अध्याय 76

मेरे सभी कथन मेरी इच्छा की अभिव्यक्तियाँ हैं। मेरे बोझ का खयाल कौन रख सकता है? मेरे इरादे को कौन समझ सकता है? क्या तुमलोगों ने मेरे हर प्रश्न पर विचार किया है जो मैंने तुम्हारे सामने रखे हैं? ऐसी लापरवाही! तुम मेरी योजनाओं में बाधा डालने की हिम्मत कैसे करते हो? तुम नियंत्रण के परे हो! यदि दुष्ट आत्माओं का ऐसा काम जारी रहता है, तो मैं उन्हें तुरंत अथाह गड्ढे में मरने के लिए डाल दूँगा! मैंने लंबे समय से दुष्ट आत्माओं के विभिन्न दुष्कर्मों को स्पष्ट रूप से देखा है। और दुष्ट आत्माओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लोगों (गलत इरादों वाले लोग, जो देह-सुख या धन की लालसा करते हैं, जो खुद को ऊंचा उठाते हैं, जो कलीसिया को बाधित करते हैं, आदि) की असलियत भी मैं स्पष्ट रूप से जान गया हूँ। यह मत समझो कि दुष्ट आत्माओं को बाहर निकालते ही सब कुछ खत्म हो जाता है। मैं तुम्हें बता दूँ! अब से, मैं इन लोगों का एक-एक करके निपटारा करूँगा, कभी उनका उपयोग नहीं करूँगा! कहने का तात्पर्य है, दुष्ट आत्माओं द्वारा भ्रष्ट किसी भी व्यक्ति का उपयोग मेरे द्वारा नहीं किया जाएगा, और उसे बाहर निकाल दिया जाएगा! ऐसा मत सोचना कि मैं भावनाविहीन हूँ! जान लो! मैं पवित्र परमेश्वर हूँ, और मैं एक गंदे मंदिर में नहीं रहूँगा! मैं केवल ईमानदार और बुद्धिमान लोगों का उपयोग करता हूँ जो मेरे प्रति पूरी तरह वफ़ादार और मेरे बोझ के प्रति विचारशील हो सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ऐसे लोगों को मेरे द्वारा पूर्वनिर्धारित किया गया था। कोई भी दुष्ट आत्मा उनपर बिलकुल काम नहीं करता है। मुझे यह बात स्पष्ट करने दो: अब से, जिन सब लोगों के पास पवित्र आत्मा का कार्य नहीं है, उनके पास दुष्ट आत्माओं का काम है। मैं एक बार फिर बता दूँ: मैं एक भी ऐसे व्यक्ति को नहीं चाहता जिसपर दुष्ट आत्माएँ काम करती हैं। वे सभी अपनी देह के साथ नरक में डाल दिए जाएँगे!

अतीत में तुमलोगों से मेरी अपेक्षाएँ थोड़ी नर्म थीं, और जहां तक देह की बात है, तो तुमलोग स्वछन्द रहे हो। अब आज के बाद, मैं तुम्हें इसे जारी रखने की अनुमति नहीं दूँगा। यदि तुम्हारे शब्द और कार्य मुझे हर तरह से प्रकट नहीं करते हैं, या यदि वे ज़रा भी मेरी अनुरूपता में नहीं हैं, तो निश्चित रूप से मैं तुम्हें आसानी से नहीं छोडूँगा। अन्यथा, तुमलोग हमेशा बिना किसी नियंत्रण के, हँसते और मज़ाक करते रहोगे, ठहाके लगाते रहोगे। जब तुम कुछ गलत करते हो, तो क्या तुम्हें नहीं लगता कि मैंने तुम्हें त्याग दिया है? जबकि तुम जानते हो, फिर भी तुम क्यों स्वच्छन्द हो? क्या तुम न्याय में उठे मेरे हाथ के स्पर्श की प्रतीक्षा कर रहे हो? आज से, जो कोई एक भी पल के लिए मेरे इरादे से सहमत नहीं होता है, उसे मैं तुरंत दंडित करूँगा। यदि तुम इधर-उधर साथ बैठकर बकवाद करते हो, तो मैं तुम्हें त्याग दूँगा। अगर तुम आध्यात्मिक बातें नहीं करते हो, तो मत बोलो। मैं तुम पर रोक-टोक लगाने के लिए यह नहीं कह रहा हूँ बल्कि मेरा मतलब यह है कि चूँकि मेरा काम इस चरण तक बढ़ चुका है, तो अब मैं अपनी योजना के अनुसार इसे जारी रखूँगा। यदि तुमलोग साथ बैठकर जीवन की आध्यात्मिक चीज़ों के बारे में संवाद करते हो, तो मैं तुम सभी के साथ रहूँगा। मैं तुमलोगों में से किसी से भी अनुचित व्यवहार नहीं करूँगा। जब तुम अपना मुंह खोलोगे, तो मैं तुम्हें उचित शब्द प्रदान करूँगा। तुम्हें मेरे वचनों में अंतर्निहित मेरे दिल की सराहना करनी चाहिए। मैं तुमलोगों से मूक होने का ढोंग करने के लिए नहीं कह रहा हूँ, न ही मैं तुम सभी से तुच्छ बातों में शामिल होने के लिए कह रहा हूँ।

मैं क्यों कहता रहता हूँ कि ज्यादा समय नहीं बचा है, और मेरे दिन के आने में देर नहीं होनी चाहिए? क्या तुमलोगों ने इस बारे में सावधानी से सोचा है? क्या तुम वास्तव में मेरे वचनों का अर्थ समझते हो? अर्थात, जब से मैंने बात करनी शुरू की थी तब से मैं काम करता रहा हूँ। तुमलोगों में से हर एक व्यक्ति मेरे कार्य का उद्देश्य रहा है। विशेष कोई एक ही व्यक्ति नहीं; और इसके अलावा, कोई और व्यक्ति नहीं। तुमलोग केवल आशीर्वाद का आनंद नहीं ले पाने के बारे में चिंतित हो, लेकिन तुम अपने जीवन के विषय में नहीं सोचते हो। तुम कितने मूर्ख हो! तुम कितने दयनीय हो! तुम्हें मेरे बोझ का बिलकुल भी खयाल नहीं है!

मेरे सभी श्रमसाध्य प्रयास और वो क़ीमत जो मैंने चुकाई है, वे तुम्हारे लिए हैं। यदि तुम मेरे बोझ के बारे में विचारशील नहीं हो, तो तुमलोग मेरी उन अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर रहे हो जो मुझे तुम सभी से हैं। सभी राष्ट्र तुमलोगों के शासन का इंतजार कर रहे हैं, और सभी लोग तुम्हारे द्वारा शासित होने का इंतज़ार कर रहे है। मैंने सब कुछ तुमलोगों के हाथों में दे दिया है। अब, सत्ता में रहने वाले सभी लोग पद त्याग करने लगे हैं और गिर पड़े हैं, और वे सिर्फ मेरे न्याय का सामना करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ध्यान से देखो! दुनिया अब टुकड़े-टुकड़े हो रही है, जबकि मेरा राज्य सफलतापूर्वक निर्मित हुआ है। मेरे पुत्र प्रकट हुए हैं और मेरे ज्येष्ठ पुत्र मेरे साथ राजाओं के रूप में विभिन्न राष्ट्रों और लोगों पर शासन करते हैं। ऐसा मत सोचो कि यह कोई अस्पष्ट बात है; यह सीधा-सादा सच है। क्या ऐसा नहीं है? जैसे ही तुम सब प्रार्थना करते हो और मुझसे अनुनय करते हो, मैं तुरंत कार्यवाही करूँगा और तुम सभी को सताने वालों को दंडित करूँगा, जो तुम्हें परेशान करते हैं उनसे निपटूँगा, उनलोगों को नष्ट कर दूँगा जिनसे तुम नफ़रत करते हो, और उन लोगों, घटनाओं, और चीज़ों का प्रबंधन करूँगा जो तुम्हारी सेवा में रत हैं। मैंने इसे कई बार कहा है: मैं उस व्यक्ति का उद्धार नहीं करूँगा जो मसीह की सेवा करता है (यानी कोई भी जो मेरे पुत्र के लिए सेवा प्रदान करता है)। मेरे पुत्र की सेवा करने का मतलब यह नहीं है कि वे अच्छे लोग हैं; यह पूरी तरह से मेरी महान शक्ति और मेरे अद्भुत कार्यों का परिणाम है। मानवता को बहुत ज्यादा महत्व मत दो। ऐसे लोगों के पास निश्चित रूप से पवित्र आत्मा का कार्य नहीं है और वे आध्यात्मिक चीज़ों को बिलकुल ही नहीं समझते। मैं जब उन्हें समाप्त कर देता हूँ, तब उनका कोई उपयोग नहीं रहेगा। इसे याद रखना! यह तुम सब के लिए मेरी पुष्टि है। अव्यवस्थित ढंग से जानने की कोशिश मत करो, समझे?

लोग लगातार कम होते जा रहे हैं, लेकिन सदस्य हमेशा से अधिक परिष्कृत हैं। यह मेरा कार्य है, मेरी प्रबंधन योजना, और इसके अलावा यह मेरी बुद्धि और मेरी सर्वशक्तिमत्ता है। यह मेरी सामान्य मानवता और मेरी पूर्ण दिव्यता का समन्वय है। क्या तुम सब इसे स्पष्ट रूप से देख रहे हो? क्या तुम्हें इस मुद्दे की कोई वास्तविक समझ है? मैं अपनी दिव्यता के माध्यम से एक-एक कर उन सभी चीजों को पूरा करूँगा जिनकी बात मैंने अपनी सामान्य मानवता के द्वारा की है। इसी कारण मैं यह कहता रहता हूँ कि जो भी मैं बोलता हूँ वह निस्संदेह होकर रहेगा; बल्कि, यह सब बहुत स्पष्ट और प्रकट होगा। जो भी मैं कहता हूँ वह पूरा होगा, और निश्चित रूप से यह लापरवाही से नहीं किया जाएगा। मैं खोखले वचनों को नहीं कहता और मैं भूल नहीं करता हूँ। जो भी मुझे मापने की हिम्मत करता है, उसका न्याय किया जाएगा, और निश्चित रूप से मेरी हथेली से बच नहीं पाएगा। जैसे ही मेरे वचन बोले जाते हैं, कौन विरोध करने की हिम्मत करता है? मुझे फुसलाने या मुझसे कुछ भी छिपाने का दुस्साहस कौन करता है? मैं पहले यह कह चुका हूँ: मैं एक बुद्धिमान परमेश्वर हूँ। मैं अपनी सामान्य मानवता का उपयोग सभी लोगों और शैतानी व्यवहार को प्रकट करने के लिए करता हूँ, उन लोगों को उघाड़ता हूँ जो गलत इरादे वाले हैं, जो दूसरों के सामने तो एक तरह से पेश आते हैं और उनकी पीठ के पीछे दूसरी तरह से, जो मेरा विरोध करते हैं, जो मेरे प्रति विश्वासघाती हैं, जो दौलत के लालच में हैं, जो मेरे बोझ के प्रति विचारशील नहीं हैं, जो अपने भाइयों और बहनों के साथ धोखाधड़ी और कुटिलता में लगे हुए हैं, जो लोगों को खुश करने के लिए चिकनी-चुपड़ी बातें करते हैं, और जो अपने भाइयों और बहनों के साथ अपने दिलोदिमाग में सर्वसम्मति से सहयोग नहीं कर सकते हैं। मेरी सामान्य मानवता के कारण, बहुत से लोग गुप्त रूप से मेरा विरोध करते हैं और धोखाधड़ी और कुटिलता में लगे होते हैं, वे यह मान लेते हैं कि मेरी सामान्य मानवता को पता नहीं होता है। और बहुत से लोग मेरी सामान्य मानवता पर विशेष ध्यान देते हैं, मुझे खाने और पीने के लिए अच्छी चीज़ें देते हैं, सेवकों की तरह मेरी सेवा करते हैं, और उनके दिल में जो कुछ भी होता है, उसे कहते हैं, जबकि मेरी पीठ के पीछे बिलकुल दूसरी तरह से काम करते हैं। अंधे मनुष्यो! तुम मुझे—उस परमेश्वर को जो मनुष्य के दिल में गहराई से देखता है—कितना कम जानते हो। तुम अभी भी मुझे नहीं जानते; तुम अभी भी सोचते हो कि मुझे पता नहीं है कि तुम क्या करने जा रहे हो। इसके बारे में सोचो: मेरी सामान्य मानवता के कारण कितने लोगों ने खुद को बर्बाद कर दिया है? जागो! मुझे अब और धोखा मत दो। तुम्हें अपने समस्त आचरण और व्यवहार को, अपने प्रत्येक शब्द और कार्य को, मेरे सामने अर्पित कर देना चाहिए, और मेरे द्वार इसकी पड़ताल को स्वीकार करना चाहिए।

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अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

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