अध्याय 92

मेरे वचनों और मेरे कार्यों के भीतर हर व्यक्ति मेरी सर्वशक्तिमत्ता और मेरी बुद्धि को देख सकता है। मैं जहाँ कहीं भी जाता हूँ, वहाँ मेरा कार्य होता है। मेरे पदचिह्न केवल चीन में नहीं हैं; जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह यह है कि वे दुनिया के सभी देशों में हैं। हालाँकि, इस नाम को सबसे पहले प्राप्त करने वाले केवल सात राष्ट्र हैं, जिनके बारे में पहले चर्चा की गई है क्योंकि यह मेरे कार्य का क्रम है; निकट भविष्य में तुम लोग इसके बारे में पूरी तरह से स्पष्ट हो जाओगे और इसे पूरी तरह समझ जाओगे। यदि मैं तुम लोगों को अभी बताता हूँ, तो मुझे डर है कि इसके कारण अधिकांश गिर जाओगे, क्योंकि मैंने पहले कहा है कि मैं तुम लोगों के आध्यात्मिक कद के अनुसार तुम लोगों से बात करता हूँ और तुम लोगों को अपनी वाणी का कथन करता हूँ और जो भी मैं करता हूँ उसके भीतर मेरी अनंत बुद्धि होती है, जिसकी थाह कोई नहीं पा सकता; तुम लोगों को इसे बताने का एकमात्र तरीका है, इसे खेप में बताया जाए। इसे जानो! मेरी नज़रों में तुम लोग हमेशा बच्चे हो; हर कदम जो तुम लोग लेते हो, उसमें तुम लोगों की मेरे द्वारा अगुआई की जानी चाहिए और मेरे द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए। लोगों-केवल मेरे मार्गदर्शन के तहत ही तुम अपना पूरा जीवन जी सकते हो; इसके बिना कोई भी जीवित रहने में सक्षम नहीं होगा। समस्त ब्रह्मांड की दुनिया मेरे हाथों में है, फिर भी तुम मुझे इधर-उधर दौड़-धूप करता हुआ नहीं देखते। इसके विपरीत, मैं तनावमुक्त और खुश हूँ। लोग मेरी सर्वशक्तिमत्ता को नहीं जानते हैं और मेरे लिए चिंतित होते हैं—तुम लोग अपने आप को कितना कम जानते हो! तब भी तुम लोग मेरे सामने अपनी फालतू चीजों का प्रदर्शन करते हो, अपनी प्रशंसा करते हो! मैंने इस असलियत को बहुत पहले देख लिया था। और तुम तुच्छ अभागों, मेरे सामने चालाकियाँ करने में लगे हो! मेरे घर से तुरंत निकल जाओ! मुझे तुम लोगों जैसे अभागे नहीं चाहिए। तुम लोगों जैसे तुच्छ अभागों की अपेक्षा मैं अपने राज्य में किसी को भी नहीं रखना पसंद करूँगा! क्या तुम्हें पता है कि मैंने पहले से ही तुम पर कार्य करना बंद कर दिया है, इस तथ्य के बावजूद कि तुम अभी भी हमेशा की तरह से खा रहे हो और कपड़े पहन रहे हो? मगर क्या तुम्हें पता था कि तुम शैतान के लिए जी रहे हो, कि तुम शैतान के लिए सेवा प्रदान कर रहे हो? फिर भी तुममें मेरे सामने खड़े होने की धृष्टता है! तुम सच में बेशर्म हो!

अतीत में, मैंने प्रायः कहा है, "बड़ी आपदाएँ जल्दी ही आएँगी; बड़ी आपदाएँ पहले ही मेरे हाथों से निकल चुकी हैं।" "बड़ी आपदाएँ" किस चीज़ का संकेत करती हैं और इस "निकलने" को कैसे समझाया जाना चाहिए? तुम लोग सोचते हो कि ये बड़ी आपदाएँ अपरिहार्य आपदाओं का संकेत करती हैं, जो मनुष्य के प्राण, आत्मा और शरीर को चोट पहुँचाती हैं और तुम सोचते हो कि "भूकंप, अकाल और महामारियाँ" जिनके बारे में मैं बात करता हूँ ये वे बड़ी आपदाएँ हैं। किंतु तुम लोगों को नहीं पता कि तुम लोगों ने मेरे वचनों की ग़लत व्याख्या की है। और तुम लोग सोचते हो कि इस "निकलने" का मतलब है कि बड़ी आपदाएँ शुरू हो गई हैं-यह हास्यास्पद है! तुम वास्तव में इसी तरह समझते हो और तुम लोगों की व्याख्याएँ सुनने के बाद मुझे सच में गुस्सा आता है। लोग जिस रहस्य को सुलझाने में असमर्थ रहे हैं (जो सर्वाधिक गुप्त रहस्य है) वही है, जिसकी युगों से गंभीर रूप से ग़लत व्याख्या की गई है और यह रहस्य है, जिसका पहले कभी किसी को निजी अनुभव नहीं रहा है (क्योंकि यह केवल अंत के दिनों में काम में लाया गया है और केवल अंत के युग में ही मनुष्य इसे देख सकता है, हालाँकि वे इसे नहीं पहचानेंगे) क्योंकि मैं इसे बहुत कसकर मुहरबंद करता हूँ, इस तरह कि मनुष्य इसमें नहीं घुस सकता है (यहां तक कि इसका सबसे छोटा हिस्सा भी नहीं देख सकता)। अब चूँकि मेरा कार्य इस चरण तक कार्यान्वित किया जा चुका है, इसलिए मैं तुम लोगों को मेरे कार्य की आवश्यकताओं के अनुसार प्रेरित करता हूँ; अन्यथा लोगों के पास समझने का कोई तरीका नहीं होगा। अब मैं संगति देना शुरू करता हूँ; हर कोई ध्यान दे, अन्यथा मेरे पहलौठे पुत्रों सहित जो भी सावधान नहीं रहता, वह मेरे न्याय को भुगतेगा और सर्वाधिक गंभीर मामलों में उसे मेरे हाथ से मारा गिराया जाएगा (जिसका अर्थ है कि उनके प्राण, आत्मा और शरीर को ले लिया जाएगा)। बड़ी आपदाएँ मेरे राज्य के प्रत्येक प्रशासनिक आदेश के संबंध में बोली जाती हैं और मेरा हर एक प्रशासनिक आदेश बड़ी आपदाओं का एक हिस्सा है। (मेरे प्रशासनिक आदेशों को तुम लोगों पर पूरी तरह से प्रकट नहीं किया गया है, किंतु इस बारे में चिंतित या उद्विग्न न हो; ऐसी कुछ चीज़ें हैं यदि वे तुम लोगों को बहुत जल्दी पता चल जाएँ, तो उनसे तुम लोगों को थोड़ा लाभ मिलेगा। इसे याद रखना! मैं एक बुद्धिमान परमेश्वर हूँ)। तो अन्य हिस्सा क्या है? बड़ी आपदाओं के दो भाग हैं: मेरे प्रशासनिक आदेश और मेरा कोप। जिस समय बड़ी आपदाएँ आएँगी यही वह समय भी होगा जब मैं क्रोध में धधकना शुरू करूँगा और अपने प्रशासनिक आदेशों को लागू करूँगा। यहाँ मैं अपने पहलौठे पुत्रों को बताता हूँ : तुम्हें इसके कारण पतित नहीं होना चाहिए। क्या तुम भूल गए हो कि सभी चीजें और सभी मामले मेरे द्वारा पूर्वनियत हैं? मेरे पुत्र, डरो मत! मैं निश्चित रूप से तुम्हारी रक्षा करूँगा, तुम मेरे साथ हमेशा अच्छे आशीषों का आनंद लोगे और अनंत काल तक मेरे साथ रहोगे। क्योंकि तुम मेरे प्रियजन हो, मैं तुम्हें नहीं त्यागूँगा। मैं मूर्खतापूर्ण चीज़ें नहीं करता हूँ, फिर भी यदि मैं उस चीज को नष्ट कर देता हूँ जिसे कठिनाई से पूरा किया गया है, तो क्या मैं स्वयं अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी नहीं मार रहा होऊँगा? मुझे पता है कि तुम अपने दिल में क्या सोचते हो। क्या तुम्हें याद आया? तुम मुझसे और क्या कहलवाओगे? मैं बड़ी आपदाओं के बारे में और अधिक बात करूँगा। जिस समय बड़ी आपदाएँ आएँगी, वह सबसे डरावना समय होगा और वे मनुष्यों की कुरूपता को सबसे अधिक प्रकट करेंगी। मेरे चेहरे के प्रकाश में सभी तरह के राक्षसी चेहरों को उजागर किया जाएगा और उनके पास छिपने की कोई जगह नहीं होगी, आड़ लेने की कोई जगह नहीं होगी; उन्हें पूरी तरह से उजागर कर दिया जाएगा। बड़ी आपदाओं का परिणाम यह होगा कि वे सभी जो मेरे द्वारा चुने और पूर्वनियत नहीं किए गए हैं, रोते हुए और दाँतों को पीसते हुए, मेरे सामने घुटने टेकेंगे और क्षमा की भीख माँगेंगे। यह शैतान के बारे में मेरा न्याय, मेरा कोपपूर्ण न्याय है। मैं वर्तमान में इस कार्य में व्यस्त हूँ और हो सकता है कि कुछ ऐसे हों जो योग्यता रखने का ढोंग करना और अपने आप को सक्षम दिखाना चाहते हों, किंतु वे जितना अधिक ऐसा करेंगे, उतना ही अधिक शैतान उन पर कार्य करेगा, जब तक कि एक निश्चित स्थिति तक उनके मूल रूप प्रकट होते हैं।

मुझे अपना कार्य करने की कोई जल्दी नहीं है और मैं हर व्यक्ति को स्वयं आयोजित करता हूँ (यह उनका मजाक है जो साबित करता है कि वे बड़े लाल अजगर के वंशज हैं और मैं उन पर कोई ध्यान नहीं देता हूँ, इसलिए "आयोजित" शब्द का उपयोग हद से ज्यादा नहीं है) और हर कर्म को स्वयं करता हूँ। हर चीज़ मेरे साथ ही सफल होती है और यह एक सुरक्षित और निरापद सफलता है; मैं जो भी करता हूँ वह, कदम-दर-कदम, पहले से ही व्यवस्थित है। मैं तुम लोगों को अपनी इच्छा और अपनी ज़िम्मेदारी के बारे में एक बार में थोड़ा सा बताता हूँ। इस स्थिति से, मेरे वचन सभी राष्ट्रों और सभी लोगों के सामने प्रकट होना शुरू होते हैं। क्योंकि मेरे पहलौठे पुत्रों को पहले ही पूर्ण बना दिया गया है (मेरे वचनों का केंद्रबिंदु मेरे पुत्रों और मेरे लोगों पर है), इसलिए जिस तरीके से मैं कार्य करता हूँ वह फिर से बदलना शुरू हो गया है। क्या यह तुम लोगों को स्पष्ट रूप से दिखाई देता है? क्या तुम लोगों ने इन पिछले कुछ दिनों में मेरे वचनों के स्वर को महसूस किया है? मैं अपने पहलौठे पुत्रों को रास्ते के हर कदम पर सांत्वना देता हूँ, किंतु अब से (क्योंकि मेरे पहलौठे पुत्रों को पहले ही पूर्ण बनाया जा चुका है) मैं अपने हाथ में एक चाकू रखता हूँ ("चाकू" अर्थात सबसे कठोर "वचन")। जिसको भी मैं क्षण भर के लिए प्रतिकूल मानता हूँ (जिसका अर्थ है कि जिन्हें पूर्वनियत या चयनित नहीं किया गया है और इसलिए कोई विरोधाभास नहीं है), मैं परवाह नहीं करता हूँ कि वे मेरे लिए सेवा प्रदान करते हैं या क्या वे कुछ और हैं; मैं उन्हें तुरंत फेंक दूँगा। मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ और मैं अपने लिए सभी लोगों से सेवा प्रदान करवा सकता हूँ। मैं ऐसे लोगों से अलग होने का बिल्कुल भी अनिच्छुक नहीं हूँ; यदि मैं कहता हूँ कि मुझे वे नहीं चाहिए तो वे मुझे नहीं चाहिए। अब चूँकि समय आ गया है, इसलिए मुझे केवल ऐसे किसी व्यक्ति को देखने की आवश्यकता है, जो मुझे अप्रसन्न करता हो और मैं उसे जाँच के बिना तुरंत त्याग दूँगा क्योंकि मैं ही वह परमेश्वर हूँ, जो वही करता है जो वह कहता है। जिन लोगों को मैंने अपनी सेवा में रहने के लिए पूर्वनियत किया है-चाहे तुम कितने ही अच्छे क्यों न हो और चाहे तुमने कोई ऐसी चीज़ की हो जो मेरा अनादर करती हो या नहीं, यदि तुम मुझे अप्रसन्न करते हो, तो मैं तुम्हें लात मारकर बाहर कर दूँगा। मुझे भविष्य की किसी परेशानी का डर नहीं है। मेरे अपने प्रशासनिक आदेश हैं, मैं जो कहता हूँ वो करता हूँ और मेरा वचन पूरा होगा। क्या मैं शैतान को रहने दूँगा? तुम लोग, मेरी बात सुनो! तुम लोगों को डरने की आवश्यकता नहीं है; जब भी मैं तुम्हें बाहर निकलने के लिए कहूँ, तुम्हें बाहर निकलना होगा। मेरे सामने बहाने मत बनाओ; मेरे पास तुमसे कहने के लिए कोई वचन नहीं है! क्योंकि मैंने बहुत धैर्य रखा है और मेरे प्रशासनिक आदेशों को लागू करने का समय आ गया है और तुम लोगों के अंत का दिन भी आ पहुँचा है। हजारों वर्षों से तुम लोग लंपट थे और तुम लोगों ने हमेशा अड़ियल, उद्दंड तरीके से चीजें कीं, पर मैं हमेशा सहिष्णु रहा (क्योंकि मैं उदारचरित हूँ और मैं तुम्हारी भ्रष्टता को कुछ हद तक अनुमति देता हूँ)। किंतु अब मेरी उदारता की समाप्ति तिथि आ गई है और तुम लोगों को पकड़ने और आग और गंधक की झील में फेंकने का समय आ गया है। जल्दी करो और रास्ते से हटो। मैं औपचारिक रूप से अपने न्याय को लागू करना शुरू करता हूँ और अपने कोप को जारी करना शुरू करता हूँ।

दुनिया के सभी राष्ट्रों और सभी स्थानों में भूकंप, अकाल, महामारियाँ और सभी प्रकार की आपदाएँ बार-बार होती हैं। जैसे-जैसे मैं सभी राष्ट्रों और सभी जगहों पर अपना महान कार्य करता हूँ, ये आपदाएँ दुनिया के निर्माण के बाद के किसी भी अन्य समय की तुलना में अधिक गंभीर रूप से उभरेंगी। यह सभी लोगों के बारे में मेरे न्याय की शुरुआत है; किंतु मेरे पुत्र आराम कर सकते हैं; तुम लोगों पर कोई आपदा नहीं पड़ेगी और मैं तुम लोगों की रक्षा करूँगा (जिसका अर्थ है कि तुम लोग बाद में शरीर में रहोगे, किंतु देह में नहीं, इसलिए तुम किसी भी आपदा की पीड़ा को नहीं भुगतोगे)। तुम लोग बस मेरे साथ राजाओं के रूप में शासन करोगे और ब्रह्मांड और पृथ्वी के अंतिम छोर तक हमेशा मेरे साथ अच्छे आशीषों का आनंद लेते हुए सभी राष्ट्रों और सभी लोगों का न्याय करोगे। ये सभी वचन पूरे होंगे और उन्हें शीघ्र ही तुम लोगों की आँखों के सामने प्राप्त कर लिया जाएगा। मैं न तो एक घंटा की देरी करता हूँ न एक दिन की, मैं चीजों को अविश्वसनीय रूप से शीघ्रता से करता हूँ। चिंतित या व्याकुल मत हो और जो आशीष मैं तुम्हें देता हूँ वह कुछ ऐसा है, जिसे कोई तुमसे दूर नहीं कर सकता है—यह मेरा प्रशासनिक आदेश है। मेरे कर्मों की वजह से सभी लोग मेरे प्रति आज्ञाकारी होंगे; वे जयजयकार ही जयजयकार करेंगे, बल्कि इससे भी अधिक खुशी से छलाँग पर छलाँग लगाएँगे।

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