577 परमेश्वर के आदेश की पूर्ति के लिये कर दो अपना तन-मन समर्पित

इंसानी नस्ल का अंग और सच्चे ईसाई होने के नाते,

है ज़िम्मेदारी हमारी कि परमेश्वर के आदेश की

पूर्ति के लिये, समर्पित करें हम तन-मन अपना,

चूँकि पाई है अपनी हस्ती हमने परमेश्वर से,

परमेश्वर की संप्रभुता की वजह से ही वजूद है हमारा।

गर नहीं है तन-मन हमारा परमेश्वर के आदेश के लिये,

या इंसान के धर्मी लक्ष्य के लिये,

तो जो हुए कुर्बान परमेश्वर के आदेश की ख़ातिर,

नहीं है आत्मा हमारी काबिल उन शहीदों के लिये।

उस परमेश्वर के काबिल तो बिल्कुल नहीं,

जिसने सबकुछ दिया है, सबकुछ किया है, हमारे लिये,

हमारे लिये, हमारे लिये।


—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, परिशिष्ट 2: परमेश्वर संपूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियंता है से रूपांतरित

पिछला: 576 अपना कर्तव्य करने का अर्थ है भरसक प्रयत्न करना

अगला: 578 परमेश्वर के आदेश को किस ढंग से लें

परमेश्वर का आशीष आपके पास आएगा! हमसे संपर्क करने के लिए बटन पर क्लिक करके, आपको प्रभु की वापसी का शुभ समाचार मिलेगा, और 2024 में उनका स्वागत करने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें