अध्याय 27

वो एकमात्र सच्चा परमेश्वर जो ब्रह्मांड और सभी चीजों के ऊपर शासन करता है—सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह! यह पवित्र आत्मा की गवाही है, अकाट्य साक्ष्य! पवित्र आत्मा हर जगह गवाही देने के लिए कार्य कर रहा है, ताकि किसी को कोई संदेह न हो। विजयी राजा, सर्वशक्तिमान परमेश्वर! वह दुनिया भर में विजयी हो गया है, उसने पाप पर विजय प्राप्त कर ली है और उसने अपने छुटकारे के कार्य को संपन्न कर लिया है! उसने हमें, शैतान द्वारा भ्रष्ट किए गए इस समूह के लोगों को, बचाया है और अपनी इच्छा पर चलने के लिए हमें पूर्ण बनाया है। वह पूरी पृथ्वी पर राजा की शक्ति का उपयोग करता है, इस धरती को वापस ले रहा है और शैतान को अथाह कुंड तक खदेड़ रहा है। वह दुनिया का न्याय करता है और कोई भी उसके हाथों से बचकर नहीं निकल सकता है। वह राजा के रूप में शासन करता है।

संपूर्ण पृथ्वी खुशी से झूम उठी है! वह विजयी राजा—सर्वशक्तिमान परमेश्वर की स्तुति करती है! सदैव सदैव के लिए! तू सम्मान और प्रशंसा के योग्य है। ब्रह्मांड के महान राजा का अधिकार और उसकी महिमा हो!

समय कम है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पदचिह्नों का अनुसरण करो और आगे बढ़ते रहो। गलती को लेकर बहुत सावधान रहो, उसकी ज़िम्मेदारी की ओर विचारशील बनो, उसके साथ एकचित्त बनो और खुद को उसकी प्रबंधन योजना के लिए खपाओ। तुम्हें संपत्ति नहीं रखनी चाहिए। बहुत कम समय बचा है। उन्हें भेंट कर दो! उन्हें रखो मत! उन्हें भेंट कर दो! उन्हें रखो मत!

पिछला: अध्याय 26

अगला: अध्याय 28

परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

परमेश्वर का स्वभाव और उसका कार्य जो परिणाम हासिल करेगा, उसे कैसे जानें

सबसे पहले, आओ हम एक भजन गाएँ: राज्य गान (I) दुनिया में राज्य का अवतरण हुआ है।संगत: लोग मेरी जय-जयकार करते हैं, लोग मेरी स्तुति करते हैं;...

कार्य और प्रवेश (3)

परमेश्वर ने मनुष्यों को बहुत-कुछ सौंपा है और अनगिनत प्रकार से उनके प्रवेश के बारे में भी संबोधित किया है। परंतु चूँकि लोगों की क्षमता बहुत...

तुम्हें सत्य के लिए जीना चाहिए क्योंकि तुम्हें परमेश्वर में विश्वास है

सभी मनुष्यों के साथ एक आम समस्या यह है कि वे सत्य को समझते तो हैं लेकिन उसे अभ्यास में नहीं ला पाते। ऐसा इसलिए है कि एक तरफ वे इसकी कीमत...

दस प्रशासनिक आदेश जो राज्य के युग में परमेश्वर के चुने लोगों द्वारा पालन किए जाने चाहिए

1. मनुष्य को स्वयं को बड़ा नहीं दिखाना चाहिए, न अपनी बड़ाई करनी चाहिए। उसे परमेश्वर की आराधना और बड़ाई करनी चाहिए।2. वह सब कुछ करो जो...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें