577 परमेश्वर के आदेश की पूर्ति के लिये कर दो अपना तन-मन समर्पित

इंसानी नस्ल का अंग और सच्चे ईसाई होने के नाते,

है ज़िम्मेदारी हमारी कि परमेश्वर के आदेश की

पूर्ति के लिये, समर्पित करें हम तन-मन अपना,

चूँकि पाई है अपनी हस्ती हमने परमेश्वर से,

परमेश्वर की संप्रभुता की वजह से ही वजूद है हमारा।

गर नहीं है तन-मन हमारा परमेश्वर के आदेश के लिये,

या इंसान के धर्मी लक्ष्य के लिये,

तो जो हुए कुर्बान परमेश्वर के आदेश की ख़ातिर,

नहीं है आत्मा हमारी काबिल उन शहीदों के लिये।

उस परमेश्वर के काबिल तो बिल्कुल नहीं,

जिसने सबकुछ दिया है, सबकुछ किया है, हमारे लिये,

हमारे लिये, हमारे लिये।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर संपूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियंता है' से रूपांतरित

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