276 सदा परमेश्वर का अनुसरण करो

मैं परमेश्वर की आवाज़ सुनता हूँ,

उसके पास लौट जाता हूँ।

उसके वचनों के सिंचन को मैं स्वीकार करता हूँ।

मैं न्याय और परीक्षण से गुज़रता हूँ,

बहुत पीड़ा का सामना करके मैं शुद्ध हो जाता हूँ।

I

रुकावटों और असफलताओं,

कष्ट और पीड़ा से गुज़रकर,

कई बार अनुशासित होकर,

परमेश्वर के प्रति मेरा प्रेम और सशक्त होता है।

परमेश्वर बहुत धर्मी है,

दिल का बहुत भला है,

मैं दिल से उसका आदर करता हूँ,

उससे अलग होना असह्य है।

हम परमेश्वर का अनुसरण करते हैं,

हम सदा परमेश्वर का अनुसरण करेंगे।

हम न्याय को स्वीकार करते हैं,

आगे कूच करते हैं, बदलने का प्रयास करते हैं।

हम भ्रष्टता को त्याग देते हैं,

हमारा स्वभाव बदल गया है,

अब हम मानव के सदृश जीते हैं।

परमेश्वर का न्याय प्रेम है,

यह उसका दिया हुआ महान उद्धार है,

उससे मिला महान उद्धार प्रेम है।

II

मनुष्य धूल के बराबर है, तुच्छ व दीन,

फिर भी उसे परमेश्वर से उद्धार पाकर हम मानवीय गरिमा से जीते हैं

हमारा स्वभाव बदल जाता है।

न्याय और ताड़ना के रूप में,

परमेश्वर का प्रेम हमारे साथ है।

हमें बदलने और पूर्ण करने के लिए परमेश्वर स्वयं कार्य करता है।

हम परमेश्वर का अनुसरण करते हैं,

हम सदा परमेश्वर का अनुसरण करेंगे।

हम कोई सौदेबाज़ी न करेंगे,

न कोई जंगली अशुद्धता होगी।

अपने कर्तव्य पूरे करते है हम,

जिससे हमारा उद्देश्य पूरा हो सके,

ताकि परमेश्वर का दिल हो संतुष्ट।

परमेश्वर को सांत्वना होगी,

और हमारी आत्माएँ तब

आनंद का अनुभव कर सकेंगी।

III

केवल परमेश्वर के अनुग्रह का आनंद लेने में,

कोई जीवन नहीं होता है।

सब कुछ अंत में बेकार है,

यदि सत्य हासिल नहीं होता है।

मनुष्य का जीवन बहुत छोटा है,

परमेश्वर से प्रेम करना सबसे बड़ी बात है।

परमेश्वर के लिए अच्छी गवाही दो,

तब हमें जीवन में कोई अफ़सोस न होगा।

हम परमेश्वर का अनुसरण करते हैं,

हम सदा परमेश्वर का अनुसरण करेंगे।

चाहे राज्य को जाने का मार्ग

कितना ही कठिन हो,

चाहे यंत्रणा और कठिनाई कितनी भी हो,

मैं वापस न लौटूँगा।

परमेश्वर के वचन मेरी अगुआई करते हैं,

मुझे विश्वास देते हैं,

हम परमेश्वर के नक़्शेकदम पर चलते हैं,

आगे बढ़ने के लिए कठिन परिश्रम करो।

हम परमेश्वर से प्रेम करते हैं,

हम पीछे नहीं लौटते हैं।

हम परमेश्वर का अनुसरण करते हैं,

हम सदा परमेश्वर का अनुसरण करेंगे।

मानवजाति को बचाने में,

वह अपना सब कुछ लगा देता है।

परमेश्वर का प्रेम हमारे दिलों को थामता है,

हम कभी पीछे नहीं लौटेंगे।

हम सदा परमेश्वर का अनुसरण करेंगे।

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