214 ईश्वर ईश्वर है, इंसान इंसान है

शायद ईश-वचनों की पुस्तक खोली हो तुमने

शोध करने या स्वीकारने के इरादे से,

मगर इसे दर-किनार न करना।

इसे पूरा पढ़ना, शायद ये वचन तुम्हारा मन बदल दें,

तुम्हारे इरादों और समझ के आधार पर।

मगर एक बात तुम्हें जान लेनी चाहिए :

ईश-वचन नहीं हैं इंसान के,

न इंसान के शब्द हैं ईश्वर के।

ईश्वर द्वारा प्रयुक्त इंसान, देहधारी ईश्वर नहीं,

देहधारी ईश्वर, ईश्वर द्वारा प्रयुक्त इंसान नहीं।

एक मौलिक भेद है इसमें।

आख़िर ईश्वर ईश्वर है, इंसान इंसान है।

ईश्वर में ईश्वर का सार है,

इंसान में इंसान का सार है।

ईश-वचन पवित्र आत्मा द्वारा

बताया गया प्रबोधन नहीं;

प्रेरितों और नबियों के वचन ईश्वर के नहीं।

उन्हें ईश्वर का मानना इंसान की भूल है।


इन वचनों को पढ़कर अगर,

तुम इन्हें ईश-वचन न मानकर,

इंसान द्वारा हासिल प्रबोधन मानो,

तो फिर तुम अज्ञानी हो।

ईश्वर के वचन इंसान को हासिल

प्रबोधन के समान नहीं।

देहधारी ईश्वर के वचन शुरू

कर सकते हैं नए युग को,

वो शुरू कर सकते हैं नए युग को।

वो राह दिखा सकते हैं हर इंसान को,

खोल सकते हैं रहस्य,

दिशा दे सकते इंसान को।

इंसान द्वारा हासिल प्रबोधन

महज़ अभ्यास और ज्ञान की राह दिखाए।

ये हर इंसान को नए युग में न ले जा सके,

या ईश्वर के राज़ न खोल सके।

आख़िर ईश्वर ईश्वर है, इंसान इंसान है।

ईश्वर में ईश्वर का सार है,

इंसान में इंसान का सार है।

ईश-वचन पवित्र आत्मा द्वारा

बताया गया प्रबोधन नहीं;

प्रेरितों और नबियों के वचन ईश्वर के नहीं।

ऐसा सोचना इंसान की भूल है।

तुम्हें मिलाना नहीं चाहिए सही और गलत को,

ऊँचे-नीचे को, गहरे और छिछले को,

झुठलाना नहीं चाहिए जानते तुम जिस सत्य को।

सही नज़रिए से समस्याओं की जाँच करो,

ईश्वर के नए काम, नए वचनों को

उसके सृजित प्राणी की नज़र से स्वीकार करो।

विश्वासी इन कामों को अवश्य करें,

वरना ईश्वर हटा देगा तुम्हें।

आख़िर ईश्वर ईश्वर है, इंसान इंसान है।

ईश्वर में ईश्वर का सार है,

इंसान में इंसान का सार है।

ईश-वचन पवित्र आत्मा द्वारा

बताया गया प्रबोधन नहीं;

प्रेरितों और नबियों के वचन ईश्वर के नहीं।

उन्हें ईश्वर का मानना इंसान की भूल है।


'वचन देह में प्रकट होता है' से रूपांतरित

पिछला: 213 क्या तुम लोगों ने पवित्र आत्मा को बोलते सुना है?

अगला: 215 परमेश्वर की महिमा का दिन

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर धर्मोपदेश और संगति अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें