अध्याय 26
मेरे पुत्र, मेरे वचनों पर ध्यान दो, शांतिपूर्वक मेरी वाणी सुनो और मैं तुम्हारे सामने चीजें प्रकट कर दूँगा। मेरे भीतर शांत रहो, क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, तुम लोगों का एकमात्र मुक्तिदाता। तुम लोगों को हर समय अपने हृदय शांत रखने चाहिए और मेरे भीतर रहना चाहिए; मैं तुम्हारी चट्टान हूँ, तुम्हारा संबल हूँ, कोई दूसरा इरादा मत पालो, बल्कि अपने पूरे दिल से मुझ पर निर्भर रहो और मैं निश्चित रूप से तुम्हारे सामने प्रकट हूँगा—मैं तुम लोगों का परमेश्वर हूँ! आह, वे शंकालु! वे निश्चित रूप से अडिग नहीं रह सकते और कुछ भी प्राप्त नहीं करेंगे। तुम्हें पता होना चाहिए कि अब क्या समय है, यह कैसा निर्णायक पल है! यह कितना महत्वपूर्ण है! अपने को उन चीजों में व्यस्त मत करो, जो किसी काम की नहीं हैं; जल्दी से मेरे निकट चले आओ, मेरे साथ संगति करो, और मैं तुम्हारे सामने सारे रहस्य प्रकट कर दूँगा।
तुम्हें पवित्र आत्मा से आए निर्देश का प्रत्येक वचन सुनना होगा और उसे दिल से लगाना होगा। कितनी ही बार तुमने मेरे वचनों को सुना है और फिर उन्हें भुला दिया है। अरे विचारहीन लोगो! तुमने बहुत सारे आशीष खो दिए हैं! अब तुम्हें ध्यान से सुनना चाहिए और मेरे वचनों पर ध्यान देना चाहिए, मेरे साथ अधिक संगति करो, और मेरे अधिक करीब आओ। उस सबमें, जिसे तुम नहीं समझते, मैं तुम्हें सिखाऊँगा, और मैं तुम लोगों को आगे ले जाऊँगा। दूसरों के साथ अधिक संगति करने को महत्व न दो। अब बहुत लोग ऐसे हैं, जो शब्द और धर्म-सिद्धांत बोलते हैं, और ऐसे बहुत कम हैं, जिनके पास सचमुच मेरी वास्तविकता है। इसके बजाय उनकी संगति व्यक्ति को उलझन में डाल देती है और जड़ बना देती है, और वह नहीं जान पाता कि आगे कैसे बढ़ें। उन्हें सुनकर व्यक्ति केवल शब्दों और धर्म-सिद्धांतों के बारे में थोड़ा और समझ सकता है। तुम लोगों को अपने कदम के प्रति सावधान रहना चाहिए, अपने दिलों को हर समय मेरे समक्ष रहने देना चाहिए; तुम्हें मेरे साथ कामकाज करना चाहिए और मेरे करीब आना चाहिए, और मैं तुम्हें वह दिखाऊँगा, जिसे तुम समझ नहीं पाते। अपने मुँह पर लगाम लगाओ, हर समय अपने दिल का निरीक्षण करो, और उस मार्ग पर चलो, जिस पर मैं चलता हूँ।
यह अब लंबा नहीं होगा, अभी थोड़ा ही समय बाकी है। जल्दी से मेरे अलावा सारी चीजों को त्याग दो और मेरे पीछे आओ! मैं तुम लोगों को धोखा नहीं दूँगा। बहुत बार तुम लोगों ने मेरे कार्यों को गलत समझा है, लेकिन क्या तुम जानते हो कि मैं तुम लोगों से कितना प्रेम करता हूँ? आह, तुम बस मेरे दिल को नहीं समझते। चाहे तुमने कितना भी संदेह किया, चाहे तुम मेरे कितने भी ऋणी रहे, मैं उसे याद नहीं करूँगा, और फिर भी मैंने मेरे इरादों के अनुसार कार्य करने के लिए तुम लोगों को चुना।
आज देर करने का समय नहीं है। अगर तुम अभी भी कोई दूसरा इरादा पाले हुए हो, तो मेरा न्याय तुम लोगों पर आ पड़ेगा। यदि तुम लोग मुझे एक पल के लिए भी छोड़ोगे, तो तुम्हारा हाल लूत की पत्नी जैसा होगा। अब पवित्र आत्मा के कार्य की गति तेज हो गई है, और जो लोग नई रोशनी के साथ कदम से कदम नहीं मिला सकते, वे संकट में हैं, और जो लोग चौकस नहीं हैं उन्हें त्याग दिया जाएगा; तुम्हें अवश्य ही अपनी रक्षा करनी चाहिए। तुम्हें जानना चाहिए कि तुम्हारे आसपास का सारा परिवेश मेरी अनुमति और मेरी व्यवस्था से बना है। इस बारे में स्पष्ट रहो और मैंने तुम्हें जो परिवेश दिया है उसमें मेरे दिल को संतुष्ट करो। इस या उस चीज से डरो मत, सेनाओं का सर्वशक्तिमान परमेश्वर निश्चित रूप से तुम्हारे साथ होगा; वह तुम लोगों के संबल और तुम्हारी ढाल की तरह कार्य करता है। आज मनुष्य में बहुत सारी धारणाएँ हैं, जो मुझे उन लोगों के माध्यम से अपने इरादे व्यक्त करने के लिए बाध्य करती हैं जिन्हें दूसरे नीची निगाह से देखते हैं, इस प्रकार उन लोगों को शर्मिंदा करने को बाध्य करती हैं जो खुदगर्ज और आत्मतुष्ट, अभिमानी, दंभी, महत्वाकांक्षी हैं और जो खुद को ऊँचे पायदान पर रखते हैं। अगर तुम मेरे बोझ के लिए सच्चे दिल से परवाह दिखाते हो तो मैं तुम लोगों के लिए सब कुछ तैयार कर चुका हूँगा। बस, मेरा अनुसरण करो!