659 यातनाओं के दौरान सिर्फ़ विजयी लोग अडिग रहते हैं

1

राज्य के युग में, मानवता हो जाएगी पूरी,

राज्य के युग में हो जाएगी पूरी तरह से पूर्ण।

जब विजय का काम हो जाएगा पूरा,

तो गुज़रेंगे वे शुद्धिकरण और यातना से, जब विजय हो जाएगी पूरी।

जो होंगे विजयी, इस यातना से गुज़रकर देंगे जो गवाही,

वही हैं जो अंत में किए जाएंगे पूर्ण, बनेंगे वही विजयी।

2

इन सभी यातनाओं के दौरान, इंसान के शुद्धिकरण की होती है उम्मीद।

यह है परमेश्वर के काम का अंतिम चरण,

परमेश्वर के प्रबंधन कार्य की समाप्ति से पहले

अंतिम बार जब होता है इंसान का शुद्धिकरण।

जो करते हैं अनुसरण, उन्हें करना होगा इस परीक्षा को स्वीकार।

जो होंगे विजयी, इस यातना से गुज़रकर देंगे जो गवाही,

वही हैं जो अंत में किए जाएंगे पूर्ण, बनेंगे वही विजयी।

3

जो लोग करेंगे यातना का सामना,

होगी नहीं उनके पास परमेश्वर की रहनुमाई, आत्मा का काम।

लेकिन परमेश्वर की तलाश में जिन पर की जाएगी विजय प्राप्त, वे रहेंगे खड़े।

परमेश्वर कुछ भी करे, उनका दर्शन रहेगा उनके पास,

गवाही देते हुए, करेंगे वे सत्य का अभ्यास।

यही होंगे जो निकलेंगे आगे यातना से।

यही होंगे वो, जिनमें होगी मानवता,

जो सच में करते होंगे परमेश्वर से प्यार।

जो होंगे विजयी, इस यातना से गुज़रकर देंगे जो गवाही,

वही हैं जो अंत में किए जाएंगे पूर्ण, बनेंगे वही विजयी।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का अभ्यास' से रूपांतरित

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