366 जो परमेश्वर के कार्य के साथ क़दम मिलाकर नहीं चल सकते, उन्हें हटा दिया जाएगा

1 आज तुम परमेश्वर के इन सभी क्रिया-कलापों को देखते हो, मगर तब भी तुम प्रतिरोध करते हो और विद्रोही हो, और समर्पण नहीं करते हो; तुम अपने भीतर बहुत सी चीज़ों को आश्रय देते हो, और वही करते हो जो तुम चाहते हो; तुम अपनी वासनाओं और अपनी पसंद का अनुसरण करते हो—यह विद्रोहशीलता है; और यह प्रतिरोध है। परमेश्वर पर विश्वास जो देह के लिए, किसी की वासनाओं के लिए, और किसी की पसंद के लिए, संसार के लिए, और शैतान के लिए किया जाता है, वह गंदा है; वह प्रतिरोधी व विद्रोहशील है। आज सभी विभिन्न प्रकारों के विश्वास हैं: कुछ आपदा से बचने के लिए आश्रय खोजते हैं, अन्य आशीषें प्राप्त करने की खोज करते हैं, जबकि कुछ रहस्यों को समझना चाहते हैं और कुछ अन्य कुछ धन पाने का प्रयास करते हैं; ये सभी प्रतिरोध के रूप हैं; ये सब ईशनिंदा हैं! यह कहना कि कोई व्यक्ति प्रतिरोध या विद्रोह करता है—क्या यह इन चीज़ों के संदर्भ में नहीं है?

2 बहुत से लोग अब बड़बड़ाते हैं, शिकायतें करते हैं या आलोचनाएँ करते हैं। ये सभी चीज़ें दुष्टों के द्वारा की जाती हैं; वे मानव प्रतिरोध और विद्रोहशीलता हैं; ऐसे व्यक्ति शैतान के अधिकार और नियंत्रण में हैं। जिन लोगों को परमेश्वर प्राप्त कर लेता है, ये वे लोग हैं जो पूर्ण रूप से उसके प्रति समर्पण करते हैं, जो शैतान के द्वारा भ्रष्ट कर दिए गये हैं किंतु अब उसके कार्य के द्वारा बचा और जीत लिए गए हैं, जिन्होंने क्लेशों को सहा है और अंत में परमेश्वर के द्वारा पूर्णतः प्राप्त कर लिए गए हैं, तथा शैतान के अधिकार क्षेत्र में अब और नहीं रहते हैं, और अधार्मिकता से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं, जो पवित्रता में जीवन जीना चाहते हैं—ये ही सबसे अधिक पवित्र लोग हैं; ये ही पवित्र लोग हैं। यदि तुम्हारे वर्तमान क्रिया-कलाप परमेश्वर की अपेक्षाओं के एक भाग से मेल नहीं खाते हैं, तो तुम्हें अलग कर दिया जाएगा। यह निर्विवाद है। सब कुछ आज के अनुसार किया जाता है; यद्यपि उसने तुम्हें पूर्वनियत कर दिया है और चुन लिया है, किन्तु फिर भी आज तुम्हारे क्रिया-कलाप ही तुम्हारा परिणाम निर्धारित करेंगे। यदि आज तुम अब गिरने से नहीं रुक सकते हो तो तुम्हें अलग कर दिया जाएगा।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में "तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई" से रूपांतरित

पिछला: 365 तुम्हारी प्रकृति बहुत भ्रष्ट है

अगला: 367 परमेश्वर मनुष्य को नर्क के जीवन से बचाना चाहता है

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें