663 जब परीक्षण आ पड़ें तो तुम्हें परमेश्वर की ओर खड़े होना चाहिए

1 असफलता के, कमजोरी के और नकारात्मकता के समयों के तुम्हारे अनुभव परमेश्वर द्वारा तुम्हारे परीक्षण कहे जा सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि सब कुछ परमेश्वर से आता है, सभी चीजें और घटनाएँ उसके हाथों में हैं। चाहे तुम असफल होते हो या तुम कमजोर होते हो या तुम ठोकर खाते हो, ये सब परमेश्वर पर निर्भर करता है और उनकी समझ के अंतर्गत है। परमेश्वर की ओर से है, यह तुम्हारा परीक्षण है, और यदि तुम इसे नहीं पहचान सकते हो, तो यह प्रलोभन बन जाएगा। दो प्रकार की अवस्थाएँ हैं, जिन्हें लोगों को पहचानना चाहिए: एक पवित्र आत्मा से आती है, और दूसरी संभवतः शैतान से आती है। एक अवस्था में, कि पवित्र आत्मा तुम्हें रोशन करती है और तुम्हें स्वयं को जानने, स्वयं का तिरस्कार करने और पछतावा करने और परमेश्वर के लिए सच्चा प्यार रखने में समर्थ होने, उसे संतुष्ट करने पर अपना दिल तैयार करने देती है। दूसरी अवस्था है कि तुम स्वयं को जानते हो, लेकिन तुम नकारात्मक और कमजोर हो। यह कहा जा सकता है कि यह परमेश्वर द्वारा शुद्धिकरण है। यह भी कहा जा सकता है कि यह शैतान का प्रलोभन है।

2 यदि तुम यह मानते हो कि यह परमेश्वर द्वारा तुम्हारा उद्धार है और अनुभव करते हो कि अब तुम अविश्वसनीय रूप से उसके ऋणी हो, और यदि अब से तुम उसे चुकाने का प्रयास करते हो और इस तरह के भ्रष्टता में अब और नहीं पड़ते हो, यदि तुम उनके वचनों को खाने और पीने में अपना प्रयास लगाते हो, और यदि तुम स्वयं को हमेशा अभाव में होना महसूस करते हो, और लालसा का हृदय रखते हो, तो यह परमेश्वर द्वारा परीक्षण है। दुःख समाप्त हो जाने के बाद और तुम एक बार फिर से आगे बढ़ने लगते हो, तो परमेश्वर तब भी तुम्हारी अगुआई करेगा, तुम्हें रोशन करेगा और तुम्हारा पोषण करेगा। लेकिन यदि तुम इसे नहीं पहचानते हो और तुम नकारात्मक हो, स्वयं को मात्र निराशा में छोड़ देते हो, यदि तुम इस तरह से सोचते हो, तो तुम्हारे ऊपर शैतान का प्रलोभन आ गया है। जब अय्यूब परीक्षणों से गुजरा, तो परमेश्वर और शैतान एक-दूसरे के साथ शर्त लगा रहे थे, और परमेश्वर ने शैतान को अय्यूब को पीड़ित करने दिया। यद्यपि यह परमेश्वर था जो अय्यूब का परीक्षण ले रहा था, लेकिन वह वास्तव में शैतान था जो उससे टकराया था। शैतान के लिए, यह अय्यूब को प्रलोभित करना था, लेकिन अय्यूब परमेश्वर की तरफ़ था और यदि ऐसा मामला नहीं होता, तो वह प्रलोभन में पड़ गया होता। जैसे ही लोग प्रलोभन में पड़ते हैं, वे खतरे में पड़ जाते हैं। शुद्धिकरण से गुज़रना परमेश्वर से एक परीक्षण कहा जा सकता है, लेकिन अगर तुम एक अच्छी अवस्था में नहीं हो तो इसे शैतान से प्रलोभन कहा जा सकता है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में "पूर्ण बनाए जाने वालों को शुद्धिकरण से अवश्य गुज़रना चाहिए" से रूपांतरित

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