556 जो सत्य का अभ्यास करते हैं वे ही परमेश्वर द्वारा बचाए जा सकते हैं

1 फिलहाल जब तक आप लोगों के पास एक आशा है, इसकी परवाह न करते हुए कि परमेश्वर अतीत की बातों को स्मरण रखता है या नहीं, आप सभी को इस मानसिकता को बनाये रखना चाहिए: मुझे अपने स्वभाव में परिवर्तन का प्रयास करना होगा, परमेश्वर को समझने का प्रयास करना होगा, मुझे फिर से शैतान के द्वारा मूर्ख नहीं बनना चाहिए और मुझे ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जो परमेश्वर के नाम को शर्मिन्दा करे। वे कौन से मुख्य क्षेत्र हैं जो यह निर्धारित करते हैं कि एक व्यक्ति की फिलहाल कोई क़ीमत है या नहीं, उनको बचाया जाएगा या नहीं या उनके पास कोई आशा है या नहीं? वे हैं, आपने प्रचार सुना उसके पश्चात्, आप सत्य को स्वीकार कर सकते हैं या नहीं, आप सत्य को अभ्यास में ला सकते हैं या नहीं और आप बदल सकते हैं या नहीं।

2 यदि आप सिर्फ पछतावे का एहसास करते हैं, यदि आप सिर्फ जाते हैं और कार्य करते हैं और उसी पुराने तरीके से लगातार सोचते हैं, और आपके पास इस विषय में बिलकुल भी समझ नहीं है किन्तु उसके बजायआप बद से बदतर होते जाते हैं, तो आप आशाहीन होंगे और आपको निकम्मा घोषित किया जाना चाहिए। आप जितना अधिक परमेश्वर को जानते हैं, और आप जितना अधिक अपने आपको समझते हैं, तो उतना ही अधिक आप अपने आपको वश में रखने में समर्थ होंगे। आप अपने स्वयं के स्वभाव को समझ के साथ भेदने में जितना अधिक सक्षम होते हैं, उतना ही अधिक आप अपने आपको वश में रखने में समर्थ होंगे। जब आप अपने अनुभव का सार निकाल लेते हैं उसके पश्चात्, आप फिर से इस विषय पर कभी भी असफल नहीं होंगे।

3 वास्तविक तथ्य में, हर एक के ऊपर धब्बे हैं और वे सभी कुछ भ्रष्ट स्वभावों को प्रकट करते हैं, जैसे अहंकार और मिथ्याभिमान, या वे कुछ अपराध करते हैं, या कार्य में कुछ ग़लतियां और त्रुटियां करते हैं, या वे कुछ छोटे छोटे बलवों को दिखाते हैं। ये सभी क्षमायोग्य बाते हैं चूँकि वे ऐसी बातें हैं जिनसे कोई भ्रष्ट व्यक्ति परहेज नहीं कर सकता है। फिर भी जब आप एक बार सत्य को समझ जाते हैं तो उनसे परहेज किया जाना चाहिए। तब यह आगे से जरुरी नहीं होगा कि हमेशा उन चीज़ों के द्वारा परेशान हुआ जाए जो अतीत में घटित हुई थीं। उसके बजाय, इससे भयभीत होना है कि समझने के बाद भी आप नहीं बदलेंगे, यह कि आप जानेंगे कि ऐसा कुछ करना ग़लत है और फिर भी लगातार उसे करेंगे, और यह कि आपको बताने के बाद भी कि यह ग़लत है आप निरन्तर कुछ न कुछ करेंगे। ये लोग छुटकारे से परे हैं।

— "मसीह की बातचीतों के अभिलेख" में "परमेश्वर की सेवा करने के लिए पतरस के मार्ग पर चलना चाहिए" से रूपांतरित

पिछला: 883 जब परमेश्वर देहधारण करता है तभी मनुष्य को उद्धार का अवसर मिलता है

अगला: 898 परमेश्वर को सुकून तब मिलता है जब लोग गलतियां करना छोड़ देते हैं

दुनिया आपदा से घिर गई है। यह हमें क्या चेतावनी देती है? आपदाओं के बीच हम परमेश्वर द्वारा कैसे सुरक्षित किये जा सकते हैं? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे साथ हमारी ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ें।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें