425 जो परमेश्वर के सामने शांत रहते हैं, केवल वही जीवन पर ध्यान केंद्रित करते हैं

1

शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने,

मुक्त हो पाते हैं वे संसारी बंधनों से, अपना सकता है परमेश्वर उन्हें।

नहीं रह सकता शांत जो परमेश्वर के सामने,

आवारा है, निरंकुश है ऐसा इंसान।

पूरी तरह डूबा है भोगों में ऐसा इंसान।

शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने,

तरसते हैं परमेश्वर के लिये, श्रद्धालु हैं ऐसे इंसान।

शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने,

हैं वे जिन्हें परवाह है ज़िंदगी की, और करते हैं संगति आत्मा में।

शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने,

प्यासे हैं ऐसे लोग परमेश्वर के वचनों के।

करते हैं अनुसरण सत्य का वे लोग।

2

अनदेखा करते हैं शांत रहना जो लोग परमेश्वर के सामने,

अमल नहीं करते जो लोग इस पर, बेकार हैं वो लोग

फँसे हैं मोह में पूरी तरह संसार के।

जीवन नहीं है उनका, जीवन से वंचित हैं वे लोग।

भले ही दावा करें वे परमेश्वर में आस्था का,

मगर सच्ची नहीं है आस्था उनकी,

महज़ खोखले शब्द हैं आसानी से बोले गए।

शांत रह सकते हैं जो लोग, बनाता है पूर्ण उन्हें परमेश्वर।

महान आशीषों का अनुग्रह पाते हैं वे लोग।

परमेश्वर के वचनों को कभी-कभार ही खाते-पीते हैं जो लोग,

लेन-देन पर ध्यान देते हैं, जीवन प्रवेश की परवाह नहीं करते जो लोग,

भविष्य नहीं है जिनका, ऐसे ढोंगी हैं वे लोग।

सचमुच संगति कर सकते जो परमेश्वर से,

और शांत रह सकते हैं जो सामने उसके,

हैं वही परमेश्वर के लोग, हैं वही परमेश्वर के लोग।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने के बारे में' से रूपांतरित

पिछला: 424 परमेश्वर की ओर देखना और उस पर भरोसा करना सबसे महान बुद्धिमत्ता है

अगला: 426 परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत करने पर तुम्हें ध्यान देना चाहिए

परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें