735 परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का ज़रूरी रास्ता

I

ईश्वर का भय मानने का अर्थ नहीं

अनजान डर, बच निकलना, मूर्ति पूजन या अंधविश्वास।

बल्कि, ईश्वर का भय मानने का अर्थ है

प्रशंसा, विश्वास, सम्मान, समझ, देखभाल, आज्ञापालन करना।

ये है पवित्रीकरण, प्रेम, पूर्ण आराधना,

प्रतिदान, समर्पण बिन शिकायत के।


II

बिन परमेश्वर के सच्चे ज्ञान के,

मानव नहीं कर सकता विश्वास या प्रशंसा,

न समझ सकता न परवाह या आज्ञापालन कर सकता है,

पर भर जाएगा ख़ौफ़ और बेचैनी से,

भरा होगा संदेह, ग़लतफ़हमी से,

भागने की प्रवृत्ति और टालना चाहने से।

बिन परमेश्वर के सच्चे ज्ञान के

पवित्रीकरण और प्रतिदान नहीं हो सकता,

और मानवता नहीं कर सकेगी आराधना

और समर्पण जो कि है सच्चा,

सिर्फ़ अंधा मूर्ति-पूजन

पूर्ण अंधविश्वास से ज़्यादा कुछ भी नहीं।


III

परमेश्वर के सच्चे ज्ञान से ही,

उसके मार्ग पर चले, भय माने, बदी से दूर रहे इंसान।

उसके बिन, वो जो भी करेगा, भरा होगा

विद्रोह और अवज्ञा से

निंदा के आरोपों से,

उसके बारे में ग़लत राय से,

सत्य और ईश्वर के वचनों के सही अर्थ के ख़िलाफ़

दुष्ट आचरण से।

लेकिन ईश्वर में सच्चे विश्वास के साथ,

वो जानेगा कैसे अनुगमन किया जाए ईश्वर का।

केवल तभी मानव समझ पाएगा,

परमेश्वर को, उसकी परवाह करना शुरू करेगा।


IV

परमेश्वर की सच्ची परवाह के संग ही

मानव सच्ची आज्ञाकारिता पा सकता है।

और आज्ञाकारिता से प्रवाहित होगा

परमेश्वर के लिए पवित्रीकरण,

और ऐसे असली पवित्रीकरण से,

पा सकता है मानव प्रतिदान जो बेशर्त हो।

सिर्फ़ इस तरह मानव ईश्वर का सार,

स्वभाव, और वह कौन है जान सकता है।

जब वो सर्जक को जानेगा,

तब वास्तविक आराधना और समर्पण उमड़ेंगे।

सिर्फ़ जब ये मौजूद हैं तभी

मानव सच में दूर हो सकता है अपने बुरे मार्गों से।


V

और ये चीज़ें "ईश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने" की

पूरी प्रक्रिया का गठन करती हैं

और अपनी सम्पूर्णता में "ईश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने" की

विषयवस्तु भी हैं।

ये मार्ग है जिसपर चलने की ज़रूरत है

वो बनने के लिए जो ईश्वर का भय मानता और बदी से दूर रहता है।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 734 जब तुम परमेश्वर से अपेक्षाएं रखते हो तो तुम उसकी अवहेलना भी कर सकते हो

अगला: 736 परमेश्वर का भय मानने से ही बुराई दूर रह सकती है

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें