108 परमेश्वर में आस्था बहुत आनंद देती है

हम कभी ख़राब और पतित पीढ़ी थे;

माँ-बाप का सिरदर्द थे, शिक्षकों को नाराज़ करते थे।

अब आस्था के कारण, हम ईश्वर के साथ सच्चे मार्ग पर हैं।

हम प्रकाशमान हैं, क्योंकि सत्य खोजते, ईश्वर-वचनों पर अमल करते हैं।

हम नई पीढ़ी के नौजवान हैं।

ईश्वर के प्रेम और आशीष से, आनंदित हैं हम।

ईश्वर के प्रेम और आशीष से, आनंदित हैं हम।

1

हम आज के दौर के पीछे अब और नहीं भागते

नाइट क्लब की चमक-दमक को ठुकराते हम,

दंभी नहीं होना चाहते हम

देह-सुख में भी पड़ते नहीं हम।

हम नहीं परेशान धन से, गेम की लत नहीं हमको,

न भागें प्रेम के पीछे, नहीं पड़ते वासना में।

हम झूठा ज्ञान न खोजें, नहीं हैं मनमौजी अब हम।

हमने सुनी है ईश्वर-वाणी, लौटे ईश्वर की ओर।

अब आस्था के कारण, हम ईश्वर के साथ सच्चे मार्ग पर हैं।

हम प्रकाशमान हैं, क्योंकि सत्य खोजते, ईश्वर-वचनों पर अमल करते हैं।

हम नई पीढ़ी के नौजवान हैं।

ईश्वर के प्रेम और आशीष से, आनंदित हैं हम।

ईश्वर के प्रेम और आशीष से, आनंदित हैं हम।

2

ईश्वर के वचनों के सच से मन साफ़ हुआ है,

अच्छा-बुरा, भ्रष्ट, प्यारा सब जान लिया है।

करते शुद्ध वचन उनके, रखते बुराई से दूर।

उनका सच लेकर, चलते सही राह पर हम।

हम ईश्वर-वचन को पढ़ते हर दिन, सच को साझा करते,

अब हम जी रहे हैं कलीसिया का जीवन।

हमारे विकास के साथ न्याय है,

व्यवहार है, काट-छाँट है ईश्वर के वचनों की।

आँसू बहाये, दुखी हुए, नाकाम हुए, गिरे हैं हम,

मगर ईश्वर के वचनों से वक्त पर प्रबुद्ध होते हम।

ईश्वर के वचनों की रोशनी से,

सत्य को समझ गये हम, अब आज़ाद हैं हम।

अब आस्था के कारण, हम ईश्वर के साथ सच्चे मार्ग पर हैं।

हम प्रकाशमान हैं, क्योंकि सत्य खोजते, ईश्वर-वचनों पर अमल करते हैं।

हम नई पीढ़ी के नौजवान हैं।

ईश्वर के प्रेम और आशीष से, आनंदित हैं हम।

ईश्वर के प्रेम और आशीष से, आनंदित हैं हम।

3

स्तुति करते हम ईश्वर की हँसी-ख़ुशी से,

ख़ुश रहते, बातें करते हम ईश्वर से।

कोशिश करते सच्चा बनें, प्यार पाएँ ईश्वर का,

जोशीले, चिंतामुक्त हैं, नहीं कोई छल हम में।

करते हम सब ऐलान, देते ईश्वर की गवाही।

दिल ख़ुश और आज़ाद हैं हमारे।

रूबरू देखा है हमने ईश्वर को, महसूस किया है उनके प्यार को।

सच कीमती है, देता नया मकसद हमारी ज़िंदगी को।

शुक्रिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर का,

दिया जिन्होंने सत्य, मार्ग और जीवन हमें।

प्रिय नहीं कोई सर्वशक्तिमान परमेश्वर से।

हम नौजवान सदा उनकी स्तुति करेंगे।

अब आस्था के कारण, हम ईश्वर के साथ सच्चे मार्ग पर हैं।

हम प्रकाशमान हैं, क्योंकि सत्य खोजते, ईश्वर-वचनों पर अमल करते हैं।

हम नई पीढ़ी के नौजवान हैं।

ईश्वर के प्रेम और आशीष से, आनंदित हैं हम।

ईश्वर के प्रेम और आशीष से, आनंदित हैं हम।

पिछला: 107 प्रकाश के मार्ग पर मसीह का अनुसरण करो

अगला: 109 एक नए मनुष्य का जीवन

अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें