845 केवल वे जिन्हें परमेश्वर ने पूर्ण किया हो, उससे सचमुच प्रेम कर सकते हैं

1 मनुष्य सदा अंधकार के प्रभाव में रहा है, शैतान के प्रभाव की क़ैद में रखा गया है, बचकर निकल भी नहीं पाता, और शैतान के द्वारा संसाधित किए जाने के पश्चात्, उसका स्वभाव उत्तरोत्तर भ्रष्ट होता जाता है। कहा जा सकता है कि मनुष्य सदा ही अपने भ्रष्ट शैतानी स्वभाव के बीच रहा है और परमेश्वर से सच्चे अर्थ में प्रेम करने में असमर्थ है। यदि मनुष्य परमेश्वर से प्रेम करना चाहता है, तो उसे आत्मदंभ, आत्म-महत्व, अहंकार, मिथ्याभिमान इत्यादि, वह सब कुछ जो शैतान के स्वभाव का है, उतार फेंकना चाहिए। यदि नहीं, तो उसका प्रेम अशुद्ध प्रेम, शैतानी प्रेम, और ऐसा प्रेम है जो कदापि परमेश्वर की स्वीकृति प्राप्त नहीं कर सकता है।

2 पवित्र आत्मा द्वारा प्रत्यक्षतः पूर्ण बनाए, निपटे, तोड़े, काटे-छाँटे, अनुशासित, ताड़ित और शुद्ध किए बिना कोई परमेश्वर से सच्चे अर्थ में प्रेम करने में समर्थ नहीं है। यदि तुम कहो कि तुम्हारे स्वभाव का एक हिस्सा परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करता है और इसलिए तुम परमेश्वर से सचमुच प्रेम करने में समर्थ हो, तो तुम्हारे शब्द अहंकारी हैं, और तुम हास्यास्पद हो। ऐसे लोग ही महादूत हैं! मनुष्य की जन्मजात प्रकृति परमेश्वर का सीधे प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ है; उसे परमेश्वर की पूर्णता के माध्यम से अपनी अंतर्जात प्रकृति को त्यागना ही होगा और केवल तभी—परमेश्वर की इच्छा की परवाह करके, परमेश्वर के अभिप्रायों को पूरा करके, और इससे भी आगे पवित्र आत्मा के कार्य से गुज़रकर—वह जो जीता है उसे परमेश्वर द्वारा अनुमोदित किया जा सकता है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'भ्रष्ट मनुष्य परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में अक्षम है' से रूपांतरित

पिछला: 844 परमेश्वर तुम्हें तभी पूर्ण करेगा जब तुम पतरस के मार्ग पर चलो

अगला: 846 परमेश्वर क वचनों द्वारा पूर्ण बनाए गए लोग

परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें