अध्याय 24

समय बहुत नजदीक आता जा रहा है। जागो! सभी संतो! मैं तुम लोगों से बात करूँगा, और जो सुनेंगे, वे सभी जाग जाएँगे। मैं ही वह परमेश्वर हूँ, जिस पर तुम लोगों ने इन कई वर्षों के दौरान विश्वास किया है। आज मैं देह बन गया हूँ और तुम लोगों की आँखों के सामने आ गया हूँ, और इस प्रकार यह प्रकट कर रहा हूँ कि कौन वास्तव में मुझे चाहता है, कौन मेरे लिए कोई भी कीमत चुकाने के लिए तैयार है, कौन वास्तव में मेरे वचन को सुनता है, और कौन सत्य को अभ्यास में लाने के लिए तैयार है। क्योंकि मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ—मैं मनुष्य के अँधेरे में छिपे हुए सभी रहस्य देख सकता हूँ, मैं जानता हूँ कि कौन वास्तव में मुझे चाहता है, और मैं जानता हूँ कि कौन मेरा विरोध करता है। मैं सभी चीजों को देखता हूँ।

अब मैं यथाशीघ्र उन लोगों का एक समूह बनाना चाहता हूँ, जो मेरे हृदय के अनुरूप हैं, ऐसे लोगों का समूह, जो मेरे बोझ पर ध्यान देने में सक्षम हैं। किंतु मैं अपनी कलीसिया की सफाई और शुद्धि करने से नहीं रुक सकता; कलीसिया मेरा हृदय है। मैं उन सभी दुष्ट लोगों से घृणा करता हूँ, जो तुम लोगों को मेरे वचन को खाने और पीने से रोकते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि कुछ दूसरे लोग हैं, जो वास्तव में मुझे नहीं चाहते। वे लोग छल से भरे हुए हैं, वे अपने सच्चे हृदय से मेरे पास नहीं आते; वे दुष्ट हैं, और वे ऐसे लोग हैं जो मेरी इच्छा पूरी करने में बाधा डालते हैं; वे ऐसे लोग नहीं हैं जो सत्य को अमल में लाते हैं। वे लोग दंभ और अहंकार से भरे हुए हैं, वे बेतहाशा महत्वाकांक्षी हैं, वे दूसरों को नीचा दिखाना पसंद करते हैं, और हालाँकि वे जो वचन बोलते हैं वे सुनने में सुखद होते हैं, लेकिन एकांत में वे सत्य का अभ्यास नहीं करते। इन सभी दुष्ट लोगों को अलग कर बुहार दिया जाएगा; वे आपदा में मुरझा जाएँगे। ये वचन तुम लोगों को यह याद दिलाने और चेतावनी देने के लिए हैं कि अपने पैर उस मार्ग पर रखो, जो मेरे हृदय के अनुरूप है। सदैव अपनी आत्मा में लौटो, क्योंकि मैं उन लोगों से प्रेम करता हूँ, जो अपने पूरे हृदय से मुझसे प्रेम करते हैं। चूँकि तुम लोग मेरे करीब आते हो, इसलिए मैं तुम लोगों की रक्षा करूँगा और तुम्हें उन दुष्टों से दूर रखूँगा; मैं तुम लोगों को अपने घर में सुदृढ़ करूँगा और अंत तक तुम लोगों की रक्षा करूँगा।

पिछला: अध्याय 23

अगला: अध्याय 25

अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

संबंधित सामग्री

स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV

परमेश्वर की पवित्रता (I)अपनी पिछली सभा में हमने परमेश्वर के अधिकार के बारे में कुछ और संगति की थी। फिलहाल हम परमेश्वर की धार्मिकता के विषय...

अध्याय 1

जैसा कि परमेश्वर ने कहा है, "कोई भी मेरे वचनों के मूल को नहीं पकड़ सकता है, न ही उन्हें बोलने के पीछे के मेरे उद्देश्य को जान सकता है," यदि...

अध्याय 17

वे सारे वचन जो परमेश्वर के मुख से निकलते हैं, वस्तुतः मानवों के लिए अनजान हैं; वे सब ऐसी भाषा हैं जो लोगों ने सुनी नहीं है। ऐसे में, कहा जा...

अध्याय 8

जब मेरे प्रकाशन अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचेंगे, और जब मेरा न्याय अंत के निकट आएगा, तब यह वह समय होगा जब मेरे सभी लोग प्रकट और पूर्ण बना दिए...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें