274 इंसान को सौभाग्य के लिये करनी चाहिये परमेश्वर की आराधना

1

परमेश्वर ने रची दुनिया और ये मानवता।

वह था पुरानी यूनानी और इंसानी सभ्यता का रचयिता।

केवल परमेश्वर देता इंसान को दिलासा।

बस वही दिन और रात करता मानवता की चिंता।

इंसान का विकास और प्रगति नहीं हो सकती अलग प्रभु की सत्ता से।

उसका इतिहास और भविष्य है गुंथा हुआ परमेश्वर के इरादों में।

2

अगर तुम हो सच्चे ईसाई, तो करोगे इस पर विश्वास निश्चय ही,

कि किसी वतन का उठना और गिरना, होता है प्रभु के इरादों से ही।

बस परमेश्वर ही जानता है किस्मत वतन की।

सिर्फ वो ही जानता है मानवता किस ओर जायेगी।

वतन या इंसान, गर चाहे खुशकिस्मती,

सर झुकाकर करनी होगी परमेश्वर की भक्ति,

सर झुकाकर करनी होगी परमेश्वर की भक्ति।

परमेश्वर के आगे गर जो इंसान न पछतायेगा,

उसकी मंजिल और किस्मत का अंजाम होगा बस बर्बादी।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर संपूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियंता है' से रूपांतरित

पिछला: 273 मानव का अस्तित्व परमेश्वर पर निर्भर है

अगला: 275 परमेश्वर सभी राष्ट्रों और लोगों का भाग्यविधाता है

परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें