889 चूँकि परमेश्वर मनुष्यों को बचाता है, वह उन्हें पूर्ण रूप से बचायेगा

I

चूँकि मानव को परमेश्वर ने बनाया, उसकी रहनुमाई वो करेगा;

चूँकि वो उसे बचाता है,

वो उसे पूरी तरह हासिल करेगा और बचायेगा;

चूँकि वो करता है रहनुमाई मानव की,

उसे सही मंज़िल तक भी वो लाएगा।

चूँकि मानवों को सृजा था परमेश्वर ने,

और उनका प्रबंधन भी वही करता है,

उनके भविष्य और नियति की ज़िम्मेदारी

भी लेनी होगी उसे अपने कांधों पे।

यही है वो कार्य जो सृष्टिकर्ता करता है।

हाँ, सच है कि मानवजाति के भविष्य की आशा को दूर करके ही

विजय कार्य हासिल किया जाता है,

फिर भी परमेश्वर ने बनाई जो मंज़िल मनुष्यों के लिए,

उस तक उन्हें पहुंचाया जायेगा, अंत में।

चूँकि परमेश्वर मानव को ढालता है,

इसलिए तो उसके पास एक मंज़िल है,

और एक भविष्य जो सुनिश्चित है, और एक भविष्य जो सुनिश्चित है।

II

बजाय उस मंज़िल के जो उसे प्रदान की जानी है,

जिसकी इच्छा और अनुसरण मनुष्य करता है, वे हैं वो चाहतें,

जो होती हैं देह की असंयत लालसाओं को पाने की कोशिश में।

दूसरी ओर, परमेश्वर ने तैयार किया है मनुष्य के लिए जो,

वे आशीषें और वायदे हैं जो मिलेंगे मनुष्य को जब शुद्ध हो जायेगा वो।

दुनिया की सृष्टि के बाद मानव के लिए,

परमेश्वर ने की थी इसकी तैयारी।

उन आशीषों और वायदों पर नहीं पड़ी है मनुष्य की देह या,

उसके चुनाव, कल्पना और धारणा की काली छाया।

मंज़िल की तैयारी नहीं की गयी है किसी एक इंसान के लिए,

पर है ये विश्राम का स्थान पूरी मानवजाति के लिए।

यही है सबसे उपयुक्त मंज़िल,

है सबसे उपयुक्त मंज़िल मानवजाति के लिए,

है सबसे उपयुक्त मंज़िल मानवजाति के लिए।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 888 इंसान के लिए परमेश्वर के प्रेम की कोई सीमा नहीं होती

अगला: 890 मसीह का सार प्रेम है

अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें