616 दो सिद्धांत जिन्हें अगुवाओं और कर्मियों कोअवश्य ग्रहण करना चाहिए

1 अपने कार्य में, कलीसिया के अगुवाओं और कार्यकर्ताओं को दो चीज़ों पर ध्यान अवश्य देना चाहिए: एक यह कि उन्हें ठीक कार्य प्रबंधनों के द्वारा निर्धारित सिद्धान्तों के अनुसार ही कार्य करना चाहिए, इन सिद्धान्तों का कभी भी उल्लंघन नहीं करना चाहिए, और अपने कार्य को ऐसी किसी भी चीज़ पर जिसकी वे कल्पना कर सकते हैं या अपनी स्वयं की मंशाओं पर आधारित नहीं करना चाहिए। जो कुछ भी वे करें, उन्हें परमेश्वर के परिवार के कार्य के लिए चिंता दिखानी चाहिए, और हमेशा इसके हित को सबसे पहले रखना चाहिए। दूसरी बात जो मुख्य है, और वह है कि जो कुछ भी वे करें उसमें पवित्र आत्मा के मार्गदर्शन का पालन करने के लिए ध्यान अवश्य केन्द्रित करना चाहिए, और परमेश्वर के वचन का कड़ाई से पालन करते हुए हर चीज़ को करें।

2 यदि तुम तब भी पवित्र आत्मा के मार्गदर्शन के विरुद्ध जाने में सक्षम हो, या यदि तुम जिद्दी बनकर अपने स्वयं के मतों का पालन करते हो और अपनी स्वयं की कल्पना के अनुसार कार्य करते हैं, तो तुम्हारे कृत्य परमेश्वर के प्रति एक अति गंभीर विरोध का निर्माण करते हैं। प्रबुद्धता और पवित्र आत्मा की अगुवाई से लगातार पीछे लौटना केवल अंधी गली की ओर ले जाएगा। यदि तुम पवित्र आत्मा के कार्य को गँवा देते हो, तो तुम कार्य नहीं कर पाओगे, और यहाँ तक कि यदि तुम कार्य करने का प्रबंध कर भी लेते हो, तो तुम कार्यान्वित कुछ नहीं करोगे। कार्य करते समय पालन करने के लिए ये दो सिद्धान्त हैं: एक है कार्य को ऊपर से प्राप्त प्रबंधनों के अनुसार ही सटीकता से करना, और साथ ही ऊपर से तय किये गए सिद्धान्तों के अनुसार कार्य को करना है। और दूसरा बिन्दु है भीतर बसे पवित्र आत्मा के द्वारा दिये गए मार्गदर्शन का पालन करना है। जब एक बार इन दोनों बिन्दुओं को अच्छी तरह से समझ लिया जाता है, तो तुम आसानी से ग़लतियाँ नहीं करोगे।

— "मसीह की बातचीतों के अभिलेख" में "अगुआओं और कार्यकर्ताओं के काम करने के मुख्य सिद्धान्त" से रूपांतरित

पिछला: 615 परमेश्वर द्वारा इस्तेमाल के योग्य कैसे हों

अगला: 617 मनुष्यों के लिए परमेश्वर का अनुस्मारक

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें