करते और झूठ फैलाते हैं। वे लोगों को सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की खोज करने से रोकने की भरसक कोशिश करते हैं। उन्होंने मेरी सेवा को जारी न रखने और हमें कलीसिया से निकाल देने जैसे घिनौने काम किये। उन्होंने हमें सच्चे मार्ग को छोड़ देने के लिए डराने-धमकाने की कोशिश की। वे ऊंची आवाज़ में बताते हैं कि विश्वासियों के जीवन की उन्हें बड़ी फ़िक्र है, लेकिन दरअसल वे चाहते हैं कि हम सब परमेश्वर की वाणी सुनने के बजाय पवित्र आत्मा के कार्य से रिक्त होकर बंजर जगह पर भूखे मरें। वे चाहते हैं कि विश्वासी सदा के लिए उनके काबू में रहें, ताकि वे उन्हें धन दान करें और उनकी सेवा करें। वे लोग दुष्ट सेवक हैं, जिन्हें परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य से उजागर किया गया है, वे मसीह-विरोधी हैं, जो सत्य से घृणा और परमेश्वर का विरोध करते हैं, वे आत्मा को निगलने वाले दानव हैं, जो लोगों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने से रोकते हैं। मैंने पादरियों और एल्डर्स का असली पाखंडी और परमेश्वर-विरोधी चेहरा देखा। मैं धार्मिक मसीह-विरोधियों के पिंजरे से आज़ाद होकर, मेमने के पदचिह्नों पर चलने में समर्थ हो गयी। उद्धार के लिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर का धन्यवाद!

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