137 मैं अनंत काल तक परमेश्वर से प्रेम करूँगा

1 हे परमेश्वर! तुम्हारे वचन मुझे वापस तुम्हारे सामने बुलाते हैं। राज्य में दिन और रात अपना प्रशिक्षण करता हूँ मैं स्वीकार। कितनी ही बार मैं कमजोर और नकारात्मक हुआ, और तुम्हारे वचनों ने मुझे शांत किया, समर्थन दिया। कितनी ही बार मैं प्रलोभन में पड़ा, और तुमने मुझे बचाया और मुझे अद्भुत ढंग से राह दिखाई। और कितनी ही बार सीसीपी द्वारा मेरा पीछा किया गया और मुझे सताया गया। यह तुम ही थे, जिसने हमेशा गुप्त रूप से मेरी रक्षा की, मुझे राह दिखाई। तुमने कई कठिनाइयों और खतरों में मेरी अगुआई की है। तुमने पीड़ा और क्लेशों के दौरान मेरा साथ दिया है। केवल अब मैं देखता हूँ कि तुम्हारा प्यार कितना वास्तविक है।

2 हे परमेश्वर! न्याय के जरिये मैंने तुम्हारा सच्चा प्यार देखा है। मैंने देखा है कि तुम्हारा धार्मिक स्वभाव वास्तव में कितना सुंदर है। कितनी ही बार मैंने अपनी हैसियत के लिए काम किया—तुमने मेरी काट-छाँट की और मुझसे निपटे। कितनी ही बार मैं घमंडी और दंभी हुआ—तुमने मुझे अनुशासित किया और मुझ पर प्रहार किया। परीक्षणों और शुद्धिकरण के माध्यम से मैंने तुम्हारा आज्ञापालन करना सीखा है। तुम्हारे वचन में बढ़ते हुए मैं मानवीय समानता को जीता हूँ। हे परमेश्वर! सदा-सर्वदा प्रेम करूँगा तुझको मैं। धन्य होऊँ या शापित होऊँ, तुम्हारी संप्रभुता और व्यवस्थाओं का पालन करूँगा मैं। इंतजार नहीं करवाऊँगा, तुझे सच्चा प्रेम दूँगा मैं। तुम्हें अपना पावन प्रेम दूँगा मैं, और अपने प्रेम का आनंद लेने दूँगा। तुम्हें अपना सारा प्रेम दूँगा मैं, और तुम्हें अपना प्रेम लेने दूँगा। तुम्हें अनंत काल तक प्रेम करूँगा मैं। तुम्हें संतुष्ट करना मेरी ख्वाहिश है।

पिछला: 136 काश मैं हर दिन परमेश्वर के साथ होती

अगला: 138 जहाँ भी जाओगे, मैं तुम्हें चाहूंगा

अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें