1015 सबसे बड़ी आशीष जो ईश्वर मानव को प्रदान करता है

I

परमेश्वर के शब्दों के समापन के साथ, उसका साम्राज्य है बन रहा।

फिर से मानव के होने से सामान्य, प्रभु का साम्राज्य बना।

साम्राज्य में रहते परमेश्वर के जन, फिर पाओगे तुम मनुष्योचित जीवन।

आज, तुम जीते हो प्रभु के समक्ष; उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।

आनंद – सौहार्द से भरी धरती सारी।

धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना। धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना।


II

बर्फीले ठण्ड के स्थान पर है ऐसी एक दुनिया, जहां है बहारें साल भर,

जब इंसां ना झेलेगा इस दुनिया के दर्द-ओ-ग़म को।

ना होंगें झगड़े इंसानों में, ना तो जंग होंगे मुल्कों में,

ना होगी हिंसा, ना ही खून।

उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।

आनंद – सौहार्द से भरी धरती सारी।

धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना। धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना।


III

प्रभु विचरता है इस जग में, रस लेता अपने सिंहासन से।

रहता है वो सितारों में, फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं।

फरिश्ते अब रोते नहीं, अपनी कमजोरियों पर।

फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं। फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं।

अब ना प्रभु कभी, सुनेगा रोना फरिश्तों का।

फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं। फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं।


IV

तकलीफों की फरियाद करेगा ना कोई।

आज, तुम जीते हो प्रभु के समक्ष; उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।

क्या नहीं, आशीष ये सबसे बड़ी है प्रभु ने दी जो इंसानों को?

साम्राज्य में रहते परमेश्वर के जन, फिर पाओगे तुम मनुष्योचित जीवन।

आज, तुम जीते हो प्रभु के समक्ष; उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।

आनंद – सौहार्द से भरी धरती सारी।

धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना। धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 1014 राज्य की सुंदरता

अगला: 1016 जब राज्य पूरी तरह उतरेगा

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें