अध्याय 40

तुम इतने मंद-बुद्धि क्यों हो? तुम इतने सुन्न क्यों हो? बहुत बार याद दिलाने पर भी तुम लोग नहीं जागे हो, और यह बात मुझे परेशान कर रही है। सच में मेरे पास वह हृदय नहीं है, जो अपने पुत्रों को इस तरह देख सकूँ। मेरा हृदय यह कैसे सहन कर सकता है? आह! मुझे तुम लोगों को खुद अपने हाथ से सिखाना होगा। मेरी गति लगातार तेज हो रही है। मेरे पुत्रो! जल्दी से उठो और मेरे साथ सहयोग करो। कौन अब ईमानदारी से मेरे लिए खुद को खर्च करता है? कौन शिकायत के एक भी शब्द के बिना खुद को पूरी तरह से समर्पित करने में सक्षम है? तुम लोग हमेशा से इतने सुन्न और मंदबुद्धि हो! तुममें से कितने मेरी भावनाओं के प्रति विचारशील होने में सक्षम हैं, और कितने वास्तव में मेरे वचनों की आत्मा को समझ सकते हैं? मैं बस इतना कर सकता हूँ कि व्याकुलता से प्रतीक्षा और आशा करूँ; यह देखते हुए कि तुम लोगों का कोई भी कदम मेरे हृदय को संतुष्ट नहीं कर सकता, मैं क्या कह सकता हूँ? मेरे पुत्रो! तुम्हारा पिता आज जो कुछ भी करता है, वह अपने पुत्रों के लिए करता है। क्यों मेरे पुत्र कभी मेरे हृदय को नहीं समझ सकते, और क्यों मेरे पुत्र हमेशा मुझे, अपने पिता को, चिंता में डालते हैं? मेरे पुत्र कब बड़े होंगे, मुझे चिंता में नहीं डालेंगे, और मुझे अपने बारे में निश्चिंत होने देंगे? मेरे पुत्र कब स्वतंत्र रूप से जीने में सक्षम होंगे, खड़े होंगे, और अपने पिता के कंधों का बोझ हलका करेंगे? मैं बस अपने पुत्रों के लिए चुपचाप आँसू बहाता हूँ, और मैं परमेश्वर की प्रबंधन-योजना पूरी करने और अपने पुत्रों, अपने प्रियजनों को बचाने के लिए सब-कुछ लगाता हूँ। मेरे पास और कोई विकल्प नहीं है।

मेरे वादे पूरे हो चुके हैं और तुम्हारी आँखों के आगे साकार हो गए हैं। तुम मेरे हृदय के प्रति विचारशील क्यों नहीं हो सकते? क्यों? क्यों? अब तक, क्या तुम लोगों ने गिना है : तुमने ऐसी कितनी चीजें की हैं, जिन्होंने मेरे हृदय को संतुष्ट किया, और तुमने ऐसी कितनी चीजें की हैं, जिन्होंने कलीसिया का भरण-पोषण किया? इस पर ध्यान से विचार करो; लापरवाह मत बनो। सत्य के एक भी कण को जाने न दो। तुम केवल दिखावों पर ध्यान केंद्रित कर सार को नजरअंदाज़ नहीं कर सकते। तुम लोगों को हर समय यह जाँचना चाहिए कि क्या तुम्हारा प्रत्येक वचन और कार्य और तुम्हारा हर एक कदम मसीह के आसन के सामने न्याय से गुजरा है, और क्या तुम एक नए व्यक्ति की छवि में रूपांतरित हुए हो—नकल में नहीं, बल्कि जीवन की अभिव्यक्ति के साथ भीतर गहराई से उभरते हुए। अपने जीवन में देरी न करो, ताकि तुम नुकसान उठाने से बच सको। जल्दी करो और इस स्थिति का समाधान करो, मेरे हृदय को संतुष्ट करो, और आचरण के सिद्धांतों को ध्यान में रखो : चीजों को धार्मिकता और शुचिता से करो और मेरे हृदय को संतुष्ट करो। लापरवाह मत बनो। क्या तुम इसे याद रख सकते हो?

पिछला: अध्याय 39

अगला: अध्याय 41

सभी विश्वासी यीशु मसीह की वापसी के लिए तरस रहे हैं। क्या आप उनमें से एक हैं? हमारी ऑनलाइन सहभागिता में शामिल हों और आपको परमेश्वर से फिर से मिलने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

प्रार्थना के अभ्यास के बारे में

तुम लोग अपने दैनिक जीवन में प्रार्थना को कोई महत्व नहीं देते। मनुष्य प्रार्थना की उपेक्षा करता है। मनुष्य बेमन से परमेश्वर के सामने...

तुम लोगों को कार्य को समझना चाहिए—भ्रम में अनुसरण मत करो!

आज ऐसे बहुत से लोग हैं जो भ्रमित तरीके से आस्था रखते हैं। तुम लोगों के अंदर जिज्ञासा बहुत अधिक है, आशीषों को प्राप्त करने की इच्छा बहुत...

ओ लोगो! आनंद मनाओ!

मेरे प्रकाश में, लोग फिर से रोशनी देखते हैं। मेरे वचन में, लोग उन चीज़ों को देखते हैं जिनसे उन्हें आनंद मिलता है। मैं पूरब से आया हूँ, मैं...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें