57 शुद्ध होने के लिए अंत के दिनों के मसीह के न्याय को स्वीकार करो

1

जानते हो तुम अंत के दिनों में उतरेगा यीशु,

पर वो यह कैसे करेगा?

क्या तुम-सा पापी, जो छुड़ाया गया

पर पूर्ण हो सकता नहीं, ईश-हृदय अनुसार?

तुम बदले नहीं पर बचाया तुम्हें यीशु ने,

परमेश्वर के उद्धार से, तुम्हें पापी नहीं गिना जाता।

है ऐसा नहीं कि तुम मुक्त हो पाप से।

बदलोगे नहीं तो कैसे बनोगे संत के जैसे?

दूसरा देहधारण अब नहीं है पापबलि के रूप में,

बल्कि है पाप से छुड़ाए गए लोगों को पूरा बचाने को।

किया जाता ये कि क्षमा पाये लोग शुद्ध किए जाएँ,

बदले स्वभाव उनका, छूटें चंगुल से शैतान के,

और परमेश्वर के सामने लौट आयें।

केवल इसी प्रकार मनुष्य हो पायेगा पवित्र।

2

अशुद्धता, स्वार्थ और कुटिलता से घिरे हो तुम,

फिर भी चाहते हो अवरोहण यीशु के साथ!

परमेश्वर में अपने विश्वास में एक कदम को चूके हो तुम:

तुम्हें केवल छुड़ाया गया है, परिवर्तित नहीं हो तुम।

परमेश्वर के हृदयानुसार बनाने के लिए,

तुम्हें परिवर्तित और शुद्ध करने के लिए, उसे स्वयं करना होगा काम।

दूसरा देहधारण अब नहीं है पापबलि के रूप में,

बल्कि है पाप से छुड़ाए गए लोगों को पूरा बचाने को।

किया जाता ये कि क्षमा पाये लोग शुद्ध किए जाएँ,

बदले स्वभाव उनका, छूटें चंगुल से, शैतान के,

और परमेश्वर के सामने लौट आयें।

केवल इसी प्रकार मनुष्य हो पायेगा पवित्र।

3

अगर सिर्फ छुड़ाये गए हो, तो तुम हो नहीं सकते पवित्र,

पा नहीं सकते हो तुम, परमेश्वर के अच्छे आशीषों को।

परमेश्वर के प्रबंधन में एक कदम चूके हो तुम,

जो इंसान को परिवर्तित और पूर्ण करने का है मुख्य कदम।

इसलिए छुटकारा पाया हुआ तुम जैसा पापी,

पा नहीं सकता परमेश्वर का उत्तराधिकार।

दूसरा देहधारण अब नहीं है पापबलि के रूप में,

बल्कि है पाप से छुड़ाए गए लोगों को पूरा बचाने को।

किया जाता ये कि क्षमा पाये लोग शुद्ध किए जाएँ,

बदले स्वभाव उनका, छूटें चंगुल से, शैतान के,

और परमेश्वर के सामने लौट आयें।

केवल इसी प्रकार मनुष्य हो पायेगा पवित्र।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'पदवियों और पहचान के सम्बन्ध में' से रूपांतरित

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