165 कोई भी परमेश्वर के आगमन से अवगत नहीं है

कोई ईश्वर के आगमन से अवगत नहीं,

उसके आगमन का कोई स्वागत न करे,

न कोई ये जाने वो क्या करेगा।

इंसान का जीवन वैसा ही रहता

उसका दिल भी बदलता नहीं।


1

ईश्वर हमारे बीच जीता है आम इंसान की तरह,

एक साधारण विश्वासी, अनुयायी।

उसके अपने लक्ष्य और प्रयास हैं;

पर उसमें दिव्यता है जो आम इंसान में नहीं।

किसी ने उसकी दिव्यता पर ध्यान न दिया,

उसके और इंसान के सार का अंतर न देखा।


हम उसके साथ भयमुक्त और आज़ाद होकर जीते हैं,

क्योंकि हम उसे आम विश्वासी समझते हैं।

वो हमारी सारी क्रिया, विचार और खयाल देखे।

कोई न सोचे, वो क्या करता है, यहाँ क्यों है,

वो कौन है, इसे लेकर किसी को संदेह नहीं।

इससे अनजान रहकर हम अपने प्रयास में लगे रहते।


लेकिन ये आम इंसान, जो भीड़ में छुपा

नया काम कर रहा हमें बचाने का।

वो अब अक्सर बोलने लगा।

उसके वचन दया दिखाते पर हमें डराते भी हैं।

उसका स्वर मृदु से लेकर गंभीर और प्रचंड है,

वो सांत्वना, चेतावनी देता,

अनुशासित और आग्रह करता।

उसके वचन हमारे राज़ खोलते,

हमारे दिल को भेदे, आत्मा पर चोट करे

जिससे हम ऐसे शर्मसार होते कि सह न पाते,

मुँह छिपाने को जगह ढूँढ़ते।


2

यह मामूली-सा इंसान, हमारे बिन जाने,

कदम-दर-कदम ईश्वर के काम में ले गया हमें।

हम परीक्षणों, ताड़ना से गुज़रते, मृत्यु परीक्षा लेती।

हम ईश-प्रेम और दया का आनंद लेते,

उसकी धार्मिकता को जानते;

उसकी मनोहरता देखते,

उसका सामर्थ्य और बुद्धि महान है,

इंसान को बचाने की ईश्वर की आतुर इच्छा देखते।


हम इस आम इंसान के वचनों से समझते

ईश्वर की इच्छा, उसका सार और स्वभाव,

इंसान की प्रकृति और उसका सार,

देख पाते उद्धार और पूर्णता का मार्ग।


इस क्षण से हमारा मन जाग गया है,

हमारी आत्मा पुनर्जीवित-सी लगे:

जिस इंसान को हमने नकारा, जो हमारे बीच रहे

क्या वो प्रभु यीशु मसीह नहीं,

जो सोते-जागते खयालों में रहे?

वो हमारा ईश्वर है, हाँ, वही है!

वो सत्य, मार्ग और जीवन है!

हमारा पुनर्जन्म होता, हम सच में रोशनी देखते हैं।

ईश्वर के आमने-सामने, फिर से उसके सिंहासन के आगे,

हमने उसका चेहरा और आगे का मार्ग देखा है।


—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, परिशिष्ट 4: परमेश्वर के प्रकटन को उसके न्याय और ताड़ना में देखना से रूपांतरित

पिछला: 164 अंत के दिनों में परमेश्वर के देहधारण के पीछे का उद्देश्य

अगला: 166 दो हज़ार सालों की अभिलाषा

परमेश्वर का आशीष आपके पास आएगा! हमसे संपर्क करने के लिए बटन पर क्लिक करके, आपको प्रभु की वापसी का शुभ समाचार मिलेगा, और 2024 में उनका स्वागत करने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

परमेश्वर का प्रकटन और कार्य परमेश्वर को जानने के बारे में अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन सत्य के अनुसरण के बारे में I न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सत्य वास्तविकताएं जिनमें परमेश्वर के विश्वासियों को जरूर प्रवेश करना चाहिए मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें