281 समय

I

अकेली रूह चली आई है इतनी दूर से,

भविष्य को जाँचती, अतीत को खोजती,

कड़ी मेहनत करती, सपनों का पीछा करती।

इस बात से अनजान, कहाँ से आती-जाती है वो,

आँसुओं में पैदा होती, मायूसी में गुम होती।

कदमों तले कुचली जाती ख़ुद को संभालती फिर भी।

तुम्हारा आना कर देता है भटके व्यथित जीवन का अंत।

मुझको दिखती उम्मीद की किरण,

स्वागत करती हूँ सुबह की रोशनी का।

दूर कोहरे में पाती हूँ झलक तुम्हारे रूप की।

वो चमक है, वो चमक है तुम्हारे चेहरे की।


II

भटक गई थी मैं कल अनजान देश में,

मगर आज पा ली है राह मैंने अपने घर की।

ज़ख़्मों से छलनी, इंसान से अलग,

जीवन सपना है, मैं विलाप करती हूँ।

तुम्हारा आना कर देता है भटके व्यथित जीवन का अंत।

अब खोई हुई नहीं हूँ, भटकी हुई नहीं हूँ मैं।

अब अपने घर में हूँ मैं। तुम्हारा सफ़ेद लिबास दिखता है मुझे।

वो चमक है, वो चमक है तुम्हारे चेहरे की।

कितने जनम लिये, जनम लिये कितने साल इंतज़ार किया,

सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अब आगमन हुआ।

अकेली रूह को मिल गई राह, अब दुखी नहीं है ये।

हज़ारों साल का ये सपना।

पिछला: 280 तुम सच्चा जीवन हो मेरा

अगला: 282 परमेश्वर में आस्था की उक्तियाँ

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें