943 परमेश्वर का स्वभाव दयालु, प्रेमपूर्ण, धर्मी और प्रतापी है

1 सदोम नगर का विनाश करने के लिए परमेश्वर के द्वारा आग का इस्तेमाल करना मानवता और किसी जीव को सम्पूर्ण रीति से विनाश करने के लिए उसकी तीव्रतम पद्धति है। सदोम के लोगों को जलाना उनकी शारीरिक देहों को नष्ट करने से कहीं अधिक था; इसने पूरी तरह से उनकी आत्माओं, उनके प्राणों और उनके शरीरों को नष्ट कर दिया, यह भी सुनिश्चित किया कि इस नगर के भीतर के लोग, न तो भौतिक संसार में अस्तित्व में रहेंगे न ही उस संसार में रहेंगे जो मनुष्य के लिए अदृश्य है। यह एक तरीका है जिसके अंतर्गत परमेश्वर अपने क्रोध को दर्शाता और प्रकट करता है। इस तरह का प्रकाशन और प्रदर्शन परमेश्वर के क्रोध के आवश्यक सार का एक पहलू है, बिल्कुल वैसे ही जैसे यह स्वाभाविक रूप से परमेश्वर के धर्मी स्वभाव का आवश्यक सार भी है।

2 जब परमेश्वर अपने क्रोध को भेजता है, तो वह दया या करुणा प्रकट करना बन्द कर देता है, वह कोई सहनशीलता या धैर्य प्रदर्शित नहीं करता है; तब कोई ऐसा व्यक्ति, वस्तु या कारण नहीं है जो उसे निरन्तर धीरज धरने, फ़िर से दया करने, और एक बार फ़िर से अपनी सहनशीलता को प्रकट करने के लिए रज़ामंद कर सके। इन चीज़ों के बदले में, निसंकोच, परमेश्वर अपने क्रोध और प्रताप को व्‍यक्‍त करेगा, जो कुछ वह चाहता है उसे करेगा, और वह इन चीज़ों को अपनी स्वयं की इच्छाओं के अनुरूप शीघ्रता से और साफ़-सुथरे तरीके से करेगा। यह वह तरीका है जिसके अंतर्गत परमेश्वर अपने क्रोध और प्रताप को प्रकट करता है, जिसे मनुष्य को ठेस नहीं पहुंचाना चाहिए, और साथ ही यह उसके धर्मी स्वभाव के एक पहलू की अभिव्यक्ति भी है।

3 जब लोग परमेश्वर को मनुष्य के प्रति चिंता करते और प्रेम दिखाते हुए देखते हैं, तो वे उसके क्रोध को भाँपने में, उसके प्रताप को देखने में या गुनाह के प्रति उसकी असहनशीलता को अनुभव करने में असमर्थ होते हैं। इन चीज़ों ने हमेशा से यह विश्वास करने में लोगों की अगुवाई की है कि परमेश्वर का धर्मी स्वभाव केवल दया, सहनशीलता और प्रेम है। फिर भी, जब कोई परमेश्वर को किसी नगर का विनाश करते हुए या मनुष्य से घृणा करते हुए देखता है, तो मनुष्य के विनाश में उसका क्रोध और प्रताप लोगों को उसके धर्मी स्वभाव के अन्य पक्ष की झलक देखने देता है। यह गुनाह के प्रति परमेश्वर की असहिष्णुता है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II" से रूपांतरित

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