494 केवल परमेश्वर के वचनों का अभ्यास करने से ही वास्तविकता आती है

परमेश्वर चाहे कि उसके कार्य और वचन

लाएँ तुम्हारे स्वभाव में बदलाव।

उसका लक्ष्य नहीं कि तुम

बस इन्हें जानो, समझो।

लोगों को सारे सत्य का विस्तार से

अनुभव करना चाहिए,

अधिक विस्तार से इन्हें खोजना चाहिए।

जानकर भी लोग ईश-वचन को

अभ्यास में न लाएँ तो

उन्हें सत्य से प्यार नहीं,

निकाल दिए जाएंगे वे अंत में।

पतरस जैसा बनना है तो

ईश-वचनों का अभ्यास करो,

सच्चा प्रवेश, और बड़ी प्रबुद्धता पाओ।

इससे तुम्हारे जीवन की और मदद होगी।

परमेश्वर में विश्वास की

प्रक्रिया है प्रक्रिया

उसके वचनों को अनुभव करने,

उसे हासिल होने की।

विश्वास करना यानी उसके

वचनों को जानना, समझना,

अनुभव करना, उन्हें जीना।

यही है आस्था की वास्तविकता।


अगर तुमने पढ़े हैं बहुत-से ईश-वचन,

लेकिन शब्दों के ही अर्थ जानते हो,

खुद कुछ अनुभव नहीं किया,

तो तुम ईश-वचनों को न जान पाओगे।

तुम्हारे लिए ईश-वचन जीवन नहीं,

बस बेजान शब्द हैं।

तुम सार नहीं समझोगे,

न ईश्वर की इच्छा जानोगे।

उसके वचनों का जीवन में अनुभव करके ही

आध्यात्मिक अर्थ समझ पाओगे।

अनुभव से ही जान सकते हो

तुम कई सत्यों का

आध्यात्मिक अर्थ और समझ सकते हो

रहस्य उसके वचनों का।

जो तुम ईश-वचनों का अभ्यास न करो,

तो वे चाहे जितने भी स्पष्ट हों,

तुम बस खोखले शब्द और वाद पाओगे,

जो बस धार्मिक नियम बनकर रह जाएंगे।

क्या फरीसियों ने यही नहीं किया था?

अगर तुम्हें ईश्वर में विश्वास है,

अनंत जीवन की आशा है,

लेकिन तुम न करते ईश-वचनों का अभ्यास,

तो बेवकूफ़ हो तुम।

परमेश्वर में विश्वास की प्रक्रिया है प्रक्रिया

उसके वचनों को अनुभव करने,

उसे हासिल होने की।

विश्वास करना यानी उसके

वचनों को जानना, समझना,

अनुभव करना, उन्हें जीना।

यही है आस्था की वास्तविकता।


'वचन देह में प्रकट होता है' से रूपांतरित

पिछला: 493 क्या तुम परमेश्वर को आनंद देने वाला फल बनना चाहते हो?

अगला: 495 वास्तविक परिवर्तन के लिए सत्य का अभ्यास करो

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर धर्मोपदेश और संगति अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें