529 परमेश्वर की सहिष्णुता के कारण अपने आप में लिप्त मत हो जाओ

1 हालाँकि मुझे कम ही लोग जानते हैं, लेकिन मैं मानव पर अपना क्रोध नहीं निकालता, क्योंकि लोगों में बहुत सारी कमियां हैं और उनके लिए वह स्तर प्राप्त करना कठिन है जो मैं उनसे अपेक्षा करता हूँ। इसलिए, हज़ारों सालों से लेकर आज तक मैं मनुष्यों के प्रति सहनशील बना हुआ हूँ। फिर भी, मैं आशा करता हूँ कि तुम लोग, मेरी सहनशीलता के कारण, खुद के साथ बहुत नरमी से पेश नहीं आओगे। पतरस के द्वारा, तुम्हें मुझे जानना चाहिए और मेरी खोज करनी चाहिए; और पतरस के सभी कार्यों के माध्यम से, तुम्हें अभूतपूर्व तरीके से प्रबुद्ध होना चाहिए और इस प्रकार ऐसे क्षेत्र पाने चाहिए जहाँ मनुष्य पहले कभी नहीं पहुँचा हो।

2 सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड और नभमंडल में, स्वर्ग और पृथ्वी की सभी चीज़ों में, स्वर्ग और पृथ्वी पर की सभी चीज़ें मेरे कार्य के अंतिम भाग के लिए अपने अंतिम प्रयास को लगा देती हैं। निश्चित ही तुम लोग शैतान की शक्तियों के द्वारा आदेश पाते हुए, एक किनारे पर दर्शक बने रहना नहीं चाहते? शैतान हमेशा उपस्थित रहकर उस ज्ञान का भक्षण कर रहा है, जो मेरे बारे में लोगों के हृदयों में है, दाँतों को पीसते और अपने पंजों को खोलते-बंद करते हुए अपनी मृत्यु के अंतिम समय के संघर्ष में लगा हुआ है। क्या तुम लोग इस समय उसकी कपटपूर्ण युक्तियों में फंसना चाहते हो? क्या तुम लोग ऐसे वक्त में अपने जीवन को बर्बाद कर लेना चाहते हो जब मेरा कार्य अंतत: पूरा हो गया है? क्या तुम लोग इंतज़ार कर रहे हो कि मैं एक बार फिर अपनी सहनशीलता दिखाऊँ? मेरे बारे में ज्ञान पाने की कोशिश करना सबसे मुख्य बात है, परन्तु अभ्यास पर ध्यान देना अपरिहार्य है। मेरे वचन सीधे तौर पर तुम लोगों पर उजागर किए जाते हैं, और मैं यह आशा करता हूँ कि तुम लोग मेरे मार्गदर्शन का अनुसरण करोगे, और अपने लिए महत्वकांक्षाओं और योजनाओं को रखना छोड़ दोगे।

—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन, अध्याय 6 से रूपांतरित

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