42 परमेश्वर के महान कार्य के पूरा होने की सराहना करो

I

वचन का प्रयोग करता है मसीह

इंसान के न्याय के लिये अंत के दिनों में,

हो चुका है राज्य के युग का आरंभ।

हो रही है हर चीज़ नई अब

परमेश्वर के वचनों से।

हर चीज़ सुंदर और नई बन गई है।

हर चीज़ फिर से जीवित हो गई है,

बदल गई, बहाल हो गई, नई हो गई है।

आनंदित होकर हम स्तुति करते हैं परमेश्वर की।

तरंगित हो रहे हैं स्वर्ग भी हमारे गीतों से।

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

परमेश्वर-जन उसकी स्तुति करते हैं पूरे दिल से।

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!


II

शुरू हो चुका है न्याय परमेश्वर के घर से,

प्रकट कर रहा है ये उसकी धार्मिकता को।

परमेश्वर के सभी जन करते हैं उसको नमन,

कर रहे स्वीकार उसके न्याय और शुद्धिकरण को।

उसके वचनों के मार्गदर्शन में,

गुज़र सकते हैं हम परीक्षण और शुद्धिकरण से।

देते गवाही हम, हासिल करते हैं उसकी इनायत हम।

गौरव की बात है,

पा सकते हैं उसका आदेश हम

ताकि करें ऐलान और दें गवाही उसके कर्मों की हम।

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

परमेश्वर-जन उसकी स्तुति करते हैं पूरे दिल से।

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!


III

कार्य परमेश्वर का बदलता है बहुत तेज़ी से,

मुश्किल है थाह पाना मगर आश्वस्त हैं हम।

बेजोड़ है सामर्थ्य उसके वचनों की,

किस्म के मुताबिक वर्गीकरण वो करते लोगों का।

मानते हैं आज्ञा सदा, और जीते हैं हर दिन

उसके वचनों की वास्तिवकता को,

प्रेम करते जो परमेश्वर को।

स्तुति करते हैं परमेश्वर की बुद्धि और सर्वशक्तिमत्ता की,

धार्मिक है अपने सारे तौर-तरीकों में वो।

बहुत ही प्यारा है स्वभाव उसका,

स्तुति करते जन पूरी निष्ठा से।

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

परमेश्वर-जन उसकी स्तुति करते हैं पूरे दिल से।

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!


IV

स्तुति करो परमेश्वर के कार्य के पूर्ण होने की,

विजेताओं का समूह बनाया है उसने।

स्वीकारते हैं जाँच को परमेश्वर के चुने हुए जन,

हर कोई निभाता है कर्तव्य अपना।

तबाह हो जाते हैं विरोध जो करते हैं परमेश्वर का,

पूर्ण किये जाते हैं उसे प्रेम करते हैं जो।

लबालब है पूरी दुनिया उसकी धार्मिकता से।

परिपूर्ण है राज्य उसका पवित्रता से।

स्तुति करो! आनंद करो! गाओ और हुँकार भरो!

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

परमेश्वर-जन उसकी स्तुति करते हैं पूरे दिल से।

ओह, उसकी स्तुति करो! गाओ! हुँकार भरो!

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