800 परमेश्वर को जानकर ही कोई उसका भय मान सकता है और बुराई से दूर रह सकता है

I

बुराई त्यागने को, तुम्हें भय ईश्वर का मानना होगा।

भय प्राप्त करने को, तुम्हें ईश्वर को जानना होगा।

ईश्वर को जानने को तुम्हें अभ्यास वचनों का करना होगा,

उसके अनुशासन और न्याय को महसूस करना होगा।

ईश्वर का भय और बुराई का त्याग असंख्य संबंध के धागों से,

जुड़ा है परमेश्वर के ज्ञान से।

केवल ईश्वर को जो जान सके वही उसका भय करे और बुराई से दूर रहे।

II

ईश्वर के वचनों का अभ्यास करने को,

तुम्हें परमेश्वर और उसके वचनों के रूबरू होना होगा।

परिवेश सजाने की ईश्वर से करो याचना

ताकि तुम उसके वचनों का अनुभव करो।

ईश्वर का भय और बुराई का त्याग असंख्य संबंध के धागों से,

जुड़ा है परमेश्वर के ज्ञान से।

केवल ईश्वर को जो जान सके वही उसका भय करे और बुराई से दूर रहे।

III

ईश्वर के वचनों के रूबरू होने को,

तुम्हें होगा रखना एक सच्चा दिल और इच्छा सच को स्वीकारने की।

सच्चा जीव होने की अभिलाषा की इसमें आवश्यकता है,

सहने की और बुराई को त्यागने की इच्छा की।

ईश्वर का भय और बुराई का त्याग असंख्य संबंध के धागों से,

जुड़ा है परमेश्वर के ज्ञान से।

केवल ईश्वर को जो जान सके वही उसका भय करे।

ईश्वर का भय और बुराई का त्याग असंख्य संबंध के धागों से,

जुड़ा है परमेश्वर के ज्ञान से।

केवल ईश्वर को जो जान सके वही उसका भय करे और बुराई से दूर रहे।

IV

आगे बढ़ो, ईश्वर के क़रीब, तुम्हारे अस्तित्व का मूल्य बढ़ जाएगा।

और पवित्र तुम्हारा दिल बनेगा, जीवन तुम्हारा सार्थक और उज्ज्वल होगा।

ईश्वर का भय और बुराई का त्याग असंख्य संबंध के धागों से,

जुड़ा है परमेश्वर के ज्ञान से।

केवल ईश्वर को जो जान सके वही उसका भय करे।

ईश्वर का भय और बुराई का त्याग असंख्य संबंध के धागों से,

जुड़ा है परमेश्वर के ज्ञान से।

केवल ईश्वर को जो जान सके वही उसका भय करे और बुराई से दूर रहे।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 799 अंतिम परिणाम जिसे हासिल करना परमेश्वर के कार्य का लक्ष्य है

अगला: 801 केवल ईश्वर को जानकर ही इंसान ईश्वर से प्रेम कर सकता है

अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें