722 देहधारी परमेश्वर की आज्ञा का पालन करो और पूर्ण हो जाओ

1

देहधारी परमेश्वर पाना चाहता है उन्हें, उसकी इच्छा के अनुरूप हैं जो।

ना तुम जियो अनिश्चितता में, उसके कार्य का पालन करो।

स्वर्ग में जो परमेश्वर है, उसके विचारों में उलझे न रहो।

देहधारी परमेश्वर के लिए, बातें न मुश्किल बनाओ।

जो उसे मानते हैं, वे उसकी सारी योजनाओं को मानते हैं।

जो उसे मानते हैं, वे उसके वचनों को सुनते हैं।

स्वर्ग का परमेश्वर कैसा है, क्या करता है, इससे फर्क उन्हें नहीं पड़ता है,

वे तो अपना पूरा दिल देते हैं उस परमेश्वर को जो धरती पर है।

उसके सामने अपना पूरा अस्तित्व वे रखते हैं।

अपनी सुरक्षा का ख़याल वो नहीं करते हैं।

देहधारी परमेश्वर की सामान्यता, व्यावहारिकता को लेकर,

तूफ़ान वो खड़ा नहीं करते हैं।

देहधारी परमेश्वर का आज्ञापालन करते हैं जो, पूर्ण किये जा सकते हैं वो,

स्वर्ग के परमेश्वर में विश्वास करते हैं जो, कुछ भी नहीं पाते हैं वो।

क्योंकि जो इन्सान से करता वादा, जो उन पर आशीष बरसाता,

स्वर्ग का परमेश्वर नहीं, धरती का परमेश्वर है वो।

2

सही नहीं है स्वर्ग के परमेश्वर को बड़ा बनाना,

धरती के परमेश्वर को मामूली समझना।

स्वर्ग का परमेश्वर है महान, अद्भुत और बुद्धिमान।

लेकिन इस परमेश्वर का कोई अस्तित्व नहीं।

धरती पर है जो परमेश्वर, है मामूली और महत्वहीन,

है बड़ा साधारण, दिखाता कोई अद्भुत कर्म नहीं,

उसके पास असाधारण मन भी नहीं।

सामान्य, व्यवहारिक है उसका बोलने, काम करने का तरीका।

हाँ, वो नहीं बोलता बिजली की गरज द्वारा, हवा, बारिश को आज्ञा नहीं देता,

पर वो वास्तव में स्वर्ग के परमेश्वर का देहधारण है,

इंसानों के बीच में रहने वाला परमेश्वर है।

देहधारी परमेश्वर का आज्ञापालन करते हैं जो, पूर्ण किये जा सकते हैं वो,

स्वर्ग के परमेश्वर में विश्वास करते हैं जो, कुछ भी नहीं पाते हैं वो।

क्योंकि जो इन्सान से करता वादा, जो उन पर आशीष बरसाता,

स्वर्ग का परमेश्वर नहीं, धरती का परमेश्वर है वो।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'जो परमेश्वर से सचमुच प्यार करते हैं, वे वो लोग हैं जो परमेश्वर की व्यावहारिकता के प्रति पूर्णतः समर्पित हो सकते हैं' से रूपांतरित

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