634  परमेश्वर का अधिकार स्वर्गिक आदेश है जिसे शैतान कभी नहीं लांघ सकता

1

शैतान ने कभी परमेश्वर के अधिकार को लांघने का साहस नहीं किया है,

और, इसके अलावा, उसने हमेशा परमेश्वर के आदेश

और विशिष्ट आज्ञाएँ ध्यान से सुनी हैं और उनका पालन किया है,

कभी उनका उल्लंघन करने का साहस नहीं किया है, और निश्चित रूप से,

परमेश्वर के किसी भी आदेश को मुक्त रूप से बदलने की हिम्मत नहीं की है।

ऐसी हैं वे सीमाएँ, जो परमेश्वर ने शैतान के लिए निर्धारित की हैं,

और इसलिए शैतान ने कभी इन सीमाओं को लाँघने का साहस नहीं किया है।

आध्यात्मिक क्षेत्र में,

शैतान परमेश्वर की हैसियत और अधिकार को बहुत स्पष्ट रूप से देखता है,

और वह परमेश्वर के अधिकार की शक्ति

और उसके अधिकार प्रयोग के पीछे के सिद्धांतों की गहरी समझ रखता है।

वह उन्हें नजरअंदाज करने की बिलकुल भी हिम्मत नहीं करता,

न ही वह किसी भी तरह से उनका उल्लंघन करने की या ऐसा कुछ करने की हिम्मत करता है,

जो परमेश्वर के अधिकार को लांघता हो,

और वह किसी भी तरह से परमेश्वर के कोप को चुनौती देने का साहस नहीं करता।

हालाँकि शैतान दुष्ट और अहंकारी प्रकृति का है,

लेकिन उसने कभी परमेश्वर द्वारा

उसके लिए निर्धारित हद और सीमाएँ लाँघने का साहस नहीं किया है।


2

लाखों वर्षों से उसने इन सीमाओं का कड़ाई से पालन किया है,

परमेश्वर द्वारा दी गई हर आज्ञा और आदेश का पालन किया है,

और कभी भी हद पार करने की हिम्मत नहीं की है।

हालाँकि शैतान दुर्भावना से भरा है,

लेकिन वह भ्रष्ट मानव-जाति से कहीं ज्यादा बुद्धिमान है;

वह सृष्टिकर्ता की पहचान जानता है,

और अपनी सीमाएँ भी जानता है।

शैतान के "विनम्र" कार्यों से

यह देखा जा सकता है कि परमेश्वर का अधिकार और सामर्थ्य स्वर्गिक आदेश हैं,

जिन्हें शैतान लांघ नहीं सकता,

और यह ठीक परमेश्वर की अद्वितीयता और उसके अधिकार के कारण है

कि सभी चीजें एक व्यवस्थित तरीके से बदलती और बढ़ती हैं,

ताकि मानव-जाति परमेश्वर द्वारा स्थापित क्रम के भीतर रह सके और वंश-वृद्धि कर सके,

कोई भी व्यक्ति या वस्तु इस आदेश को भंग करने में सक्षम नहीं है,

और कोई भी व्यक्ति या वस्तु इस व्यवस्था को बदलने में सक्षम नहीं है—

क्योंकि ये सभी सृष्टिकर्ता के हाथों से और सृष्टिकर्ता के आदेश और अधिकार से आते हैं।


—वचन, खंड 2, परमेश्वर को जानने के बारे में, स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I

पिछला: 633  परमेश्वर के अधिकार के तहत शैतान कुछ नहीं बदल सकता

अगला: 635  ये वही इंसान है बनाया था परमेश्वर ने जिसे

परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

902  परमेश्वर अंततः उसी को स्वीकार करते हैं, जिसके पास सत्य होता है

1 अंत के दिनों में जन्म लेने वाले लोग किस प्रकार के थे? ये वो लोग हैं जो हजारों सालों से शैतान द्वारा भ्रष्ट किए गए थे, वे इतनी गहराई तक...

610  मानवता में परमेश्वर के कार्य का तरीक़ा और सिद्धांत

1जब परमेश्वर देहधारी न था, तो उसके वचन इंसान समझ न पाता था,क्योंकि उसकी दिव्यता से आये थे वचन।न समझ पाता था वो उनका प्रसंग या दृष्टिकोण।वे...

396  उद्धार-कार्य के अधिक उपयुक्त है देहधारी परमेश्वर

1 अन्त के दिनों में, परमेश्वर देहधारी रूप में प्रकट होकर अपना न्याय का कार्य करता है। क्योंकि जिसका न्याय किया जाता है वह मनुष्य है, मनुष्य...

परमेश्वर का प्रकटन और कार्य परमेश्वर को जानने के बारे में अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन मसीह-विरोधियों को उजागर करना अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ सत्य के अनुसरण के बारे में सत्य के अनुसरण के बारे में न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सत्य वास्तविकताएं जिनमें परमेश्वर के विश्वासियों को जरूर प्रवेश करना चाहिए मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 1) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 2) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 3) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 4) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 5) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 6) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 7) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 8) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 9) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें