अध्याय 53
मैं ही पहला हूँ, और मैं ही आखिरी हूँ। मैं ही पुनरुत्थित और संपूर्ण एकमात्र सच्चा परमेश्वर भी हूँ। मैं तुम लोगों की उपस्थिति में तुम लोगों से अपने वचन बोलता हूँ, और तुम लोगों को निश्चित होना चाहिए कि मैं जो कहता हूँ, वह सत्य है। स्वर्ग और पृथ्वी टल सकते हैं, लेकिन मैं जो कहता हूँ, उसका एक अक्षर या एक रेखा भी कभी नहीं टलेगी। यह याद रखना! इसे याद रखना! मेरे बोल चुकने के बाद एक वचन भी कभी वापस नहीं लिया गया है, और प्रत्येक वचन पूरा होगा। अब समय आ गया है, और तुम लोगों को शीघ्र वास्तविकता में प्रवेश करना होगा। अब ज्यादा समय नहीं है। मैं अपने पुत्रों को गौरवशाली राज्य में ले जाऊँगा, और जिसका तुम लोगों ने अनुसरण किया है और जिसकी लालसा की है, वह साकार होने वाला है। मेरे पुत्रो! जल्दी से उठो और मेरे पीछे आओ! तुम लोगों के पास सोच-विचार करने के लिए समय नहीं है। खोया हुआ समय कभी वापस नहीं आएगा; अँधेरे के बाद उजाला होता है, और ऊपर उठाए जाने का पल तुम्हारी आँखों के सामने है। क्या तुम लोग समझ रहे हो? अपनी आँखें खोलो! तुरंत सावधान हो जाओ! अब तुम्हें अपने बीच संगति करते हुए बेकार की बातें करने या ऐसी कोई बात कहने की अनुमति नहीं है, जो कलीसिया के निर्माण के लिए लाभदायक न हो। महत्वपूर्ण यह है कि अपने भाई-बहनों को अपने व्यावहारिक अनुभव सुनाओ या यह बताओ कि कैसे तुम परमेश्वर के सामने रोशन हुए और कैसे तुमने स्वयं को जाना। जो भी यह कर पाएगा, उसके पास आध्यात्मिक कद होगा! अब, तुममें से कुछ लोग अभी भी नहीं डरते; मैं चाहे जो भी बोलूँ या जितनी भी चिंता करूँ, तुम बस नहीं डरते; तुम्हारा पुराना अहं स्वयं को जरा-सा भी छूने नहीं देता। तो फिर ठीक है, ऐसे ही चलते रहो! फिर देखो, कौन बरबाद होता है! तुम हमेशा दुनिया को पकड़कर रखना चाहते हो, धन-दौलत से जुड़े रहना चाहते हो, और अपने बेटों, बेटियों और पति से जुड़े रहना चाहते हो। ठीक है, तुम बस जुड़े रह सकते हो! ऐसा नहीं है कि मेरे वचन तुम लोगों को संबोधित नहीं किए गए हैं, और तुम जैसे चाहो वैसे चलते रहोगे! निकट भविष्य में तुम लोग सब-कुछ समझ जाओगे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। केवल न्याय तुम लोगों की प्रतीक्षा कर रहा होगा।