109 एक नए मनुष्य का जीवन

I 

हम परमेश्वर की आवाज़ सुनते हैं; हम उसके सामने उठाए जाते हैं।

उसके वचनों के माध्यम से, हमारे मन स्पष्ट हो जाते हैं।

हमारे विचार, हमारी अवधारणाएँ अब दूर हो गई हैं,

हम व्यावहारिक परमेश्वर को स्पष्ट देखते हैं।

एक नया जीवन, सच्चाई से कर्तव्यों को करना।

हम परमेश्वर की जांच को स्वीकार करते हैं, अपने दिलों को अर्पित करते हैं।

हम ईमानदार बनाए जाते हैं, उसका भय मानते, अपनी इच्छा नहीं चलाते हैं।

एक दूसरे को प्रेम और सहायता कर हम धन्य हैं।

परमेश्वर के वचनों का हम अभ्यास करते हैं;

प्रकाश में जीते हुए, हम जीवन को हासिल करते हैं।

अपने कर्तव्य में वफ़ादार रहकर, हमारे हृदयों में आनंद है।

परमेश्वर की व्यवस्थाओं को मानकर,

हम उसके चमत्कार को देखते हैं।

परमेश्वर के प्रति प्रेम हमें आनंद से भर देता है,

और हम नए मनुष्यों की तरह जीते हैं।

II 

सत्य के सिद्धांतों से सेवा कर,

उसे प्रेम कर, उसकी इच्छा के प्रति सजग रहकर,

परमेश्वर के वचनों को जीकर, हम मुक्त हैं।

उसे जानने को सत्य खोजते, हम उसके अनुमोदन को हासिल करते हैं।

जितना अधिक हम परमेश्वर के न्याय को स्वीकार करते हैं,

उतना ही अधिक हम उसके प्यारेपन को महसूस करते हैं।

भ्रष्ट स्वभाव शुद्ध हो जाता है,

हम परमेश्वर को इतना प्यार करते हैं कि हमारा जी ही नहीं भरता है।

सत्य को अपना जीवन बनाकर,

हम मानव की सदृशता को हासिल करते हैं।

सत्य को हासिल करना आसान नहीं है,

पर पीड़ा के बाद मिठास आती है।

परमेश्वर के वचनों का हम अभ्यास करते हैं;

प्रकाश में जीते हुए, हम जीवन को हासिल करते हैं।

अपने कर्तव्य में वफ़ादार रहकर, हमारे हृदयों में आनंद है।

परमेश्वर की व्यवस्थाओं को मानकर,

हम उसके चमत्कार को देखते हैं।

परमेश्वर के प्रति प्रेम हमें आनंद से भर देता है,

और हम नए मनुष्यों की तरह जीते हैं।

III 

परीक्षणों के माध्यम से गवाही देकर,

हम मसीह के अच्छे सैनानी हैं।

सत्य को हासिल करने के लिए कष्ट झेलकर,

हम अर्थपूर्ण जीवन जीते हैं।

कष्ट और शुद्धिकरण

धर्मी को पूर्ण बनाते हैं।

हम परमेश्वर का अनुसरण कर उसकी गवाही देते हैं,

मनुष्य का सच्चा जीवन जीकर।

परमेश्वर के वचनों का हम अभ्यास करते हैं;

प्रकाश में जीते हुए, हम जीवन को हासिल करते हैं।

अपने कर्तव्य में वफ़ादार रहकर, हमारे हृदयों में आनंद है।

परमेश्वर की व्यवस्थाओं को मानकर,

हम उसके चमत्कार को देखते हैं।

परमेश्वर के प्रति प्रेम हमें आनंद से भर देता है,

और हम नए मनुष्यों की तरह जीते हैं।

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