70 स्तुति करो परमेश्वर की पूरे दिल से

ईश्वर के वचनों को मिल-जुल कर खाते-पीते हम,

पवित्र आत्मा के कार्य को पाते हम।


I

हम प्रार्थना पढ़ें, संगति करें, ध्यान करें ईश्वर का,

चिंतन-खोज करें ईश्वर की।

ईश्वर के वचनों में जिएँ, उसकी प्रियता देखें।

सत्य हमें मुक्त करे; हम उसके सच्चे प्यार को चखें।

है अच्छा कलीसिया जीवन; स्तुति लेती कई रूप।

ईश्वर की स्तुति में हम जी भरकर नाचें-गाएँ।

नहीं कोई नियम-बंधन हमारी स्तुति में।

सच्ची स्तुति देती सदा आनंद हमें।

ईश्वर का साथ देता सच्चा आनंद हमें।

हम प्रेम करेंगे, आज्ञा मानेंगे ईश्वर की सदा।

देखकर ईश्वर के उद्धार की महानता,

करें स्तुति हम ईश्वर की पूरे दिल से।

हम सत्य पर संगति करते, पवित्र आत्मा का कार्य पाते,

हम अनुभव साझा करते, जीवन में विकास करते।


II

हम प्रजा हैं ईश्वर के राज्य की,

है पास हमारे सच्चा दिल जो ईश्वर को प्रेम करे।

एक, मन, एक दिल से हम अपना फ़र्ज़ निभाते,

हम ईश्वर की आशीषों का, अगुवाई का अवलोकन करते।

शुद्ध करता न्याय हमें, हम ईश्वर की धार्मिकता देखते।

हम अपनी भ्रष्टता दूर करते, नये बनते।

हम सच्चे मानव की तरह जीवन जीते।

है राज्य का जीवन, करना आराधना ईश्वर की सच्चे मन से।

ईश्वर का साथ देता सच्चा आनंद हमें।

हम प्रेम करेंगे, आज्ञा मानेंगे ईश्वर की सदा।

देखकर ईश्वर के उद्धार की महानता,

करें स्तुति हम ईश्वर की पूरे दिल से।

भाई-बहन, आपस में मिलते,

कितने ही उतार-चढ़ाव से गुज़रे हम।


III

है दमन घिनौना सरकारी,

सहीं बहुत यातना-मुश्किलें हमने।

मगर हिला सकीं न कभी संकल्प हमारा।

परमेश्वर के वचनों से मज़बूत बने हम।

हो जाए उद्धार हमारा इसकी ख़ातिर,

अनमोल कीमत अदा की है ईश्वर ने।

साथ रहकर, राह दिखाता सदा ईश्वर हमें।

ये सुंदर वक्त, और जीवन, कभी न भूलेंगे।

ईश्वर का साथ देता सच्चा आनंद हमें।

हम प्रेम करेंगे, आज्ञा मानेंगे ईश्वर की सदा।

देखकर ईश्वर के उद्धार की महानता,

करें स्तुति हम ईश्वर की पूरे दिल से।

ईश्वर का साथ देता सच्चा आनंद हमें।

हम प्रेम करेंगे, आज्ञा मानेंगे ईश्वर की सदा।

देखकर ईश्वर के उद्धार की महानता,

करें स्तुति हम ईश्वर की पूरे दिल से।

करें स्तुति हम ईश्वर की पूरे दिल से।

करें स्तुति हम ईश्वर की पूरे दिल से।

पिछला: 24 हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर, तुम कितने महिमावान हो

अगला: 71 परमेश्वर को सच्चा प्रेम करना ही सबसे बड़ी ख़ुशी है

दुनिया आपदा से घिर गई है। यह हमें क्या चेतावनी देती है? आपदाओं के बीच हम परमेश्वर द्वारा कैसे सुरक्षित किये जा सकते हैं? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे साथ हमारी ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ें।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें