830 अय्यूब और पतरस की तरह गवाह बनो

1

कह सकते हो तुम कि तुम जीत लिए गए हो,

लेकिन क्या तुम मृत्यु तक मान सकते हो आज्ञा?

तुम्हारी संभावनाएं चाहे कुछ भी हों, तुम्हें करना चाहिए अंत तक अनुसरण।

माहौल चाहे कुछ भी हो, चारों ओर कुछ भी हो रहा हो,

खोना नहीं चाहिए तुम्हें अपना विश्वास।

अय्यूब की तरह बनो, मृत्यु तक आज्ञाकारी।

पतरस की तरह बनो, परमेश्वर के लिए रखो परम प्रेम।

अय्यूब की तरह बनो, मृत्यु तक आज्ञाकारी।

पतरस की तरह बनो, परमेश्वर के लिए रखो परम प्रेम।

2

अय्यूब की तरह होना चाहिए तुम्हें।

देह में था वो ग़रीब, सहता था दर्द, पर कभी न छोड़ा उसने यहोवा का नाम।

होना चाहिए तुम्हें पतरस की तरह, क्रूस पर भी अपनी अंतिम सांस तक,

मृत्यु तक किया उसने परमेश्वर से प्रेम।

माहौल चाहे कुछ भी हो, चारों ओर कुछ भी हो रहा हो,

खोना नहीं चाहिए तुम्हें अपना विश्वास।

अय्यूब की तरह बनो, मृत्यु तक आज्ञाकारी।

पतरस की तरह बनो, परमेश्वर के लिए रखो परम प्रेम।

3

पतरस ने नहीं सोचा, भविष्य क्या लाएगा,

उसकी शानदार उम्मीदों, असाधारण विचारों को

सिर्फ़ चाहिए था उस परमेश्वर का प्रेम, जिसकी करता था वो सेवा,

जिसकी व्यवस्था का करता था वो पालन।

माहौल चाहे कुछ भी हो, चारों ओर कुछ भी हो रहा हो,

खोना नहीं चाहिए तुम्हें अपना विश्वास।

अय्यूब की तरह बनो, मृत्यु तक आज्ञाकारी।

पतरस की तरह बनो, परमेश्वर के लिए रखो परम प्रेम।

4

इससे पहले कि तुम्हें गवाही देने के लिए माना जाए क़ाबिल,

हासिल करना चाहिए तुम्हें यह मानक,

इससे पहले कि ऐसे इंसान बनो तुम, जीत कर जिसे पूर्ण किया गया है।

माहौल चाहे कुछ भी हो, चारों ओर कुछ भी हो रहा हो,

खोना नहीं चाहिए तुम्हें अपना विश्वास।

अय्यूब की तरह बनो, मृत्यु तक आज्ञाकारी।

पतरस की तरह बनो, परमेश्वर के लिए रखो परम प्रेम।

अय्यूब की तरह बनो, मृत्यु तक आज्ञाकारी।

पतरस की तरह बनो, परमेश्वर के लिए रखो परम प्रेम।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'विजय के कार्य की आंतरिक सच्चाई (2)' से रूपांतरित

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