अध्याय 66

मेरा कार्य इस चरण तक जारी रहा है और इस समूचे कार्य ने मेरे हाथों की बुद्धिमानी भरी व्यवस्थाओं का अनुसरण किया है, और यह सब मेरी एक बड़ी सफलता भी रहा है। मनुष्य के बीच ऐसा कौन है जो ऐसी कोई चीज कर सकता है? बल्कि इसकी बजाय क्या वे मेरे प्रबंधन को बाधित नहीं करते हैं? फिर भी, तुम्हें पता होना चाहिए कि ऐसा कोई तरीका नहीं है कि मेरे कार्य को कोई दूसरा मेरी जगह कर सके, इसमें बाधा डालना तो दूर की बात है, क्योंकि ऐसा कोई नहीं है जो वह कह सके जो मैं कहता हूँ, या जो वह कर सके जो मैं करता हूँ। यद्यपि यह मामला है, फिर भी लोग मुझे—बुद्धिमान सर्वशक्तिमान परमेश्वर को—नहीं जानते हैं! बाहर से तुम लोग खुलकर मेरा विरोध करने की हिम्मत नहीं करते हो, मगर अपने हृदय और मस्तिष्क में मेरा विरोध करते हो। मूर्खो! क्या तुम नहीं जानते कि मैं ही वह परमेश्वर हूँ जो मनुष्य के अंतर्तम हृदय को देखता है? क्या तुम नहीं जानते हो कि मैं तुम्हारी हर कथनी और करनी को देखता हूँ? मैं तुमसे कहता हूँ, मैं दोबारा कभी भी अपने होंठों से नम्र वचन नहीं कहूँगा। इसकी बजाय, वे सभी कठोर न्याय के वचन होंगे, और मैं देखूँगा कि तुम उन्हें सहन कर सकते हो या नहीं। अब आगे से, जिनके हृदय मेरे नज़दीक नहीं हैं, अर्थात् जो सच्चे हृदय से मुझे प्रेम नहीं करते हैं, ये वे लोग हैं जो खुलेआम मेरा अनादर करते हैं।

आज, पवित्र आत्मा का कार्य उस स्थिति तक पहुँच गया है जहाँ पिछली विधि का उपयोग अब और नहीं किया जाएगा, बल्कि इसकी बजाय अब एक नई विधि लागू की जा रही है। जो लोग मेरे साथ सकारात्मक और सक्रिय रूप से सहयोग नहीं करेंगे वे मृत्यु की खाई, अधोलोक, में जा गिरेंगे (और ये लोग हमेशा नरक-वास भुगतेंगे)। नई विधि इस प्रकार है : यदि तुम्हारा हृदय और मस्तिष्क सही नहीं हैं, तो मेरा न्याय तुरंत तुम पर टूट पड़ेगा। इसमें दुनिया, संपत्ति, परिवार, पति, पत्नी, बच्चे, माता-पिता, खान-पान, कपड़े और ऐसी हर चीज जो आध्यात्मिक दुनिया का हिस्सा नहीं है, से चिपके रहना शामिल है। संतों की प्रबुद्धता दिनोदिन अधिक दिखाई देने लगेगी, अर्थात्, जीवन की भावनाएँ और अधिक स्पष्ट हो जाएंगी और निरंतर गतिशील रहेंगी। जो कोई मामूली-सी भी बाधा उत्पन्न करेगा, वह विनाशकारी पतन को भुगतेगा और जीवन के मार्ग पर बहुत पीछे छूट जाएगा। जो लोग उदासीन रवैया अपनाते हैं, जो भक्ति के साथ खोज नहीं करते हैं, मैं बिना किसी अपवाद के उनका पूरी तरह से परित्याग कर दूँगा और उन सभी को अनदेखा कर दूँगा। वे एक हज़ार साल तक आपदाओं में दिन काटेँगे। जो लोग उत्साहपूर्वक खोज करते हैं, अर्थात्, जो हमेशा बाधा डालते हैं, मैं उनकी अज्ञानता को दूर कर दूँगा और उन्हें अपने प्रति वफादार बना दूँगा। साथ ही, उन्हें बुद्धि और सूझबूझ प्राप्त होगी, और इस तरह वे और अधिक आस्था के साथ खोज करेंगे। मैं अपने सभी ज्येष्ठ पुत्रों पर अपने आशीषों को दुगना कर देता हूँ और तुम लोगों को मेरा प्यार हर समय मिलता है। मैं तुम लोगों की देखभाल और रक्षा करता हूँ और मैं तुम लोगों को शैतान के जाल में नहीं फँसने दूँगा। मैंने सभी लोगों के बीच अपने कार्य की शुरुआत कर दी है, अर्थात्, मैंने एक अन्य कार्य परियोजना जोड़ दी है। ये वे लोग हैं जो एक हजार साल तक मसीह को सेवा प्रदान करेंगे, और लोग भारी संख्या में मेरे राज्य का रुख करेंगे।

मेरे पुत्रो, तुम लोगों को अपने अभ्यास को और प्रखर करना चाहिए। तुम लोगों के लिए बहुत-सा कार्य प्रतीक्षा कर रहा है जिसका तुम्हें जिम्मा उठाना है और उसे पूरा करना है। मैं केवल इतना ही चाहता हूँ कि तुम लोग जल्दी से परिपक्व बनो, ताकि तुम उस कार्य को पूरा करो जो मैंने तुम लोगों को सौंपा है। यह तुम लोगों की पवित्र ज़िम्मेदारी है, और ऐसा कर्तव्य है जो तुम लोगों में से उनके द्वारा किया जाना चाहिए जो मेरे ज्येष्ठ पुत्र हैं। मैं पथ के अंत तक पहुँचने तक तुम लोगों की रक्षा करूँगा और तुम लोगों को सुरक्षित रखूँगा, ताकि तुम लोग मेरे साथ हमेशा परम आनंद का अनुभव कर सको! तुम लोगों में से हरेक को इस तथ्य का परिज्ञान होना चाहिए कि मैंने कई बलिदानों और कई पर्यावरणों की व्यवस्था की है, ताकि तुम लोग पूर्ण बनाए जा सको। तुम लोग जानते हो कि ये सभी मेरे आशीष हैं, जानते हो न? तुम सभी लोग मेरे प्यारे पुत्र हो। जब तक तुम लोग ईमानदारी से मुझे प्यार करोगे, मैं तुम लोगों में से एक को भी नहीं त्यागूँगा, यद्यपि यह इस बात पर निर्भर करता है कि तुम लोग मेरे साथ समरसता से सहयोग करने में सक्षम हो या नहीं।

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