सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप

परमेश्वर की आवाज़ सुनें और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करें!

सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

वचन देह में प्रकट होता है

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

`

उनतालीसवां कथन

अपनी आंखें खोलो और देखो और तुम हर जगह मेरी महान शक्ति को देख सकते हो! तुम हर जगह मेरे बारे में निश्चित हो सकते हो। ब्रह्मांड और उसका विस्तार मेरी महान शक्ति को फैला रहे हैं। मैंने जो वचन बोले हैं वे सभी मौसम के गर्म होने, जलवायु परिवर्तन, लोगों की विसंगतियों, सामाजिक गतिकी की अव्यवस्था और लोगों के हृदय की धूर्तता में सच हो गए हैं। सूरज सफेद हो जाता है और चंद्रमा लाल हो जाता है; सबकुछ अव्यवस्थित है। क्या तुम लोग अभी भी इन्हें नहीं देख पाते हो?

परमेश्वर की महान शक्ति इसमें प्रकट हुई है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि वही एक सच्चा परमेश्वर है-सर्वशक्तिमान है-जिसका लोगों ने कई वर्षों तक अनुसरण किया है! ऐसा कौन है जो पहले बोलता है और फिर चीजों को घटित कराता है? केवल हमारा सर्वशक्तिमान परमेश्वर। जैसे ही वह कहता है, सत्य तुरंत प्रकट हो जाता है। तुम कैसे नहीं कह सकते हो कि वही सच्चा परमेश्वर है?

मुझे दिल की गहराई से पता है कि तुम सभी लोग मेरे साथ सहयोग करने के इच्छुक हो और मेरा मानना है कि मेरे चुने हुए लोगों, मेरे प्यारे भाइयों और बहनों के पास इस तरह की आकांक्षा है, लेकिन तुम बस प्रवेश नहीं कर पा रहे हो या वास्तव में अभ्यास नहीं कर पा रहे हो, जब तुम वास्तविक घटनाओं का सामना करते हो तो धैर्यवान और शांत नहीं रह पाते हो। तुम कभी भी परमेश्वर के इरादों पर कोई ध्यान नहीं देते हो, और तुम अपने निजी हितों को पहले ले आते हो और पहले ही आगे आ जाते हो। मैं तुम लोगों को बता दूँ, इस तरह से मेरे इरादे कभी पूरे नहीं होंगे! मेरे बच्चे! बस मुझे अपना हृदय पूरी तरह से दे दो। स्पष्ट रहो! मैं तुम्हारा धन नहीं चाहता हूं और न ही तुम्हारी चीजें और न ही मैं ये चाहता हूं कि तुम मेरे पास सेवा करने के लिए उत्साह से, धूर्तता से या संकीर्ण मन से आओ। शांत और शुद्ध हृदय वाले बनो, जब समस्याएं उत्पन्न हों तो प्रतीक्षा करो और खोजो, मैं तुम्हें उत्तर दूंगा। संदेह में मत रहो! तुम मेरे वचनों को कभी सच क्यों नहीं मानते हो? तुम मेरे वचनों पर विश्वास क्यों नहीं कर सकते हो?

तुम एक हद तक जिद्दी हो और इस समय अभी भी वैसे ही बने हो, तुम बहुत अज्ञानी हो और बिल्कुल भी प्रबुद्ध नहीं हो! तुम लोगों को कितने महत्वपूर्ण सत्य याद हैं? क्या तुमने वास्तव में इनका अनुभव किया है? जब तुम समस्याओं का सामना करते हो तो तुम उलझन में पड़ जाते हो और लापरवाही से कार्य करते हो! आज की मुख्य बात यह है कि तुम आत्मा में प्रवेश करो और मेरे साथ और अधिक संवाद करो, जैसे कि तुम लोगों के अपने हृदय समय-समय पर किसी समस्या के बारे में सोचते हैं। क्या तुम समझे? यह महत्वपूर्ण है! देरी से किया गया अभ्यास वास्तव में एक समस्या है। जल्दी करो, देरी मत करो! वे लोग जो मेरे वचनों को सुनते हैं और देरी नहीं करते हैं बल्कि उनका तुरंत अभ्यास करते हैं, उन्हें बहुत आशीर्वाद मिलेगा! मैं तुम लोगों पर दोगुनी कृपा करूंगा! चिंता मत करो! एक क्षण की भी देरी किए बिना, जैसा मैंने कहा वैसा करो! तुम मनुष्यों की अवधारणाएं अक्सर ऐसी ही होती हैं, और तुम टालमटोल करते हो, हमेशा देरी करते हो, जिसे आज किया जाना चाहिए उसे कल करते हो। तुम आलसी और बेहद फूहड़ हो। वचनों से इसका वर्णन नहीं किया जा सकता है! मैं बढ़ा-चढ़ा कर नहीं कह रहा हूं, बल्कि यही तथ्य है। यदि तुम इस पर विश्वास नहीं करते हो, तो ध्यान से खुद की जांच करो और अपनी स्थिति की जांच करो और तुम लोग पाओगे कि ऐसा वास्तव में है!

पिछला:छत्तीसवाँ कथन

अगला:चालीसवां कथन

शायद आपको पसंद आये