100  परमेश्वर द्वारा प्राप्त लोगों ने वास्तविकता प्राप्त की है

1

ईश्वर व्यावहारिक ईश्वर है।

उसका सारा कार्य, सब वचन, सच्चाई जो उसने व्यक्त की, व्यावहारिक हैं।

बाक़ी सब खोखला और अनुचित है।

मानव को पवित्र आत्मा राह दिखाएगा ईश्वर के वचनों में प्रवेश के लिए।

वास्तविकता में प्रवेश के लिए, मानव को ज़रूरत है

इसे जानने और अनुभव करने की।

जो लोग वास्तविकता को जानते हैं वे लोग परमेश्वर द्वारा प्राप्त हैं।

वे उसके कार्य जानते हैं वास्तविकता का अनुभव करके।

तुम जितना ईश्वर का साथ देते हो जितना देह को अनुशासित बनाते हो,

उतना ही ईश्वर कार्य करेगा और तुमपे प्रकाश बरसाएगा,

और तुम सच्चाई को प्राप्त करोगे और ईश्वर के कार्य को जानोगे।


2

वह जो ज़्यादा वास्तविकता जानता है देख सकता है

किसका वचन वास्तविक, कम धारणायुक्त है।

अनुभव के अनुसार मानव ईश्वर के कार्य, जानता है जितना अधिक

अपने भ्रष्टाचार से मुक्त होता है उतना अधिक।

उनके पास है जितनी ज़्यादा वास्तविकता, उतना ज़्यादा परमेश्वर को जानते हैं,

देह से घृणा और सत्य से प्रेम करते हैं, ईश्वरीय मानकों के पास होते हैं।

जो लोग वास्तविकता को जानते हैं वे लोग परमेश्वर द्वारा प्राप्त हैं।

वे उसके कार्य जानते हैं वास्तविकता का अनुभव करके।

तुम जितना ईश्वर का साथ देते हो जितना देह को अनुशासित बनाते हो,

उतना ही ईश्वर कार्य करेगा और तुमपे प्रकाश बरसाएगा,

और तुम सच्चाई को प्राप्त करोगे और ईश्वर के कार्य को जानोगे।


परमेश्वर के वर्तमान प्रकाश में जीओ साफ़ होगा तुम्हारे अभ्यास का मार्ग।

तुम ख़ुद को मुक्त कर सकते हो पुराने अभ्यास से और धार्मिक धारणाओं से।

वास्तविकता पर अब ध्यान है।

जितना मानव ये प्राप्त करता है,

उतना साफ़ हो उसके सत्य का ज्ञान और समझ परमेश्वर की इच्छा की।

जो लोग वास्तविकता को जानते हैं वे लोग परमेश्वर द्वारा प्राप्त हैं।

वे उसके कार्य जानते हैं वास्तविकता का अनुभव करके।

तुम जितना ईश्वर का साथ देते हो जितना देह को अनुशासित बनाते हो,

उतना ही ईश्वर कार्य करेगा और तुमपे प्रकाश बरसाएगा,

और तुम सच्चाई को प्राप्त करोगे और ईश्वर के कार्य को जानोगे।


—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, वास्तविकता को कैसे जानें से रूपांतरित

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