558 परमेश्वर के वचनों के अनुसार स्वयं को समझो

इंसान अपनी प्रकृति

अच्छे से जानता नहीं,

जो न्याय और प्रकाशन के

ईश-वचनों से बहुत दूर है।

गहरी और सारभूत नहीं है।

बाहरी कामों पर ध्यान वो देता है।

वो कहे वो जाने खुद को, तो भी,

ये ज्ञान गहरा नहीं।

लोगों ने न सोचा कि वे ऐसे ही हैं,

कि यही उनकी प्रकृति है,

क्योंकि उन्होंने ऐसा काम किया

या कुछ प्रकट किया।

परमेश्वर ने इंसान की प्रकृति प्रकट की,

लेकिन लोग जानें कि वास्तव में गलत है

उनके काम करने और बोलने का तरीका,

इसलिए उन्हें सत्य का अभ्यास कठिन लगे।


लोगों को लगे कि उनकी गलतियाँ

हैं कुछ पलों की लापरवाह अभिव्यक्तियाँ,

वे उनकी प्रकृति का सच नहीं।

जो अपनी प्रकृति को ऐसे देखते

वो सत्य का अभ्यास नहीं कर सकते,

क्योंकि उनमें सत्य की प्यास नहीं,

न वे सत्य को सत्य मानते हैं।

लापरवाही से बस नियम का पालन करते।

लोगों ने न सोचा कि वे ऐसे ही हैं,

कि यही उनकी प्रकृति है,

क्योंकि उन्होंने ऐसा काम किया

या कुछ प्रकट किया।

परमेश्वर ने इंसान की प्रकृति प्रकट की,

लेकिन लोग जानें कि वास्तव में गलत है

उनके काम करने और बोलने का तरीका,

इसलिए उन्हें सत्य का अभ्यास कठिन लगे।

लोगों को अपनी प्रकृति

बहुत भ्रष्ट नहीं लगती,

वे खुद को इतना बुरा नहीं मानते कि

हों काबिल सज़ा पाने या तबाही के,

उन्हें लगे कि कभी-कभी

झूठ बोलना ठीक है,

कि वे पहले से ज़्यादा बेहतर हैं।

लेकिन वे तो मानकों के पास भी नहीं हैं।

सत्य को अभ्यास में न लाने से,

लोगों के कुछ ही काम ऐसे हैं

जो सत्य का विरोध न करेें।

परमेश्वर ने इंसान की प्रकृति प्रकट की,

लेकिन लोग जानें कि वास्तव में गलत है

उनके काम करने और बोलने का तरीका,

इसलिए उन्हें सत्य का अभ्यास कठिन लगे।


'मसीह की बातचीत के अभिलेख' से रूपांतरित

पिछला: 556 केवल सत्य का अभ्यास करने वाले ही परमेश्वर द्वारा बचाए जा सकते हैं

अगला: 559 स्वयं को समझने के लिए अपनी वास्तविक मनोदशा को समझें

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें