40 परमेश्वर के लिए हमेशा स्तुति के गीत गाओ

1 सत्य व्यक्त करने के लिए और मानव जाति का न्याय करने के लिए, चीन में देहधारी परमेश्वर हुआ है प्रकट। हमें सुनाई देती है उसकी आवाज़, और हमें उठाया गया है उसके सिंहासन के सामने। अपने सपनों में भी नहीं हमने सोचा कि हम होंगे आमने-सामने परमेश्वर के। लालसा के कई वर्षों का नतीजा मिला है, और देख सकते हैं हम उद्धारकर्ता का प्रकटीकरण। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन दिखाते हैं उसकी सर्वशक्तिमता, और प्राप्त की है उसके वचनों ने लाखों लोगों के दिल पर विजय। परमेश्वर के लोग उसके सिंहासन के सामने इकट्ठे होते हैं, ताकि उसके वचन करें अगुवाई और सिंचन उनका। परमेश्वर के सभी वचन हैं सत्य, जो देते हैं हमें अनंत जीवन का मार्ग। हम प्राप्त करते हैं परमेश्वर का शुद्धिकरण और उद्धार, और हम हमेशा गाते हैं परमेश्वर के लिए स्तुति के गीत।

2 हर दिन हम परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं और सत्य पर साहचर्य करते हैं, और उनके न्याय और शुद्धिकरण को स्वीकार करते हैं। परमेश्वर की प्रबुद्धता और रोशनी में, हम खुद को जान जाते हैं और अपनी शैतानी प्रकृति को पहचानते हैं। हम घमंडी, दंभी, स्वार्थी और तिरस्कारयोग्य हैं, और आत्म-निंदा और अफ़सोस में हम परमेश्वर के सामने झुकते हैं। देह-सुख को त्यागकर और सत्य का अभ्यास करके, हमारा जीवन स्वभाव धीरे-धीरे बदलता है। न्याय किये जाने और सत्य समझने से हम देखते हैं कि परमेश्वर बहुत धर्मी और पवित्र है, और हमारे दिलों में उसके लिए श्रद्धा उपजती है। हमें और भी होता है एहसास इस बात का कि परमेश्वर कितना प्रिय और मनोहर है; न्याय का अनुभव करके हम शुद्ध हो जाते हैं, ईमानदार इंसान बन जाते हैं जिनमें परमेश्वर आनंदित होता है। हम परमेश्वर के पूरे प्यार का आनंद लेते हैं, और हम हमेशा गाते हैं परमेश्वर के लिए स्तुति के गीत।

3 न्याय पहले ही परमेश्वर के घर से शुरू हो चुका है, और उसके लोगों का न्याय किया जा रहा है, उन्हें शुद्ध बनाया जा रहा है। कठिनाइयों में हम समर्पित बने रहते हैं और अपना कर्तव्य निभाते हैं, परमेश्वर की ज़ोरदार गवाही बनते हैं। कई सालों के कष्टों और परीक्षणों के माध्यम से, परमेश्वर ने पहले ही विजेताओं का एक समूह बना दिया है, परमेश्वर ने शैतान को हरा दिया है और महिमा प्राप्त की है, और अपनी सर्वशक्तिमता और बुद्धि को पूरी तरह से प्रकट किया है। राज्य के सुसमाचार ने ऐसा वैभव पा लिया है जो पहले नहीं था। उसका महान काम अब हर तरह से पूरा हो गया है और उसकी धार्मिकता प्रशंसा के योग्य है। परमेश्वर का पवित्र नाम दूर-दूर तक ऊँचा उठाया जाता है। परमेश्वर का राज्य पृथ्वी पर प्रकट हुआ है और उसके लोग नृत्य करते हैं और नए गीत गाते हैं। सभी राष्ट्र, सभी लोग परमेश्वर की स्तुति करते हैं, और वे हमेशा परमेश्वर की स्तुति के गीत गाते हैं। परमेश्वर का राज्य पृथ्वी पर प्रकट हुआ है और उसके लोग नृत्य करते हैं और नए गीत गाते हैं। सभी राष्ट्र, सभी लोग परमेश्वर की स्तुति करते हैं, और वे हमेशा गाते हैं परमेश्वर के लिए स्तुति के गीत।

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