43 सिय्योन में परमेश्वर की वापसी का गुणगान करो

सर्वशक्तिमान परमेश्वर महिमामय हैं!

देहधारण कर वो पूरब में आये हैं।

वो सत्य बोलते, न्याय करते इंसानों का,

वो अनंत जीवन लेकर आये हैं।

कड़कते बिजली की तरह वचन परमेश्वर के।

कौंधते पश्चिम तक उनके वचन

इंसान देखते अंधेरे में उम्मीद की किरण,

क्योंकि आ गया है मानव-पुत्र धरती पर।

पा लिया है राज्य अपना सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने,

आ गये हैं धरती पर परमेश्वर।

पा लिया है राज्य अपना सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने,

कर लिया पूरा महान कार्य अपना परमेश्वर ने।

आनंदित है जग सारा, उनकी स्तुति करता इंसान।

गूँजते पूरी कायनात में उनके स्वर।

पा ली है परमेश्वर ने सारी महिमा। उनकी स्तुति करो!

लौट आये हैं वो सिय्योन में। उनकी स्तुति करो!

आनंदित है जग सारा, उनकी स्तुति करता इंसान।

गूँजते पूरी कायनात में उनके स्वर।

पा ली है परमेश्वर ने सारी महिमा। उनकी स्तुति करो!

लौट आये हैं वो सिय्योन में। उनकी स्तुति करो!

सर्वशक्तिमान परमेश्वर महिमामय हैं!

वे प्रतापी और धार्मिक हैं।

परमेश्वर के वचनों में महान सामर्थ्य है,

शुद्ध करते, बचाते इंसानों को उनके वचन।

अपने वचनों से शैतान को परास्त करते परमेश्वर,

विजेताओं का समूह वो बनाते।

आराधना करने परमेश्वर की झुकते हम,

सिय्योन में उनकी वापसी की स्तुति करते हम।

पा लिया है राज्य अपना सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने,

आ गये हैं धरती पर परमेश्वर।

पा लिया है राज्य अपना सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने,

कर लिया पूरा महान कार्य अपना परमेश्वर ने।

आनंदित है जग सारा, उनकी स्तुति करता इंसान।

गूँजते पूरी कायनात में उनके स्वर।

पा ली है परमेश्वर ने सारी महिमा। उनकी स्तुति करो

लौट आये हैं वो सिय्योन में। उनकी स्तुति करो

आनंदित है जग सारा, उनकी स्तुति करता इंसान।

गूँजते पूरी कायनात में उनके स्वर।

पा ली है परमेश्वर ने सारी महिमा। उनकी स्तुति करो

लौट आये हैं वो सिय्योन में। उनकी स्तुति करो

सर्वशक्तिमान परमेश्वर महिमामय हैं!

राजा की तरह राज करते धरती पर उनके वचन।

आपदायें नष्ट करतीं दुष्टों को।

पूरा करते हर कार्य को परमेश्वर के वचन।

आनंदित है जग सारा, उनकी स्तुति करता इंसान।

गूँजते पूरी कायनात में उनके स्वर।

पा ली है परमेश्वर ने सारी महिमा। उनकी स्तुति करो

लौट आये हैं वो सिय्योन में। उनकी स्तुति करो

आनंदित है जग सारा, उनकी स्तुति करता इंसान।

गूँजते पूरी कायनात में उनके स्वर।

पा ली है परमेश्वर ने सारी महिमा। उनकी स्तुति करो

लौट आये हैं वो सिय्योन में। उनकी स्तुति करो

उनकी स्तुति करो! उनकी स्तुति करो!

उनकी स्तुति करो!

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अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

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