172 अपने उद्देश्य के योग्य होना

1

हम धरती पर रहते हैं, परमेश्वर हमारे जीवन और मृत्यु, आपदाओं और भाग्य पर शासन करता है, परमेश्वर के शासन से परे कोई नहीं है।

सफलता-असफलता, औसत जीवन या धन-दौलत और शोहरत, ग़म और ख़ुशी, सब खोखले हैं।

अंत के दिनों का मसीह वचन बोलता है, लोगों के लिए जीवन में प्रकाश का मार्ग लाने के लिए, शब्दों का उपयोग करता है।

हम परमेश्वर के वचनों को खाते और पीते हैं, सत्य समझते हैं, और देखते हैं कि मानव जाति का भ्रष्टाचार कितना गहरा है।

परमेश्वर के वचनों का प्रकाशन, न्याय और ताड़ना, सभी मनुष्य को बचाने और शुद्ध करने के लिए हैं।

हम न्याय से गुज़र चुके हैं और अपने हिस्से का परिष्करण पा चुके हैं, और हमारे शैतानी स्वभावों को साफ कर दिया गया है।

सत्य का अभ्यास करते, ईमानदार होते, इंसान की तरह जीते हुए, हमारा दिल शांत है।

हम परमेश्वर के प्रेम का आनंद लेते हैं, इसलिए हमें इसका प्रतिदान देना चाहिए और उसके अंत के दिनों के उद्धार का प्रसार करना चाहिए।

हम उसकी इच्छा के प्रति विचारशील हैं और हम अपने उद्देश्य का बीड़ा उठाते हैं। परमेश्वर के वचन हमारी अगुआई करते हैं और हम मृत्युपर्यंत वफादार हैं।

हम सब कुछ दरकिनार कर खुद को अर्पित करते हैं। हम परमेश्वर को समर्पित हैं और अपने उद्देश्य को हमेशा ध्यान में रखते हैं।

2

दुष्टात्माओं की भूमि चीन में, कोई मानव अधिकार नहीं हैं, मसीह की गवाही देने पर हमारा उत्पीड़न किया जाता है। 

गिरफ्तार होकर, कैद में, मतपरिवर्तन, अत्याचार झेलते, पूरी तरह से तबाह होकर,

हम कठिनाइयों से गुज़रते हैं और सत्य समझते हैं, और स्पष्ट रूप से राक्षसों के कुत्सित चेहरे देखते हैं।

हम घिनौने और क्रूर शैतान से घृणा करते हैं, हम मन ही मन चाहते हैं कि मसीह सब-कुछ अपने अधिकार में ले ले।

राज्य की सड़क उबड़-खाबड़ और ऊंची-नीची है, परमेश्वर के वचन पर निर्भर रहकर, हम उस पर सहजता से चलते हैं। 

हमारा उपहास और निंदा की जाती है, नकारा और दूर किया जाता है, लेकिन परमेश्वर के वचनों के साथ होने से हमारा संकल्प मजबूत है।

विश्वास से भरे, हम सत्य का प्रसार करते हैं और हमें सौंपे गए उद्देश्य को पूरा करते हैं।

राज्य का सुसमाचार पूरे ब्रह्मांड में फैलता है; मसीह का राज्य पृथ्वी पर साकार होता है।

खतरे और क्लेश अतीत की बातें हैं, धार्मिकता का प्रकाश आ गया है।

हम स्तुति करते और गाते हैं—मसीह राजा के रूप में पृथ्वी पर राज्य करता है!

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अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

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