752 अय्यूब के जीवन का मूल्य

1

अय्यूब के जीवन की गवाही का मूल्य क्या है?

मनुष्य के लिए अय्यूब प्रतिनिधि था मानवजाति का,

वही लोग जिन्हें ईश्वर बचाना चाहता है, एक शानदार गवाही देने के लिए।

अय्यूब ने शैतान और संसार के सामने ईश्वर की गवाही दी,

और जो निभाना चाहिए वो कर्त्तव्य पूरा किया।

ईश्वर जिन्हें बचाना चाहता है उन्हें एक उदाहरण दिखाया

कि वे शैतान को हरा सकते हैं ईश्वर का सहारा लेके।

अय्यूब ने अपना जीवन जैसे जिया

और शैतान के ऊपर उसकी असाधारण जीत

ईश्वर के द्वारा सदा संजोकर रखी जायेगी।

अय्यूब की शुद्धता, न्याय-निष्ठा और

उसके ईश्वर के भय का सम्मान होगा, अनुकरण होगा,

आने वाली पीढ़ियों के द्वारा, के द्वारा।

2

ईश्वर के लिए, अय्यूब के जीवन का मूल्य उसके भय में है;

अय्यूब ने उसका भय माना, आराधना की, उसके कर्मों की गवाही दी।

उसने ईश्वर के कर्मों की प्रशंसा की, उसे आराम पहुँचाया।

ईश्वर को आनंद दिया, प्रसन्न किया।

ईश्वर के लिए अय्यूब के जीवन का मूल्य उसके अंत से पहले

उसमें भी था कि उसने कैसे परीक्षाओं का सामना किया,

और शैतान को हराया, और शैतान और संसार के लोगों के सामने

ईश्वर की शानदार गवाही दी।

उसने ईश्वर को मनुष्यों के बीच गौरवान्वित किया।

उसने आराम पहुँचाया ईश्वर के दिल को।

ईश्वर के उत्सुक दिल ने देखा वो परिणाम

और उसके दिल में आशा प्रज्वलित हुई।

अय्यूब ने अपना जीवन जैसे जिया

और शैतान के ऊपर उसकी असाधारण जीत

ईश्वर के द्वारा सदा संजोकर रखी जायेगी।

अय्यूब की शुद्धता, न्याय-निष्ठा और

उसके ईश्वर के भय का सम्मान होगा, अनुकरण होगा,

आने वाली पीढ़ियों के द्वारा।

3

अय्यूब की गवाही ने मिसाल कायम की ईश्वर के प्रति गवाही में डटे रहने में,

ईश्वर के लिए शैतान को लज्जित करने में सक्षम होने में,

मानवजाति का प्रबंधन करने के उसके कार्य में।

अय्यूब ने आराम पहुँचाया ईश्वर के दिल को, और उसने दिया उसे

महिमा पाने की ख़ुशी का थोड़ा अनुभव।

उसने ईश्वर की प्रबंधन योजना को अच्छी शुरुआत दी,

और उसका नाम बना ईश्वर की महिमा का प्रतीक,

शैतान पे इंसान की जीत का चिन्ह।

अय्यूब ने अपना जीवन जैसे जिया

और शैतान के ऊपर उसकी असाधारण जीत

ईश्वर के द्वारा सदा संजोकर रखी जायेगी।

अय्यूब की शुद्धता, न्याय-निष्ठा और उसके ईश्वर के भय का

सम्मान होगा, अनुकरण होगा, आने वाली पीढ़ियों के द्वारा, के द्वारा।

अय्यूब हमेशा ईश्वर के द्वारा संजोया जायेगा,

ठीक वैसे जैसे दोषरहित, चमकदार मोती,

और मनुष्य द्वारा सहेजकर रखा जाना चाहिए।

ये अय्यूब के जीवन का मूल्य है। ये अय्यूब के जीवन का मूल्य है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II' से रूपांतरित

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