अध्याय 113

मेरी बुद्धि मेरे द्वारा किए जाने वाले हर कार्य के भीतर होती है, किंतु मनुष्य उसकी थाह पाने में एकदम असमर्थ है; मनुष्य केवल मेरे कार्यों और मेरे वचनों को देख सकता है, मेरी महिमा या मेरे व्यक्तित्व के प्रकटन को नहीं, क्योंकि मनुष्य में मूलत: इस क्षमता का अभाव है। इसलिए, मेरे द्वारा मनुष्य में बदलाव न करते हुए, मेरे ज्येष्ठ पुत्र और मैं सिय्योन लौट जाएँगे और रूप बदल लेंगे, ताकि मनुष्य मेरी बुद्धि और मेरी सर्वशक्तिमत्ता को देख सके। मेरी बुद्धि और मेरी सर्वशक्तिमत्ता, जो मनुष्य अभी देखता है, मेरी महिमा का केवल एक छोटा-सा अंश हैं—यहाँ तक कि उल्लेख करने लायक भी नहीं हैं। इससे यह देखा जा सकता है कि मेरी बुद्धि और मेरी महिमा अनंत है—बेहद गहन—और मनुष्य का मन इसे विचारने या समझने में मूलत: असमर्थ है। राज्य का निर्माण करना मेरे ज्येष्ठ पुत्रों का कर्तव्य है, और यह मेरा काम भी है। अर्थात् यह मेरी प्रबंधन योजना की एक मद है। राज्य का निर्माण कलीसिया के निर्माण के समान नहीं है; क्योंकि मेरे ज्येष्ठ पुत्र और मैं मेरा व्यक्तित्व और राज्य हैं, इसलिए जब मैं और मेरे ज्येष्ठ पुत्र सिय्योन पर्वत में प्रवेश करेंगे, तो राज्य का निर्माण हो चुका होगा। दूसरे शब्दों में, राज्य का निर्माण कार्य का एक कदम है—आध्यात्मिक दुनिया में प्रवेश करने का कदम। (हालाँकि, दुनिया बनाने के बाद से मैंने जो कुछ भी किया है, वह इस कदम के वास्ते किया गया है। यद्यपि मैं कहता हूँ कि यह एक कदम है, फिर भी, वास्तव में यह कदम बिलकुल नहीं है।) इस प्रकार, मैं इस कदम की सेवा में सभी सेवाकर्ताओं का उपयोग करता हूँ, और परिणामस्वरूप, अंत के दिनों के दौरान, बड़ी संख्या में लोग पीछे हट जाएँगे; वे सभी ज्येष्ठ पुत्रों को सेवा प्रदान करते हैं। जो कोई इन सेवाकर्ताओं के प्रति दयालुता दिखाता है, वह मेरे शापों से मर जाएगा। (सभी सेवाकर्ता बड़े लाल अजगर की साज़िशों का प्रतिनिधित्व करते हैं और वे सभी शैतान के अनुचर हैं, इसलिए जो इन लोगों के प्रति दयालुता दिखाते हैं, वे बड़े लाल अजगर के सह-अपराधी हैं और शैतान से संबंध रखते हैं।) मैं उन सबसे प्रेम करता हूँ जो मुझे पसंद हैं, और उन सबसे घृणा करता हूँ जो मेरे शाप और दहन के लक्ष्य हैं। क्या तुम लोग भी ऐसा करने में सक्षम हो? मैं उन्हें निश्चित रूप से माफ़ नहीं करूँगा, जो कोई मेरे विरुद्ध खड़ा होगा, न ही मैं उसे छोड़ूँगा! प्रत्येक कर्म करते समय मैं अपनी सेवा करवाने के लिए बड़ी संख्या में सेवाकर्ताओं की व्यवस्था करता हूँ। इस प्रकार, यह देखा जा सकता है कि पूरे इतिहास में, यह आज के कदम के लिए रहा है कि सभी नबियों और प्रेरितों ने सेवा प्रदान की है, और वे मेरे हृदय के अनुरूप नहीं हैं, मुझसे नहीं हैं। (यद्यपि उनमें से अधिकतर मेरे प्रति वफ़ादार हैं, फिर भी मुझसे कोई संबंधित नहीं है। इसलिए, उनकी दौड़-भाग मेरे लिए इस अंतिम चरण की नींव बनाना है, किंतु जहाँ तक उनका अपना संबंध है, उनके समस्त प्रयास व्यर्थ हैं।) इसलिए, अंत के दिनों के दौरान पीछे हटने वाले लोग और भी अधिक बड़ी संख्या में होंगे। (मेरे "बड़ी संख्या" में कहने का कारण यह है कि मेरी प्रबंधन योजना अपने समापन पर पहुँच गई है, मेरे राज्य का निर्माण सफल हो गया है, और ज्येष्ठ पुत्र सिंहासन पर बैठ गए हैं।) यह सब ज्येष्ठ पुत्रों के प्रकटन के कारण है। चूँकि ज्येष्ठ पुत्र प्रकट हुए हैं, अत: बड़ा लाल अजगर क्षति पहुँचाने के हर संभव उपाय करता है और सारे रास्ते बंद कर देता है। वह सभी प्रकार की दुष्ट आत्माओं को भेजता है, जो मेरे लिए सेवा करने आती हैं, जिन्होंने वर्तमान अवधि में अपने असली रंग दिखाए हैं, और जिन्होंने मेरे प्रबंधन को बाधित करने की कोशिश की है। इन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता; और ये सभी आध्यात्मिक दुनिया की चीज़ें हैं। इसलिए लोग इस बात पर विश्वास नहीं करते कि पीछे हटने वाले लोग बड़ी संख्या में होंगे, फिर भी, मैं जानता कि मैं क्या करता हूँ, मैं अपने प्रबंधन को समझता हूँ; और मनुष्य को हस्तक्षेप न करने देने का यही कारण है। (एक दिन आएगा, जब हर तरह की नीच दुष्ट आत्मा अपनी वास्तविक अस्मिता को प्रकट करेगी, और सभी मनुष्य सचमुच आश्वस्त हो जाएँगे।)

मैं अपने ज्येष्ठ पुत्रों से प्रेम करता हूँ, किंतु बड़े लाल अजगर के उन वंशजों से, जो मुझे बड़ी ईमानदारी से प्रेम करते हैं, मैं बिलकुल भी प्रेम नहीं करता; वास्तव में मैं उनसे और भी अधिक घृणा करता हूँ। (ये लोग मेरे नहीं हैं, और यद्यपि वे अच्छे इरादे दर्शाते हैं और मीठे शब्द बोलते हैं, किंतु यह बड़े लाल अजगर का एक षड्यंत्र है, इसलिए मैं उनसे एकदम गहराई से नफ़रत करता हूँ।) यह मेरा स्वभाव है, और यह मेरी समग्र धार्मिकता है। मनुष्य इसकी बिलकुल भी थाह नहीं पा सकता। मेरी धार्मिकता की समग्रता यहाँ क्यों प्रकट की जाती है? इससे व्यक्ति मेरे स्वभाव को समझ सकता है, जो कोई अपराध बरदाश्त नहीं करता। मैं अपने ज्येष्ठ पुत्रों से प्रेम कर सकता हूँ और उन सभी से नफ़रत कर सकता हूँ, जो मेरे ज्येष्ठ पुत्र नहीं हैं (भले ही वे निष्ठावान लोग हों)। यह मेरा स्वभाव है। क्या तुम लोग नहीं देख सकते? लोगों की धारणाओं में मैं सदैव एक दयालु परमेश्वर हूँ, और मैं उन सभी से प्रेम करता हूँ, जो मुझसे प्रेम करते हैं; क्या यह व्याख्या ईश-निंदा नहीं है? क्या मैं पशुओं और दरिंदों से प्रेम कर सकता हूँ? क्या मैं शैतान को अपने ज्येष्ठ पुत्र के रूप में ग्रहण कर सकता हूँ और आनंदित हो सकता हूँ? बकवास! मेरा कार्य मेरे ज्येष्ठ पुत्रों पर किया जाता है, और मेरे ज्येष्ठ पुत्रों के अलावा, मेरे पास प्रेम करने के लिए और कुछ नहीं है। (पुत्र और लोग अतिरिक्त हैं, पर महत्वपूर्ण नहीं हैं।) लोग कहते हैं कि मैं बहुत बेकार काम करता था, किंतु मेरी दृष्टि में वह कार्य वास्तव में सर्वाधिक मूल्यवान और सर्वाधिक सार्थक था। (यह पूर्णत: दो देहधारणों के दौरान किए गए कार्य को संदर्भित करता है; चूँकि मैं अपनी शक्ति को प्रकट करना चाहता हूँ, इसलिए मुझे अपना कार्य पूरा करने के लिए देह बनना चाहिए)। मेरे यह कहने का कारण, कि मेरा आत्मा व्यक्तिगत रूप से कार्य करने के लिए आता है, यह है कि मेरा कार्य देह में पूरा किया जाता है। अर्थात्, मेरे ज्येष्ठ पुत्र और मैं विश्राम में प्रवेश करना शुरू करते हैं। देह में शैतान के साथ युद्ध आध्यात्मिक दुनिया में शैतान के साथ युद्ध से अधिक भयंकर है; यह सभी मनुष्यों द्वारा देखा जा सकता है, इसलिए शैतान के वंशज भी मेरे लिए सुंदर गवाही दे सकते हैं, और छोड़ने के अनिच्छुक हैं; यह अपने आपमें देह में मेरे कार्य करने का अर्थ है। यह मुख्य रूप से शैतान के वंशजों से स्वयं शैतान को अपमानित करवाने के लिए है; यह दुष्ट शैतान के लिए सबसे शक्तिशाली शर्मिंदगी की बात है, इतनी शक्तिशाली कि उसे मुँह छिपाने के लिए जगह नहीं मिलती, और वह बार-बार मेरे सामने दया की भीख माँगता है। मैं जीत गया हूँ, मैंने हर चीज़ पर प्रभुत्व स्थापित कर लिया है, मैं तीसरे स्वर्ग को तोड़कर बाहर आ गया हूँ और सिय्योन पर्वत तक पहुँच गया हूँ, ताकि अपने ज्येष्ठ पुत्रों के साथ पारिवारिक खुशी का आनंद ले सकूँ और हमेशा के लिए स्वर्ग के राज्य के महान भोज में निमग्न हो जाऊँ!

ज्येष्ठ पुत्रों के लिए मैंने हर मूल्य चुकाया है और अपने प्रयास में सभी कष्ट उठाए हैं। (मनुष्य जानता ही नहीं कि जो कुछ मैंने किया है, जो कुछ मैंने कहा है, और यह तथ्य कि मैं हर तरह की दुष्ट आत्मा के आर-पार देख लेता हूँ, और यह तथ्य कि मैंने हर तरह के सेवाकर्ता को निर्वासित कर दिया है—सब ज्येष्ठ पुत्रों के लिए रहा है)। किंतु मेरे अधिकांश कार्य के भीतर मेरी व्यवस्था सुव्यवस्थित है; वह निश्चित रूप से आँख मूँदकर नहीं किया जाता। तुम लोगों को प्रतिदिन के मेरे वचनों में मेरे कार्य की पद्धति और चरण देखने में सक्षम होना चाहिए, तुम्हें मामलों से निपटने में मेरी बुद्धि और मेरे सिद्धांत देखने चाहिए। जैसा कि मैंने कहा है, शैतान ने मेरे प्रबंधन को बाधित करने के लिए उन लोगों को भेजा है, जो मेरी सेवा करते हैं। ये सेवाकर्ता जंगली दाने हैं, फिर भी "गेहूँ" ज्येष्ठ पुत्रों को नहीं, बल्कि उन सभी पुत्रों और लोगों को संदर्भित करता है, जो ज्येष्ठ पुत्र नहीं हैं। "गेहूँ सदैव गेहूँ रहेगा, जंगली दाने सदैव जंगली दाने रहेंगे"; इसका अर्थ है कि शैतान के लोगों की प्रकृति कभी नहीं बदल सकती। इसलिए, संक्षेप में, वे शैतान ही रहते हैं। "गेहूँ" का अर्थ है पुत्र और लोग, क्योंकि मैंने दुनिया के सृजन से पहले इन लोगों में अपनी गुणवत्ता भर दी थी। मैंने पहले ही कहा है कि मनुष्य की प्रकृति नहीं बदलती, और यही कारण है कि गेहूँ सदैव गेहूँ रहेगा। तो फिर ज्येष्ठ पुत्र क्या हैं? ज्येष्ठ पुत्र मुझसे आते हैं, वे मेरे द्वारा सृजित नहीं किए जाते, इसलिए उन्हें गेहूँ नहीं कहा जा सकता है (क्योंकि गेहूँ का हर उल्लेख हमेशा "बोने" से जुड़ जाता है और "बोने" का अर्थ है "सृजन करना"; सभी जंगली दाने सेवाकर्ताओं के रूप में कार्य करने के लिए गुप्त रूप से शैतान द्वारा बोए जाते हैं)। कोई केवल यह कह सकता है कि ज्येष्ठ पुत्र मेरे व्यक्तित्व की पूर्ण और प्रचुर अभिव्यक्ति हैं, उन्हें सोने और चाँदी और बहुमूल्य रत्नों द्वारा दर्शाया जाना चाहिए। यह इस तथ्य से जुड़ता है कि मेरा आना चोर के आने की तरह है, और मैं सोने और चाँदी और बहुमूल्य रत्न चुराने आया हूँ (क्योंकि ये सोने और चाँदी और बहुमूल्य रत्न मूल रूप से मेरे हैं, और मैं उन्हें वापस अपने घर ले जाना चाहता हूँ)। जब ज्येष्ठ पुत्र और मैं एक-साथ सिय्योन लौटेंगे, तो ये सोने, चाँदी और बहुमूल्य रत्न मेरे द्वारा चुरा लिए गए होंगे। इस दौरान शैतान की बाधाएँ और विघ्न होंगे, और इसलिए मैं सोने, चाँदी और बहुमूल्य रत्नों को ले जाऊँगा और शैतान के साथ एक निर्णायक लड़ाई शुरू करूँगा। (यहाँ मैं निश्चित रूप से कोई कहानी नहीं सुना रहा हूँ; यह आध्यात्मिक दुनिया की घटना है, इसलिए लोग इस बारे में पूरी तरह से अस्पष्ट हैं, और वे इसे केवल एक कहानी के रूप में सुन सकते हैं। किंतु तुम लोगों को मेरे वचनों से देखना चाहिए कि मेरी छह-हजार-वर्षीय प्रबंधन योजना क्या है, और तुम लोगों को इसे मज़ाक के रूप में बिलकुल नहीं लेना चाहिए। अन्यथा मेरा आत्मा सभी मनुष्यों में से चला जाएगा।) आज यह लड़ाई पूरी तरह ख़त्म हो गई है, और मैं अपने ज्येष्ठ पुत्रों को (अपने सोने, चाँदी और बहुमूल्य रत्नों को) अपने साथ वापस अपने सिय्योन पर्वत लाऊँगा। सोने, चाँदी और बहुमूल्य रत्नों की दुर्लभता की वजह से, और क्योंकि वे बहुमूल्य हैं इसलिए, शैतान उन्हें छीनकर ले जाने के लिए हर संभव प्रयास करता है, किंतु मैं बार-बार कहता हूँ कि जो मुझसे है, वह वापस मेरे पास आना चाहिए, जिसका अर्थ ऊपर उल्लिखित है। मेरा यह कहना कि ज्येष्ठ पुत्र मुझसे हैं और मेरे हैं, शैतान के लिए एक घोषणा है। इसे कोई भी नहीं समझता, और यह पूर्णत: आध्यात्मिक दुनिया की घटना है। इसलिए मनुष्य की समझ में नहीं आता कि क्यों मैं बार-बार जोर देता हूँ कि ज्येष्ठ पुत्र मेरे हैं; आज तुम्हें समझ जाना चाहिए! मैंने कहा है कि मेरे वचनों में उद्देश्य और बुद्धिमत्ता है, किंतु तुम लोग इसे केवल बाहर से ही समझते हो—एक भी व्यक्ति इसे आत्मा में स्पष्ट रूप से नहीं देख सकता।

मैं अधिक से अधिक बोलता हूँ, और जितना अधिक मैं बोलता हूँ, उतने अधिक कठोर मेरे वचन बन जाते हैं। जब यह एक निश्चित मात्रा तक पहुँच जाएगा, तो मैं अपने वचनों का प्रयोग करके लोगों को एक निश्चित मात्रा तक कार्य करने के लिए बाध्य करूँगा, उन्हें न केवल हृदय में और वचन से आश्वस्त करवाने के लिए, बल्कि उससे भी अधिक, उन्हें जीवन और मृत्यु के बीच झूलने के लिए बाध्य करूँगा; यह मेरे कार्य की पद्धति है और इस तरह मेरा कार्य अपने चरणों में आगे बढ़ता है। यह इसी तरह से होना चाहिए; केवल इसी तरह से यह शैतान को शर्मिंदा कर सकता है और ज्येष्ठ पुत्रों को पूरा कर सकता है (अंततः ज्येष्ठ पुत्रों को पूर्ण बनाने, उन्हें देह से मुक्त होने देने और आध्यात्मिक दुनिया में प्रवेश करने देने के लिए मेरे वचनों का उपयोग करते हुए)। मनुष्य मेरे कथनों की पद्धति और स्वर नहीं समझता। मेरी व्याख्या से तुम सभी को कुछ परिज्ञान मिलना चाहिए, और जो कार्य तुम्हें करना चाहिए, उसे करने के लिए तुम सभी को मेरे कथनों का अनुसरण करना चाहिए। मैंने तुम लोगों को यही सौंपा है। तुम लोगों को इसके बारे में न केवल बाहरी दुनिया से, बल्कि उससे भी अधिक महत्वपूर्ण रूप से आध्यात्मिक दुनिया से, अवगत होना चाहिए।

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